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Optical isomerism Questions in Hindi

Class 11 Chemistry · 8-2.Organic Chemistry : Isomerism · Optical isomerism

338+

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100%

With Solutions

Showing 50 of 338 questions in Hindi

201
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाशिक सक्रियता (optical activity) प्रदर्शित कर सकता है?
A
$CH_3-CH_2-CH_2-CH_2-OH$
B
$CH_3-CH_2-CH(OH)-CH_3$
C
$CH_3-CH(CH_3)-CH_2-OH$
D
$(CH_3)_3C-OH$

Solution

(B) प्रकाशिक सक्रियता उन अणुओं द्वारा प्रदर्शित की जाती है जिनमें कम से कम एक कायरल (chiral) कार्बन परमाणु होता है (एक कार्बन परमाणु जो चार अलग-अलग समूहों से बंधा होता है)।
$CH_3-CH_2-CH(OH)-CH_3$ (ब्यूटेन-$2$-ऑल) में,दूसरा कार्बन परमाणु कायरल है क्योंकि यह चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा है: $-H$,$-OH$,$-CH_3$,और $-C_2H_5$।
202
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक प्रकाशिक सक्रियता दर्शाता है?
A
$1,4$-डाइमिथाइलसाइक्लोहेक्सेन
B
$1,3$-डाइमिथाइलबेन्जीन
C
$1,3$-डाइऑक्सेन-$5$-ओल
D
$2$-(हाइड्रॉक्सीमिथाइल)टेट्राहाइड्रो-$2H$-पायरान-$4$-ओल

Solution

(D) एक यौगिक प्रकाशिक रूप से सक्रिय होता है यदि उसमें सममिति का तल (plane of symmetry) और सममिति का केंद्र (center of symmetry) दोनों अनुपस्थित हों।
विकल्प $D$ एक कायरल अणु को दर्शाता है जिसमें कोई सममिति का तल या केंद्र नहीं होता है,जिससे यह प्रकाशिक रूप से सक्रिय हो जाता है।
अन्य विकल्पों ($A$,$B$,और $C$) में सममिति का तल मौजूद है,जिससे वे प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय हैं।
203
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाशिक समावयवता (optical isomerism) प्रदर्शित नहीं करेगा?
A
$Cl-CH=C=CH-Cl$
B
$Br-CH=C=CH-Br$
C
$CH_3-CH=C=CH-CH_3$
D
$CH_3-CH=C=CH-Cl$

Solution

(D) एलीन $(>C=C=C < )$ के लिए प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करने हेतु,प्रत्येक टर्मिनल कार्बन परमाणु पर प्रतिस्थापी भिन्न होने चाहिए।
दिए गए विकल्पों में:
$A$) $Cl-CH=C=CH-Cl$: टर्मिनल कार्बनों पर प्रतिस्थापी $(H, Cl)$ और $(H, Cl)$ समान हैं,अतः यह प्रकाशिक रूप से अक्रिय है।
$B$) $Br-CH=C=CH-Br$: यह भी प्रकाशिक रूप से अक्रिय है।
$C$) $CH_3-CH=C=CH-CH_3$: यह भी प्रकाशिक रूप से अक्रिय है।
$D$) $CH_3-CH=C=CH-Cl$: यहाँ,एक टर्मिनल कार्बन पर $(CH_3, H)$ और दूसरे पर $(Cl, H)$ है। चूँकि दोनों टर्मिनल कार्बनों पर प्रतिस्थापी भिन्न हैं,इसलिए यह अणु कायरल (chiral) है और प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करेगा।
प्रश्न के अनुसार,विकल्प $D$ प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करता है।
204
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन प्रकाशिक सक्रियता नहीं दिखाएगा?
A
$Cl-CH=C=CH-Cl$
B
$Br-CH=C=CH-Br$
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) प्रकाशिक सक्रियता के लिए एक अणु का कायरल (chiral) होना आवश्यक है,जिसका अर्थ है कि इसमें सममिति का तल,व्युत्क्रमण का केंद्र या अनुचित घूर्णन अक्ष का अभाव होना चाहिए।
$A$. $Cl-CH=C=CH-Cl$ एक एलीन है जिसमें प्रत्येक टर्मिनल कार्बन पर अलग-अलग समूह हैं,जो इसे कायरल और प्रकाशिक रूप से सक्रिय बनाता है।
$B$. $Br-CH=C=CH-Br$ एक एलीन है जिसमें प्रत्येक टर्मिनल कार्बन पर अलग-अलग समूह हैं,जो इसे कायरल और प्रकाशिक रूप से सक्रिय बनाता है।
$C$. मीसो-टार्टरिक एसिड में अणु से गुजरने वाला सममिति का तल होता है,जो इसे अकिरल (achiral) और प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय बनाता है।
$D$. न्यूमैन प्रोजेक्शन एक ऐसे अणु को दर्शाता है जिसमें सममिति के तल का अभाव है और यह कायरल है,इसलिए यह प्रकाशिक रूप से सक्रिय है।
अतः,सही उत्तर $C$ है।
205
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन से यौगिक प्रकाशिक सक्रिय (optically active) हैं?
$(I)$ $1,1$-डाइमिथाइल-$4$-क्लोरोसाइक्लोहेक्सेन
$(II)$ $4$-क्लोरोसाइक्लोहेक्स-$1$-ईन
$(III)$ पेंटा-$2,3$-डाईईन
A
$I$ और $III$
B
$I$ और $II$
C
$II$ और $III$
D
$I$,$II$,और $III$

Solution

(C) एक यौगिक प्रकाशिक सक्रिय होता है यदि उसमें सममिति का तल (plane of symmetry) और व्युत्क्रमण का केंद्र (center of inversion) न हो (अर्थात,वह कायरल हो)।
$(I)$ $1,1$-डाइमिथाइल-$4$-क्लोरोसाइक्लोहेक्सेन: इस अणु में $C1$ और $C4$ परमाणुओं से गुजरने वाला एक सममिति का तल है। इसलिए,यह अकिरल (achiral) और प्रकाशिक निष्क्रिय है।
$(II)$ $4$-क्लोरोसाइक्लोहेक्स-$1$-ईन: $C4$ परमाणु चार अलग-अलग समूहों ($-H$,$-Cl$,और वलय के चारों ओर दो अलग-अलग रास्ते) से जुड़ा है। इस प्रकार,$C4$ एक कायरल केंद्र है। अणु में सममिति का तल नहीं है और यह प्रकाशिक सक्रिय है।
$(III)$ पेंटा-$2,3$-डाईईन: यह एक एलीन (allene) है जिसमें द्वि-आबंधों की संख्या सम है। टर्मिनल कार्बन इस तरह से प्रतिस्थापित हैं कि अणु में सममिति का तल या व्युत्क्रमण का केंद्र नहीं होता है। यह अक्षीय रूप से कायरल (axially chiral) है और प्रकाशिक सक्रिय है।
अतः,यौगिक $(II)$ और $(III)$ प्रकाशिक सक्रिय हैं।
206
MediumMCQ
दिए गए यौगिक में कायरल केंद्रों की संख्या है
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$5$

Solution

(C) एक कायरल केंद्र वह कार्बन परमाणु है जो चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा होता है।
दी गई संरचना में,हम प्रत्येक कार्बन परमाणु का विश्लेषण करते हैं:
$1$. साइक्लोहेक्सेन रिंग में साइड चेन से जुड़े दो कार्बन कायरल हैं क्योंकि वे अलग-अलग समूहों से जुड़े हैं।
$2$. क्लोरीन परमाणु से जुड़ा कार्बन परमाणु कायरल है क्योंकि यह हाइड्रोजन,क्लोरीन,साइक्लोहेक्सेन रिंग और ब्रोमीन वाले कार्बन से जुड़ा है।
$3$. ब्रोमीन परमाणु से जुड़ा कार्बन परमाणु कायरल है क्योंकि यह हाइड्रोजन,ब्रोमीन,मिथाइल समूह और क्लोरीन वाले कार्बन से जुड़ा है।
इस प्रकार,यौगिक में $4$ कायरल केंद्र हैं।
207
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय (optically inactive) है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) एक प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय यौगिक वह है जो ध्रुवीकृत प्रकाश के तल को नहीं घुमाता है।
$A$: एक मेसो-यौगिक में कायरल केंद्र होते हैं लेकिन इसमें सममिति का एक आंतरिक तल होता है,जो अणु को अकायरल और प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय बनाता है।
$B$: cis$-1,2-$cyclohexanediol में अणु से गुजरने वाला सममिति का एक तल होता है,जो इसे अकायरल और प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय बनाता है।
$C$: एक स्टीरियोसेंटर वाला कायरल अणु हमेशा प्रकाशिक रूप से सक्रिय होता है।
अतः,$A$ और $B$ दोनों प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय हैं।
208
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाशिक सक्रिय (optically active) होगा?
A
$CH_2=C=CH_2$
B
$4,4'$-डाइफ्लोरोबाइफिनाइल
C
$CH_3-CH=C=CH-CH_3$
D
$2,3$-डाइहाइड्रॉक्सीब्यूटेन (जैसा कि संरचना में दिखाया गया है)

Solution

(C) एक अणु प्रकाशिक सक्रिय होता है यदि उसमें सममिति का तल,सममिति का केंद्र और सममिति की वैकल्पिक अक्ष का अभाव हो।
$1$. $CH_2=C=CH_2$ (एलीन) अकिरल है क्योंकि इसमें सममिति का तल होता है।
$2$. $4,4'$-डाइफ्लोरोबाइफिनाइल अकिरल है क्योंकि इसमें सममिति का तल मौजूद है।
$3$. $CH_3-CH=C=CH-CH_3$ (पेंटा-$2,3$-डाईन) किरल है क्योंकि इसके टर्मिनल कार्बनों पर अलग-अलग समूह जुड़े होते हैं और अणु में सममिति का तल नहीं होता है।
$4$. विकल्प $D$ में दिखाई गई संरचना $2,3$-डाइहाइड्रॉक्सीब्यूटेन है,जो प्रकाशिक सक्रिय हो सकती है।
209
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाशिक सक्रिय (optically active) है?
A
$2,2'-dibromo-6,6'-diiodobiphenyl$
B
$butan-2-ol$
C
$N,N-methylethylisopropylammonium \ hydroxide$
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) $1$. $2,2'-dibromo-6,6'-diiodobiphenyl$ दो बेंजीन रिंगों को जोड़ने वाले एकल बंधन के चारों ओर प्रतिबंधित घूर्णन (atropisomerism) के कारण प्रकाशिक सक्रिय है।
$2$. $Butan-2-ol$ $(CH_3CH(OH)CH_2CH_3)$ में एक कायरल कार्बन परमाणु होता है जो चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा होता है,जिससे यह प्रकाशिक सक्रिय हो जाता है।
$3$. $N,N-methylethylisopropylammonium \ hydroxide$ में एक कायरल नाइट्रोजन परमाणु होता है जो चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा होता है,जिससे यह प्रकाशिक सक्रिय हो जाता है।
$4$. अतः,सही विकल्प $D$ है।
210
DifficultMCQ
निम्नलिखित चार फिशर प्रोजेक्शन में से कौन सा संयोजन एनैन्टीओमर्स (enantiomers) का प्रतिनिधित्व करता है?
Question diagram
A
$I$ और $II$
B
$I$ और $III$
C
$II$ और $IV$
D
कोई नहीं

Solution

(A) यह निर्धारित करने के लिए कि क्या दो फिशर प्रोजेक्शन एनैन्टीओमर्स हैं,हम प्रत्येक संरचना में कायरल केंद्र को $R/S$ विन्यास प्रदान करते हैं।
संरचना $I$ के लिए,प्राथमिकता का क्रम है: $-OH (1) > -CH=CH_2 (2) > -CH_3 (3) > -H (4)$। $-H$ क्षैतिज बंध पर होने के कारण,दक्षिणावर्त दिशा $S$ विन्यास को दर्शाती है।
संरचना $II$ के लिए,प्राथमिकता का क्रम है: $-OH (1) > -CH=CH_2 (2) > -CH_3 (3) > -H (4)$। $-H$ क्षैतिज बंध पर होने के कारण,वामावर्त दिशा $R$ विन्यास को दर्शाती है।
चूंकि $I$ और $II$ एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब हैं जो एक-दूसरे पर अध्यारोपित नहीं होते हैं,इसलिए वे एनैन्टीओमर्स हैं।
अतः,सही संयोजन $I$ और $II$ है।
211
EasyMCQ
डाइक्लोरो एथीन ............ प्रदर्शित नहीं कर सकता है।
A
ज्यामितीय समावयवता
B
प्रकाशिक समावयवता
C
दोनों
D
कोई नहीं

Solution

(B) डाइक्लोरो एथीन $(C_2H_2Cl_2)$ तीन समावयवी रूपों में मौजूद होता है: $1,1$-डाइक्लोरो एथीन,$cis$-$1,2$-डाइक्लोरो एथीन,और $trans$-$1,2$-डाइक्लोरो एथीन।
$1,2$-डाइक्लोरो एथीन $C=C$ द्वि-आबंध के चारों ओर प्रतिबंधित घूर्णन के कारण ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है।
हालाँकि,डाइक्लोरो एथीन के सभी समावयवी समतलीय अणु होते हैं।
चूंकि उनमें सममिति का तल होता है,इसलिए वे अकिरल (achiral) होते हैं और प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित नहीं कर सकते हैं।
212
EasyMCQ
वह पदार्थ जो समतल ध्रुवित प्रकाश के तल को घुमा सकता है,उसे........ कहते हैं।
A
प्रकाशिक सक्रिय
B
ज्यामितीय समावयवी
C
चलावयवी
D
प्रतिबिंब रूप

Solution

(A) वह पदार्थ जो समतल ध्रुवित प्रकाश के तल को घुमा सकता है,उसे $Optically \ active$ (प्रकाशिक सक्रिय) पदार्थ कहा जाता है।
इस गुण को प्रकाशिक सक्रियता कहते हैं,जो अणु में कायरल केंद्र की उपस्थिति के कारण उत्पन्न होती है।
213
MediumMCQ
$n$ भिन्न असममित कार्बन परमाणुओं वाले यौगिक के लिए त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संख्या ............. होगी।
A
$2^n$
B
$2n^2$
C
$2n^{1/2}$
D
$2^{n+1}$

Solution

(A) $n$ कायरल केंद्रों (असममित कार्बन परमाणुओं) वाले अणु के लिए,जहाँ अणु सममित नहीं है,त्रिविम समावयवियों की कुल संख्या $2^n$ सूत्र द्वारा दी जाती है।
214
MediumMCQ
$CH_3CH(OH)COOH$ द्वारा प्रदर्शित समावयवता ...... है।
A
स्थान समावयवता
B
क्रियात्मक समूह समावयवता
C
प्रकाशिक समावयवता
D
सिस-ट्रांस समावयवता

Solution

(C) दिया गया यौगिक $CH_3CH(OH)COOH$ (लैक्टिक अम्ल) है।
इस अणु में,केंद्रीय कार्बन परमाणु चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा होता है: एक हाइड्रोजन परमाणु $(-H)$,एक हाइड्रॉक्सिल समूह $(-OH)$,एक मिथाइल समूह $(-CH_3)$,और एक कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह $(-COOH)$।
चूंकि केंद्रीय कार्बन एक कायरल केंद्र है,इसलिए अणु दो गैर-अध्यारोपित दर्पण प्रतिबिंबों के रूप में मौजूद हो सकता है।
इसलिए,यह प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करता है।
215
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करेगा?
A
$1, 1-$ डाइक्लोरोप्रोपेन
B
$2, 2-$ डाइक्लोरोप्रोपेन
C
$1, 3-$ डाइब्रोमोप्रोपेन
D
$1, 2-$ डाइक्लोरोप्रोपेन

Solution

(D) प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करने के लिए,यौगिक में कम से कम एक कायरल कार्बन परमाणु (चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा कार्बन) होना चाहिए।
$1, 1-$ डाइक्लोरोप्रोपेन: $CH_3-CH_2-CHCl_2$ (कोई कायरल कार्बन नहीं)
$2, 2-$ डाइक्लोरोप्रोपेन: $CH_3-CCl_2-CH_3$ (कोई कायरल कार्बन नहीं)
$1, 3-$ डाइब्रोमोप्रोपेन: $Br-CH_2-CH_2-CH_2-Br$ (कोई कायरल कार्बन नहीं)
$1, 2-$ डाइक्लोरोप्रोपेन: $CH_3-CHCl-CH_2Cl$। यहाँ,$C-2$ परमाणु एक मिथाइल समूह $(-CH_3)$,एक हाइड्रोजन परमाणु $(-H)$,एक क्लोरीन परमाणु $(-Cl)$,और एक क्लोरोमिथाइल समूह $(-CH_2Cl)$ से जुड़ा है। चूंकि चारों समूह अलग हैं,इसलिए $C-2$ एक कायरल केंद्र है।
अतः,$1, 2-$ डाइक्लोरोप्रोपेन प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करता है।
216
MediumMCQ
प्रतिबिंबियों (Enantiomers) के लिए निम्नलिखित में से कौन सा गुण गलत है?
A
समतल-ध्रुवित प्रकाश के घूर्णन को छोड़कर उनके भौतिक गुण समान होते हैं।
B
उनके जैविक गुण समान होते हैं।
C
उनके रासायनिक गुण समान होते हैं,लेकिन वे अन्य प्रकाशिक सक्रिय पदार्थों के साथ अलग तरह से प्रतिक्रिया करते हैं।
D
$d$ और $l$ समावयवियों के सममोलर मिश्रण को रेसमिक मिश्रण कहा जाता है।

Solution

(B) प्रतिबिंबी एक-दूसरे के गैर-अध्यारोपित दर्पण प्रतिबिंब होते हैं।
वे समतल-ध्रुवित प्रकाश के घूर्णन की दिशा को छोड़कर समान भौतिक गुण (जैसे गलनांक,क्वथनांक) रखते हैं।
वे अकिरल वातावरण में समान रासायनिक गुण प्रदर्शित करते हैं,लेकिन अन्य प्रकाशिक सक्रिय पदार्थों के साथ अलग तरह से प्रतिक्रिया करते हैं।
महत्वपूर्ण रूप से,प्रतिबिंबि अक्सर अलग जैविक गुण प्रदर्शित करते हैं क्योंकि जैविक प्रणालियाँ (एंजाइम,रिसेप्टर्स) किरल होती हैं।
इसलिए,यह कथन कि उनके जैविक गुण समान होते हैं,गलत है।
217
EasyMCQ
वे समावयवी जिनकी संरचनाएं एक-दूसरे के गैर-अध्यारोपणीय दर्पण प्रतिबिंब होती हैं,उन्हें ..... कहा जाता है।
A
Diastereomers
B
Mesomers
C
Enantiomers
D
Metamers

Solution

(C) वे समावयवी जो एक-दूसरे के गैर-अध्यारोपणीय दर्पण प्रतिबिंब होते हैं,उन्हें $Enantiomers$ (प्रतिबिंब रूप समावयवी) कहा जाता है।
$Diastereomers$ वे त्रिविम समावयवी हैं जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब नहीं होते हैं।
$Metamers$ वे समावयवी हैं जो क्रियात्मक समूह के दोनों ओर कार्बन परमाणुओं के असमान वितरण के कारण उत्पन्न होते हैं।
$Mesomers$ वे यौगिक हैं जिनमें कायरल केंद्र तो होते हैं लेकिन आंतरिक समतल के कारण वे प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय होते हैं।
218
EasyMCQ
प्रतिबिंबियों (Enantiomers) के अस्तित्व के लिए आवश्यक और पर्याप्त शर्त ........... है।
A
अणु में द्वि-आबंध की उपस्थिति
B
अणु में असममिति (Asymmetry)
C
असम कार्बन की उपस्थिति
D
प्रतिबिंब बनाने की प्रवृत्ति
219
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक मेसो रूप प्रदर्शित करेगा?
A
$CH_3-CH(OH)-CH(OH)-COOH$
B
$CH_3-CH_2-CHCl-CHCl-CH_3$
C
$CH_3-CH(OH)-CH(OH)-CH_3$
D
$CH_3-CH(OH)-COOH$

Solution

(C) एक मेसो यौगिक एक प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय अणु है जिसमें दो या दो से अधिक स्टीरियोसेंटर होते हैं लेकिन इसमें सममिति का एक आंतरिक तल भी होता है।
$CH_3-CH(OH)-CH(OH)-CH_3$ ($2,3$-ब्यूटेनडायोल) में,अणु एक मेसो रूप में मौजूद हो सकता है जहाँ दो कायरल कार्बन के विपरीत विन्यास ($R,S$ विन्यास) होते हैं,जो सममिति का एक आंतरिक तल बनाते हैं।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
220
MediumMCQ
$C_7H_{16}$ आण्विक सूत्र वाले यौगिक के लिए प्रकाशिक सक्रिय समावयवियों की संख्या क्या होगी?
A
$2$
B
$4$
C
$5$
D
$6$

Solution

(D) $C_7H_{16}$ आण्विक सूत्र एक एल्केन $(C_nH_{2n+2})$ है।
प्रकाशिक सक्रिय समावयवियों को खोजने के लिए,हम हेप्टेन के शाखित समावयवियों में कायरल केंद्रों की जांच करते हैं।
हेप्टेन के समावयवी हैं:
$1$. $n$-हेप्टेन (अप्रकाशिक सक्रिय)
$2$. $2$-मिथाइलहेक्सेन: $CH_3-CH(CH_3)-CH_2-CH_2-CH_2-CH_3$. $C_2$ कार्बन कायरल है। इसके $2$ प्रतिबिंब रूप हैं।
$3$. $3$-मिथाइलहेक्सेन: $CH_3-CH_2-CH(CH_3)-CH_2-CH_2-CH_3$. $C_3$ कार्बन कायरल है। इसके $2$ प्रतिबिंब रूप हैं।
$4$. $3$-इथाइलपेंटेन (अप्रकाशिक सक्रिय)
$5$. $2,2$-डाइमिथाइलपेंटेन (अप्रकाशिक सक्रिय)
$6$. $2,3$-डाइमिथाइलपेंटेन: $CH_3-CH(CH_3)-CH(CH_3)-CH_2-CH_3$. $C_3$ कार्बन कायरल है। इसके $2$ प्रतिबिंब रूप हैं।
$7$. $2,4$-डाइमिथाइलपेंटेन (अप्रकाशिक सक्रिय)
$8$. $3,3$-डाइमिथाइलपेंटेन (अप्रकाशिक सक्रिय)
$9$. $2,2,3$-ट्राइमिथाइलब्यूटेन (अप्रकाशिक सक्रिय)
कुल प्रकाशिक सक्रिय समावयवी = $2$ ($2$-मिथाइलहेक्सेन से) + $2$ ($3$-मिथाइलहेक्सेन से) + $2$ ($2,3$-डाइमिथाइलपेंटेन से) = $6$.
221
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करेगा?
A
ब्यूटेन-$1$-ऑल
B
ब्यूटेन-$2$-ऑल
C
ब्यूट-$1$-ईन
D
ब्यूट-$2$-ईन

Solution

(B) प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करने के लिए,यौगिक में कम से कम एक कायरल कार्बन परमाणु (चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा कार्बन) होना चाहिए।
ब्यूटेन-$2$-ऑल $(CH_3-CH(OH)-CH_2-CH_3)$ में,दूसरा कार्बन परमाणु एक हाइड्रोजन,एक हाइड्रॉक्सिल समूह $(-OH)$,एक मिथाइल समूह $(-CH_3)$ और एक एथिल समूह $(-CH_2CH_3)$ से जुड़ा है।
चूंकि $C-2$ परमाणु से जुड़े चारों समूह अलग हैं,इसलिए यह एक कायरल केंद्र है।
अतः,ब्यूटेन-$2$-ऑल प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करता है।
222
DifficultMCQ
एक प्रकाशिक सक्रिय यौगिक के $d$-रूप का उसके $l$-रूप में या इसके विपरीत रूपांतरण की प्रक्रिया को ...... कहा जाता है।
A
Resolution
B
Walden Inversion
C
Racemisation
D
External compensation

Solution

(C) एक एनैन्टीओमर ($d$-रूप) को समान अनुपात में दोनों एनैन्टीओमर ($d$ और $l$ रूप) वाले मिश्रण में बदलने की प्रक्रिया को $Racemisation$ कहा जाता है।
यदि प्रश्न विशेष रूप से किसी अभिक्रिया (जैसे $S_N2$) के दौरान कायरल केंद्र पर विन्यास के उलटने का उल्लेख करता है,तो इसे $Walden \text{ } Inversion$ कहा जाता है।
हालाँकि,एक शुद्ध ऑप्टिकल आइसोमर का रेसमिक मिश्रण में रूपांतरण $Racemisation$ के रूप में परिभाषित है।
223
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से टार्टरिक एसिड का कौन सा रूप प्रकाशिक सक्रिय (optically active) है?
A
$m-$ टार्टरिक एसिड
B
$\gamma -$ टार्टरिक एसिड
C
$d-$ टार्टरिक एसिड
D
$dl-$ टार्टरिक एसिड

Solution

(C) टार्टरिक एसिड विभिन्न त्रिविम समावयवी (stereoisomeric) रूपों में मौजूद होता है।
$m-$ टार्टरिक एसिड (मेसो-टार्टरिक एसिड) आंतरिक सममिति तल (internal plane of symmetry) के कारण प्रकाशिक अक्रिय (optically inactive) होता है।
$dl-$ टार्टरिक एसिड (रेसेमिक मिश्रण) भी प्रकाशिक अक्रिय होता है क्योंकि $d-$ रूप द्वारा उत्पन्न घूर्णन $l-$ रूप द्वारा निरस्त हो जाता है।
$d-$ टार्टरिक एसिड (दक्षिण-ध्रुवण घूर्णक) प्रकाशिक सक्रिय होता है क्योंकि यह समतल ध्रुवित प्रकाश को दाईं ओर घुमाता है।
अतः,सही उत्तर $d-$ टार्टरिक एसिड है।
224
MediumMCQ
कायरल (Chiral) अणु वे होते हैं जो ...........
A
अपने दर्पण प्रतिबिंब पर अध्यारोपित नहीं होते हैं
B
अपने दर्पण प्रतिबिंब पर अध्यारोपित होते हैं
C
प्रकाशिक सक्रियता की आंतरिक क्षतिपूर्ति रखते हैं
D
ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं

Solution

(A) एक अणु को कायरल तब कहा जाता है जब उसमें सममिति का तल या केंद्र का अभाव होता है,जिससे वह अपने दर्पण प्रतिबिंब पर अध्यारोपित नहीं हो पाता है। यह गुण प्रकाशिक सक्रियता के लिए मूलभूत आवश्यकता है।
225
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित नहीं करता है?
A
$HOOC-CH(OH)-CH(OH)-COOH$
B
$CH_3-CH(OH)-COOH$
C
$HOOC-CH_2-CH(CH_3)-C_2H_5$
D
$CH_3-CH=CH_2$

