एक आवेशित पानी की बूँद की त्रिज्या $0.1\,\mu m$ है। यह बूँद एक विद्युत क्षेत्र में साम्यावस्था में है। यदि इस पर एक इलेक्ट्रॉन के बराबर आवेश है तो विद्युत क्षेत्र की तीव्रता........$N/C$ होगी
$1.61$
$26.2$
$262$
$1610$
एक पेण्डुलम के गोलक का द्रव्यमान $30.7 \times {10^{ - 6}}\,kg$ है। एवं इस पर आवेश $2 \times {10^{ - 8}}\,C$ है। यह पेण्डुलम $20000\, V/m$ के एकसमान विद्युत क्षेत्र में संतुलन में है। पेण्डुलम के धागे में तनाव होगा $(g = 9.8\,m/{s^2})$
किसी सपाट वृत्तीय चकती पर आवेश $ + Q$ एकसमान वितरित है। आवेश$ + q$ को $E$ गतिज ऊर्जा से चकती की ओर, इसके लम्बवत् अक्ष के अनुदिश फेंका जाता है। आवेश $q$
$5\,\mu C$ के बिन्दु आवेश से $80$ सेमी. दूर किसी बिन्दु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता होगी
वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता का परिमाण $E$ इस प्रकार है कि उसमें रखे इलेक्ट्रॉन पर उसके भार के तुल्य बल लगता है। यह वैद्युत क्षेत्र होगा
$\sigma$ सतह आवेश घनत्व से $R$ त्रिज्या की समानरूप से आवेशित एक चकती $x-y$ तल में रखी है, जिसका केन्द्र मूलबिन्दु पर है। $z$-अक्ष के अनुदिश मूल बिन्दु से $Z$ दूरी पर विधुत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिए।