एक वैद्युत आवेश ${q_1}$, एक अन्य आवेष ${q_2}$ पर बल आरोपित करता है। यदि एक तृतीय आवेष ${q_3}$ निकट लाया जाता है, तो आवेष ${q_1}$ द्वारा आवेश ${q_2}$ पर लगने वाला बल
घटता है
बढ़ता है
अपरिवर्तित रहता है
बढ़ता है, यदि ${q_3}$ और ${q_1}$ दोनों एक ही प्रकार के हैं तथा घटता है, यदि ${q_3}$ एवं ${q_1}$ विपरीत प्रकार के होते हैं
शुद्ध जल का परावैद्युतांक $81$ है, तो इसकी वैद्युतशीलता होगी
चित्रानुसार, चार आवेशों को वर्ग $ABCD$ के कोनों पर रखा गया है। केन्द्र $O$ पर रखे आवेश पर बल हैं
चित्र में दिखाए अनुसार धनात्मक बिंदु आवेशों को एक तारा-आकार के शीर्षों पर रखा जाता है। तारे के केंद्र $O$ पर स्थित एक ॠणात्मक बिंदु आवेश पर स्थिर वैद्युत बल की दिशा क्या होगी ?
जब इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के बीच $1.6 \,\dot{A}$ की दूरी है, तो उन दोनों के बीच अन्योन्य आकर्षण के कारण इलेक्ट्रॉन का त्वरण होता है,
$\left(m_{e} \simeq 9 \times 10^{-31}\, kg , \quad e=1.6 \times 10^{-19}\, C \right)$
(लीजिए $\left.\frac{1}{4 \pi \epsilon_{0}}=9 \times 10^{9}\, N\,m ^{2}\, C ^{-2}\right)$
$R$ त्रिज्या वाले चालक गोले पर आवेश $q$ तथा $2R$ त्रिज्या वाले चालक गोले पर आवेश $-2q$ है। यदि इन्हें एक तार से आपस में सम्पर्कित कर दें तो इनके मध्य प्रवाहित आवेश होगा