Solution

(D) प्रकाशिक समावयवता उन यौगिकों द्वारा प्रदर्शित की जाती है जिनमें एक कायरल केंद्र (एक असममित कार्बन परमाणु जो चार अलग-अलग समूहों से बंधा होता है) होता है।
$A$: टार्टरिक एसिड $(HOOC-CH(OH)-CH(OH)-COOH)$ में कायरल कार्बन होते हैं और यह प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित कर सकता है।
$B$: लैक्टिक एसिड $(CH_3-CH(OH)-COOH)$ में $C-2$ स्थिति पर एक कायरल कार्बन परमाणु होता है।
$C$: $2$-मिथाइल ब्यूटेनॉइक एसिड $(HOOC-CH_2-CH(CH_3)-C_2H_5)$ में $C-3$ स्थिति पर एक कायरल कार्बन परमाणु होता है।
$D$: प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$ में कोई कायरल कार्बन परमाणु नहीं होता है क्योंकि $sp^2$ संकरित कार्बन समान हाइड्रोजन परमाणुओं से बंधे होते हैं,और $sp^3$ कार्बन तीन समान हाइड्रोजन परमाणुओं से बंधा होता है। अतः,यह प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित नहीं करता है।
226
MediumMCQ
$1, 2-$ डाइक्लोरोसाइक्लोहेक्सेन में कितने कायरल (chiral) कार्बन उपस्थित हैं?
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(B) $1, 2-$ डाइक्लोरोसाइक्लोहेक्सेन में,$1$ और $2$ स्थिति पर स्थित कार्बन परमाणु चार अलग-अलग समूहों से जुड़े होते हैं: एक हाइड्रोजन परमाणु,एक क्लोरीन परमाणु,साइक्लोहेक्सेन वलय का शेष भाग और निकटवर्ती कार्बन परमाणु।
चूंकि ये दोनों कार्बन चार अलग-अलग समूहों से जुड़े हैं,इसलिए ये कायरल केंद्र हैं।
अतः,$1, 2-$ डाइक्लोरोसाइक्लोहेक्सेन में $2$ कायरल कार्बन होते हैं।
227
MediumMCQ
मेसो-टार्टरिक एसिड प्रकाशिक रूप से अक्रिय है,जो निम्नलिखित में से किसके कारण है?
A
कायरलिटी का अभाव
B
$d$ और $l$ रूपों का रेसमीकरण
C
बाह्य प्रतिकर (External compensation)
D
आंतरिक प्रतिकर (Internal compensation)

Solution

(D) मेसो-टार्टरिक एसिड में दो कायरल कार्बन परमाणु होते हैं लेकिन अणु में सममिति का तल (plane of symmetry) होता है।
इस सममिति के तल के कारण,अणु के एक आधे भाग द्वारा उत्पन्न प्रकाशिक घूर्णन दूसरे आधे भाग द्वारा निरस्त हो जाता है।
इस घटना को आंतरिक प्रतिकर (internal compensation) के रूप में जाना जाता है।
इसलिए,मेसो-टार्टरिक एसिड प्रकाशिक रूप से अक्रिय होता है।
228
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाशिक सक्रिय (optically active) है?
A
सक्सिनिक एसिड
B
लैक्टिक एसिड
C
मेसो टार्टरिक एसिड
D
क्लोरो एसिटिक एसिड

Solution

(B) एक अणु प्रकाशिक सक्रिय होता है यदि उसमें कम से कम एक कायरल केंद्र (असममित कार्बन परमाणु) हो और उसमें सममिति का तल या केंद्र न हो।
$1$. सक्सिनिक एसिड $(HOOC-CH_2-CH_2-COOH)$ में कोई कायरल केंद्र नहीं है।
$2$. लैक्टिक एसिड $(CH_3-CH(OH)-COOH)$ में एक कायरल कार्बन परमाणु है जो चार अलग-अलग समूहों $(-H, -OH, -CH_3, -COOH)$ से जुड़ा है,जो इसे प्रकाशिक सक्रिय बनाता है।
$3$. मेसो टार्टरिक एसिड में कायरल केंद्र होते हैं लेकिन इसमें सममिति का तल होता है,जिससे यह प्रकाशिक निष्क्रिय (मेसो यौगिक) हो जाता है।
$4$. क्लोरो एसिटिक एसिड $(ClCH_2-COOH)$ में कोई कायरल केंद्र नहीं है।
अतः,लैक्टिक एसिड सही उत्तर है।
229
EasyMCQ
प्रकाशिक सक्रियता ................. द्वारा मापी जाती है।
A
रिफ्रैक्टोमीटर
B
स्पेक्ट्रोग्राफ
C
पोलरीमीटर
D
ट्रेसर तकनीक

Solution

(C) प्रकाशिक सक्रियता का अर्थ है किसी कायरल अणु की समतल-ध्रुवित प्रकाश के तल को घुमाने की क्षमता। इस घूर्णन को $Polarimeter$ नामक उपकरण का उपयोग करके मापा जाता है।
230
MediumMCQ
$2, 3-$dibromobutanoic acid के लिए प्रकाशिक समावयवियों (optical isomers) की संख्या कितनी है?
A
$0$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(D) $2, 3-$dibromobutanoic acid की संरचना $CH_3-CH(Br)-CH(Br)-COOH$ है।
इस अणु में $C_2$ और $C_3$ पर दो कायरल केंद्र हैं।
त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संख्या $2^n$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $n$ कायरल केंद्रों की संख्या है।
यहाँ,$n = 2$,इसलिए कुल त्रिविम समावयवियों की संख्या $2^2 = 4$ है।
ये चार त्रिविम समावयवी इनैन्टीओमर्स के दो जोड़े से बने होते हैं,जो प्रकाशिक रूप से सक्रिय होते हैं।
इसलिए,प्रकाशिक समावयवियों की संख्या $4$ है।
231
MediumMCQ
तीन अलग-अलग कायरल केंद्रों वाले यौगिक के लिए संभावित त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संख्या ............. होगी।
A
$3$
B
$6$
C
$8$
D
$27$

Solution

(C) $n$ अलग-अलग कायरल केंद्रों वाले यौगिक के लिए,त्रिविम समावयवियों की कुल संख्या $2^n$ सूत्र द्वारा दी जाती है।
यहाँ दिया गया है कि यौगिक में $n = 3$ अलग-अलग कायरल केंद्र हैं।
इसलिए,त्रिविम समावयवियों की संख्या = $2^3 = 8$।
232
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा अकिरल (achiral) है?
A
$2$-ब्रोमोसाइक्लोहेक्सानोल
B
$2$-क्लोरोहेक्सेन
C
$1,4$-डाइमिथाइलसाइक्लोहेक्सेन
D
$1$-क्लोरो-$2$-ड्यूटेरोसाइक्लोहेक्सेन

Solution

(C) यदि किसी अणु में सममिति का तल (plane of symmetry) या व्युत्क्रमण का केंद्र (center of inversion) मौजूद हो,तो वह अणु अकिरल होता है।
$(a)$ $2$-ब्रोमोसाइक्लोहेक्सानोल में कायरल केंद्र होते हैं और सममिति का कोई तल नहीं होता,इसलिए यह कायरल है।
$(b)$ $2$-क्लोरोहेक्सेन में $C2$ स्थिति पर एक कायरल कार्बन होता है,इसलिए यह कायरल है।
$(c)$ $1,4$-डाइमिथाइलसाइक्लोहेक्सेन (विशेष रूप से सिस-आइसोमर) में $C1$ और $C4$ से गुजरने वाला सममिति का तल होता है,जो इसे अकिरल बनाता है।
$(d)$ $1$-क्लोरो-$2$-ड्यूटेरोसाइक्लोहेक्सेन में कायरल केंद्र होते हैं और सममिति का कोई तल नहीं होता,इसलिए यह कायरल है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
233
MediumMCQ
टार्टरिक एसिड के प्रकाशिक सक्रिय समावयवियों की संख्या ..... है।
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$5$

Solution

(A) टार्टरिक एसिड का सूत्र $HOOC-CH(OH)-CH(OH)-COOH$ है।
इसमें दो कायरल कार्बन परमाणु होते हैं।
टार्टरिक एसिड में दो प्रकाशिक सक्रिय समावयवी ($d$ और $l$ रूप) और एक प्रकाशिक अक्रिय मेसो रूप होता है।
अतः,प्रकाशिक सक्रिय समावयवियों की संख्या $2$ है।
234
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाशिक रूप से सक्रिय नहीं है?
A
एलेनिन
B
लैक्टिक एसिड
C
मैलिक एसिड
D
$2, 2-$डाइमिथाइल ब्यूटेनॉइक एसिड

Solution

(D) एक अणु प्रकाशिक रूप से सक्रिय होता है यदि उसमें कम से कम एक कायरल केंद्र (चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा कार्बन परमाणु) हो।
$1$. एलेनिन $(CH_3CH(NH_2)COOH)$ में एक कायरल कार्बन है।
$2$. लैक्टिक एसिड $(CH_3CH(OH)COOH)$ में एक कायरल कार्बन है।
$3$. मैलिक एसिड $(HOOCCH_2CH(OH)COOH)$ में एक कायरल कार्बन है।
$4$. $2, 2-$डाइमिथाइल ब्यूटेनॉइक एसिड $(CH_3CH_2C(CH_3)_2COOH)$ में कोई कायरल कार्बन नहीं है क्योंकि $C-2$ कार्बन दो समान मिथाइल समूहों से जुड़ा है। इसलिए,यह प्रकाशिक रूप से सक्रिय नहीं है।
235
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक अकिरल (achiral) है?
A
$CH_3CH(Br)CH=CH_2$
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) यदि किसी अणु में सममिति का तल या सममिति का केंद्र होता है,या उसमें स्टीरियोसेंटर का अभाव होता है,तो वह अणु अकिरल होता है।
$A$: $CH_3CH(Br)CH=CH_2$ में दूसरे कार्बन पर एक किरल केंद्र है (जो $-H$,$-CH_3$,$-Br$,और $-CH=CH_2$ से जुड़ा है),इसलिए यह किरल है।
$B$: यह संरचना दर्शाती है कि कार्बन चार अलग-अलग समूहों ($-OH$,$-H$,$-CH_3$,और $-CH_2CH_2CH_3$) से जुड़ा है,इसलिए यह किरल है।
$C$: यह संरचना एक मीसो यौगिक को दर्शाती है। इसमें अणु के केंद्र से गुजरने वाला सममिति का तल होता है,जो इसे अकिरल बनाता है।
$D$: यह संरचना दर्शाती है कि कार्बन चार अलग-अलग समूहों ($-H$,$-CH_3$,$-OH$,और $-Br$) से जुड़ा है,इसलिए यह किरल है।
अतः,अकिरल यौगिक $C$ है।
236
DifficultMCQ
गैर-अध्यारोपित दर्पण प्रतिबिंबों (Non-superimposable mirror images) को ......... कहा जाता है।
A
गैर-अध्यारोपित गैर-दर्पण प्रतिबिंब त्रिविम समावयवी
B
गैर-अध्यारोपित दर्पण प्रतिबिंब त्रिविम समावयवी
C
समावयवी जो केवल एक बंध के चारों ओर घूर्णन में भिन्न होते हैं
D
समावयवी जो केवल परमाणुओं की संयोजकता में भिन्न होते हैं

Solution

(B) गैर-अध्यारोपित दर्पण प्रतिबिंबों को $ \text{enantiomers} $ (प्रतिबिंब रूप) कहा जाता है। $ \text{Enantiomers} $ त्रिविम समावयवियों का एक प्रकार है जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब होते हैं लेकिन एक-दूसरे पर अध्यारोपित नहीं किए जा सकते हैं।
237
MediumMCQ
यौगिक $CH_3-CHBr-CHBr-COOH$ के लिए त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संख्या ......... है।
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(D) दिया गया यौगिक $CH_3-CHBr-CHBr-COOH$ है।
इसमें $C_2$ और $C_3$ स्थितियों पर दो कायरल कार्बन परमाणु हैं।
अणु असममित है क्योंकि कायरल कार्बन से जुड़े समूह अलग-अलग ($CH_3$ और $COOH$) हैं।
$n$ कायरल केंद्रों वाले असममित अणु के लिए,त्रिविम समावयवियों की संख्या $2^n$ द्वारा दी जाती है।
यहाँ,$n = 2$,इसलिए त्रिविम समावयवियों की संख्या = $2^2 = 4$।
238
DifficultMCQ
$(+)$-Mandelic acid का विशिष्ट घूर्णन $+158^o$ है। $25\%$ $(-)$-Mandelic acid और $75\%$ $(+)$-Mandelic acid युक्त मिश्रण का विशिष्ट घूर्णन क्या होगा?
A
$+79$
B
$-118.5$
C
$-79$
D
$+118.5$
239
DifficultMCQ
$CH_3CH(COOH)-CH(COOH)CH_2CH_3$ यौगिक के लिए कितने प्रकाशिक समावयवी संभव हैं?
A
$3$
B
$2$
C
$4$
D
$0$

Solution

(C) दिया गया यौगिक $CH_3-CH(COOH)-CH(COOH)-CH_2CH_3$ है।
इसमें दो कायरल कार्बन परमाणु हैं: $CH_3-CH^*(COOH)-CH^*(COOH)-CH_2CH_3$।
चूंकि दोनों कायरल कार्बन अलग-अलग समूहों से जुड़े हैं,इसलिए अणु असममित है।
प्रकाशिक समावयवियों की संख्या $2^n$ सूत्र द्वारा दी जाती है,जहाँ $n$ कायरल केंद्रों की संख्या है।
यहाँ,$n = 2$,इसलिए प्रकाशिक समावयवियों की संख्या = $2^2 = 4$।
240
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किस अणु में स्टीरियोजेनिक $C-$ परमाणु होते हैं?
A
$1,2-$ डाइब्रोमोब्यूटेन
B
$1-$ ब्रोमो $-2-$ मिथाइलसाइक्लोपेंटेन
C
$1,1,2-$ ट्राइब्रोमोप्रोपेन
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) एक स्टीरियोजेनिक $C-$ परमाणु (कायरल केंद्र) वह कार्बन परमाणु होता है जो चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा होता है।
$1$. $1,2-$ डाइब्रोमोब्यूटेन $(CH_3-CH_2-CH(Br)-CH_2Br)$ में,$C-2$ परमाणु $-H, -Br, -CH_2CH_3,$ और $-CH_2Br$ से जुड़ा है। अतः,यह कायरल है।
$2$. $1-$ ब्रोमो $-2-$ मिथाइलसाइक्लोपेंटेन में,$C-1$ और $C-2$ परमाणु चार अलग-अलग समूहों से जुड़े हैं,जो उन्हें कायरल केंद्र बनाते हैं।
$3$. $1,1,2-$ ट्राइब्रोमोप्रोपेन $(CH_3-CH(Br)-CHBr_2)$ में,$C-2$ परमाणु $-H, -Br, -CH_3,$ और $-CHBr_2$ से जुड़ा है। अतः,यह कायरल है।
चूंकि सभी दिए गए अणुओं में कम से कम एक स्टीरियोजेनिक कार्बन परमाणु मौजूद है,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
241
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन प्रकाशिक सक्रियता (optical activity) प्रदर्शित कर सकता है?
A
$CH_3-CH_2-CH_2-CH_2-OH$
B
$CH_3-CH_2-CH(OH)-CH_3$
C
$CH_3-CH(CH_3)-CH_2-OH$
D
$CH_3-C(OH)(CH_3)-CH_3$

Solution

(B) प्रकाशिक सक्रियता उन अणुओं द्वारा प्रदर्शित की जाती है जिनमें कम से कम एक कायरल कार्बन परमाणु (चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा कार्बन परमाणु) होता है।
$CH_3-CH_2-CH(OH)-CH_3$ $(\text{Butan-2-ol})$ में,दूसरा कार्बन परमाणु कायरल है क्योंकि यह चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा है: $-H$,$-OH$,$-CH_3$,और $-CH_2CH_3$।
अतः,यह प्रकाशिक रूप से सक्रिय है।
242
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा एक इनैन्टीओमेरिज्म (enantiomerism) प्रदर्शित नहीं कर सकता है?
A
डाइफेनिल मेथनॉल
B
$1-$ब्रोमो$-2-$क्लोरोब्यूटेन
C
$2-$ब्यूटेनॉल
D
टार्टरिक एसिड

Solution

(A) इनैन्टीओमेरिज्म उन अणुओं द्वारा प्रदर्शित किया जाता है जो कायरल (chiral) होते हैं,जिसका अर्थ है कि उनके पास कम से कम एक कायरल कार्बन परमाणु (चार अलग-अलग समूहों से बंधा कार्बन परमाणु) होता है।
$1.$ डाइफेनिल मेथनॉल: केंद्रीय कार्बन एक $H$ परमाणु,एक $OH$ समूह और दो समान फेनिल समूहों से बंधा होता है। दो समान समूह होने के कारण,यह अकायरल (achiral) है और इनैन्टीओमेरिज्म प्रदर्शित नहीं कर सकता है।
$2.$ $1-$ब्रोमो$-2-$क्लोरोब्यूटेन: $2$ नंबर के स्थान पर कार्बन $H$,$Cl$,$CH_3$ और $CH_2Br$ से बंधा है। चारों समूह अलग हैं,इसलिए यह कायरल है।
$3.$ $2-$ब्यूटेनॉल: $2$ नंबर के स्थान पर कार्बन $H$,$OH$,$CH_3$ और $CH_2CH_3$ से बंधा है। चारों समूह अलग हैं,इसलिए यह कायरल है।
$4.$ टार्टरिक एसिड: इसमें दो कायरल कार्बन परमाणु होते हैं और यह इनैन्टीओमर्स के रूप में मौजूद हो सकता है।
इसलिए,डाइफेनिल मेथनॉल इनैन्टीओमेरिज्म प्रदर्शित नहीं कर सकता है।
243
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा एक मेसो (meso) रूप रख सकता है?
A
$CH_3CH(OH)CH(Cl)C_2H_5$
B
$CH_3CH(OH)CH(OH)CH_3$
C
$C_2H_5CH(OH)CH(OH)CH_3$
D
$HOCH_2CH(Cl)CH_3$

Solution

(B) एक मेसो यौगिक एक प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय अणु है जिसमें कायरल केंद्र होते हैं लेकिन साथ ही इसमें सममिति का एक आंतरिक तल (plane of symmetry) या सममिति का केंद्र होता है।
किसी अणु के मेसो रूप प्रदर्शित करने के लिए,उसमें कम से कम दो समान कायरल केंद्र और एक सममित संरचना होनी चाहिए।
$CH_3CH(OH)CH(OH)CH_3$ (ब्यूटेन$-2,3-$डायोल) में,दो केंद्रीय कार्बन कायरल और समान हैं। इक्लिप्स्ड (eclipsed) संरूपण में,इसमें सममिति का तल हो सकता है,जो इसे एक मेसो यौगिक बनाता है।
244
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय (optically inactive) है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
इनमें से कोई नहीं।
245
Medium
निम्नलिखित यौगिकों के प्रत्येक युग्म में कायरल (chiral) और अकायरल (achiral) अणुओं की पहचान कीजिए।
Question diagram

Solution

(A) यदि किसी अणु में कायरल केंद्र (चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा कार्बन परमाणु) है,तो वह अणु कायरल है। अन्यथा,यह अकायरल है।
$(i)$ $(i)$ $CH_3CH(Br)OH$: केंद्रीय कार्बन $-H$,$-CH_3$,$-Br$,और $-OH$ से जुड़ा है। चारों समूह अलग होने के कारण,यह कायरल है।
(ii) $CH_3CH(Br)_2$: केंद्रीय कार्बन दो समान $-Br$ परमाणुओं से जुड़ा है। अतः,यह अकायरल है।
(ii) $(i)$ $CH_3CH(OH)CH_2CH_2CH_3$: $-OH$ से जुड़ा कार्बन $-H$,$-CH_3$,$-OH$,और $-CH_2CH_2CH_3$ से जुड़ा है। चारों समूह अलग होने के कारण,यह कायरल है।
(ii) $CH_3CH_2CH(OH)CH_2CH_3$: $-OH$ से जुड़ा कार्बन $-H$,$-OH$,और दो समान $-CH_2CH_3$ समूहों से जुड़ा है। दो समूह समान होने के कारण,यह अकायरल है।
(iii) $(i)$ $CH_3CH(Br)CH_2CH_3$: $-Br$ से जुड़ा कार्बन $-H$,$-CH_3$,$-Br$,और $-CH_2CH_3$ से जुड़ा है। चारों समूह अलग होने के कारण,यह कायरल है।
(ii) $CH_3CH_2CH_2CH_2Br$: $-Br$ से जुड़ा कार्बन दो $-H$ परमाणुओं से जुड़ा है। दो समूह समान होने के कारण,यह अकायरल है।
246
EasyMCQ
कायरल (chiral) अणु क्या है?
A
एक अणु जो अपने दर्पण प्रतिबिंब पर अध्यारोपित (superimposable) हो सकता है।
B
एक अणु जो अपने दर्पण प्रतिबिंब पर अध्यारोपित (non-superimposable) नहीं हो सकता है।
C
एक अणु जिसमें सममिति का तल (plane of symmetry) होता है।
D
एक अणु जिसमें व्युत्क्रमण का केंद्र (center of inversion) होता है।

Solution

(B) कायरल अणु वह अणु है जो अपने दर्पण प्रतिबिंब पर अध्यारोपित (non-superimposable) नहीं होता है।
इस गुण को कायरलिटी (chirality) कहा जाता है।
ऐसे अणुओं में सममिति का कोई तल या व्युत्क्रमण का केंद्र नहीं होता है,जो उन्हें प्रकाशिक रूप से सक्रिय (optically active) बनाता है।
247
Difficult
कार्बनिक यौगिक में विन्यास (configuration) से क्या तात्पर्य है? विन्यास का प्रतिबिंब किसे कहते हैं?

Solution

(N/A) विन्यास: कार्बन परमाणु के चारों ओर कार्यात्मक समूहों (परमाणुओं) की स्थानिक व्यवस्था को उस कार्बन का स्थानिक विन्यास कहा जाता है।
नीचे एक ही यौगिक $CHClBrI$ की दो स्थानिक संरचनाएँ दी गई हैं।
संरचना $(A)$ और संरचना $(B)$ में कार्बन से जुड़े समूहों (परमाणुओं) की व्यवस्था समान नहीं है। ये संरचनाएँ $(A)$ और $(B)$ एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब हैं,जिसे विन्यास का प्रतिबिंब कहा जाता है।
$(A)$ का प्रतिबिंब $(B)$ है और $(B)$ का प्रतिबिंब $(A)$ है। संरचना $(A)$ में कार्बन का विन्यास,संरचना $(B)$ में कार्बन के विन्यास का प्रतिबिंब है। यदि $(A)$ और $(B)$ भिन्न हैं,तो $(A)$ और $(B)$ की प्रकाशिक सक्रियता विपरीत होती है और उनकी किरेलिटी भी विपरीत होती है।
Solution diagram
248
Medium
निम्नलिखित पदों को समझाइए / परिभाषित कीजिए:
$(i)$ प्रकाशिक सक्रियता
$(ii)$ पोलरीमीटर
$(iii)$ दक्षिण-ध्रुवण घूर्णक (Dextrorotatory) समावयवी

Solution

(N/A) प्रकाशिक सक्रियता: जब साधारण प्रकाश को निकोल प्रिज्म से गुजारा जाता है,तो यह समतल-ध्रुवित प्रकाश उत्पन्न करता है। जब इस प्रकाश को पोलरीमीटर में रखे किसी यौगिक के विलयन से गुजारा जाता है,और यदि वह यौगिक प्रकाश के तल को घुमा देता है,तो उसे प्रकाशिक सक्रिय यौगिक कहा जाता है। इन्हें $(+)$ या $(-)$ के रूप में दर्शाया जाता है।
पोलरीमीटर: यह प्रकाशिक सक्रियता को मापने वाला एक उपकरण है। समतल-ध्रुवित प्रकाश के घूर्णन कोण को इसी उपकरण द्वारा मापा जाता है।
दक्षिण-ध्रुवण घूर्णक $(d)$ या $(+)$ समावयवी: वह यौगिक जो समतल-ध्रुवित प्रकाश को दाईं ओर,यानी घड़ी की दिशा में घुमाता है,उसे दक्षिण-ध्रुवण घूर्णक या $d$-रूप कहा जाता है। इस घूर्णन को घूर्णन कोण के मान से पहले $(+)$ चिह्न द्वारा दर्शाया जाता है।
249
Medium
निम्नलिखित पदों को समझाइए / परिभाषित कीजिए:
$(i)$ वाम-ध्रुवण घूर्णक $(Laevorotatory)$ समावयवी
$(ii)$ प्रकाशिक समावयवी

Solution

(N/A) $(i)$ वाम-ध्रुवण घूर्णक $(Laevorotatory)$ समावयवी:
वह यौगिक जो समतल ध्रुवित प्रकाश के तल को बाईं ओर (वामावर्त दिशा में) घुमाता है,उसे वाम-ध्रुवण घूर्णक $(l)$ या $(-)$ समावयवी कहा जाता है। $l$-घूर्णन को घूर्णन कोण के मान के पहले $(-)$ चिह्न लगाकर दर्शाया जाता है।
$(ii)$ प्रकाशिक समावयवी:
किसी यौगिक के $(+)$ और $(-)$ समावयवियों को प्रकाशिक समावयवी कहा जाता है और इस परिघटना को प्रकाशिक समावयवता कहते हैं।
250
Medium
लुई पाश्चर द्वारा प्रकाशिक सक्रियता के अवलोकन का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) लुई पाश्चर ने $1848$ में आधुनिक त्रिविम रसायन (stereochemistry) की नींव रखी।
$(i)$ उन्होंने देखा कि कुछ यौगिकों के क्रिस्टल दर्पण प्रतिबिंब के रूप में मौजूद होते हैं।
$(ii)$ उन्होंने प्रदर्शित किया कि इन दोनों प्रकार के क्रिस्टलों के समान सांद्रता वाले जलीय विलयन समान लेकिन विपरीत दिशा में प्रकाशिक घूर्णन प्रदर्शित करते हैं।
$(iii)$ उनका मानना था कि इन दोनों की प्रकाशिक सक्रियता में अंतर क्रिस्टलों में परमाणुओं की त्रिविम व्यवस्था (विन्यास) से संबंधित है।
नोट: विन्यास (configuration) का अर्थ कार्बन परमाणुओं के चारों ओर त्रिविम व्यवस्था है।

8-2.Organic Chemistry : Isomerism — Optical isomerism · Frequently Asked Questions

1Are these 8-2.Organic Chemistry : Isomerism questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

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