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Flower Questions in Hindi

Class 11 Biology · Morphology of Flowering Plants · Flower

351+

Questions

Hindi

Language

100%

With Solutions

Showing 50 of 351 questions in Hindi

201
MediumMCQ
Argemone में किस प्रकार का बीजांडन्यास (placentation) देखा जाता है?
A
सीमांत (Marginal)
B
स्तंभीय (Axile)
C
भित्तीय (Parietal)
D
आधारीय (Basal)

Solution

(C) $Argemone$ ($Papaveraceae$ कुल का एक सदस्य) में अंडाशय एककोष्ठीय होता है,लेकिन एक कूट पट (replum) के निर्माण के कारण यह द्विकोष्ठीय हो जाता है। इस प्रकार के बीजांडन्यास को,जिसमें बीजांड अंडाशय की आंतरिक भित्ति पर या परिधीय भाग पर विकसित होते हैं,भित्तीय (parietal) बीजांडन्यास के रूप में जाना जाता है।
202
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें पुष्प त्रिज्या-सममित (actinomorphic) होते हैं?
A
सरसों (Mustard)
B
मटर (Pea)
C
गुलमोहर (Gulmohur)
D
बीन (Bean)

Solution

(A) त्रिज्या-सममित (actinomorphic) पुष्प वे होते हैं जिन्हें केंद्र से गुजरने वाले किसी भी त्रिज्यीय तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है।
त्रिज्या-सममित पुष्पों के उदाहरणों में सरसों (Mustard),धतूरा और मिर्च शामिल हैं।
मटर,बीन और गुलमोहर एकव्यास-सममित (zygomorphic) होते हैं,जहाँ पुष्प को केवल एक विशेष ऊर्ध्वाधर तल में ही दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है।
अतः,सही उत्तर सरसों (Mustard) है।
203
MediumMCQ
जयाधिजायी (Epigynous) पुष्प का अर्थ है:
A
पुष्पासन ऊपर की ओर बढ़ता है
B
अंडाशय को पूरी तरह से घेर लेता है
C
पुष्प के अन्य भाग अंडाशय के ऊपर से उत्पन्न होते हैं
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) जयाधिजायी पुष्पों में,पुष्पासन का किनारा ऊपर की ओर बढ़ता है,जो अंडाशय को पूरी तरह से घेर लेता है और उससे जुड़ जाता है। पुष्प के अन्य भाग (बाह्यदल,पंखुड़ियाँ और पुंकेसर) अंडाशय के ऊपर से उत्पन्न होते हैं। इसलिए,अंडाशय को अधोवर्ती (inferior) कहा जाता है। चूंकि दिए गए सभी कथन जयाधिजायी पुष्पों की विशेषताओं का वर्णन करते हैं,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
204
MediumMCQ
आलूबुखारा (plum),गुलाब,आड़ू (peach),अमरूद,खीरा,सरसों,गुड़हल (china rose) और बैंगन में से,कितने पौधों में अधोजाया (hypogynous) पुष्प होते हैं?
A
आठ
B
सात
C
पाँच
D
तीन

Solution

(D) अधोजाया (hypogynous) पुष्पों में,जायांग सबसे ऊंचे स्थान पर होता है जबकि अन्य भाग इसके नीचे स्थित होते हैं। ऐसे पुष्पों में अंडाशय को ऊर्ध्ववर्ती (superior) कहा जाता है।
$1$. सरसों: अधोजाया (ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय)
$2$. गुड़हल: अधोजाया (ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय)
$3$. बैंगन: अधोजाया (ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय)
$4$. आलूबुखारा: परिजाया (अर्ध-अधोवर्ती अंडाशय)
$5$. गुलाब: परिजाया (अर्ध-अधोवर्ती अंडाशय)
$6$. आड़ू: परिजाया (अर्ध-अधोवर्ती अंडाशय)
$7$. अमरूद: उपरिजाया (अधोवर्ती अंडाशय)
$8$. खीरा: उपरिजाया (अधोवर्ती अंडाशय)
अतः,अधोजाया पुष्प वाले पौधे सरसों,गुड़हल और बैंगन हैं। कुल संख्या $3$ है।
205
MediumMCQ
जब उपांग का एक किनारा अगले किनारे को ढकता (overlap) है,तो इस स्थिति को क्या कहा जाता है?
A
कोरस्पर्शी (Valvate)
B
व्यवस्थित (Twisted)
C
कोरछादी (Imbricate)
D
पताकाकार (Vexillary)

Solution

(B) पुष्प कलिका में बाह्यदल या दल के विन्यास को 'एस्टिवेशन' (Aestivation) कहा जाता है।
$Twisted$ (व्यवस्थित) एस्टिवेशन में,उपांग (बाह्यदल या दल) का एक किनारा अगले किनारे को ढकता है और इसी प्रकार आगे भी (जैसे- गुड़हल,भिंडी और कपास)।
$Valvate$ (कोरस्पर्शी) एस्टिवेशन में,एक चक्र के बाह्यदल या दल के किनारे केवल एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं,बिना ओवरलैप किए।
$Imbricate$ (कोरछादी) एस्टिवेशन में,बाह्यदल या दल के किनारे एक-दूसरे को ओवरलैप करते हैं लेकिन किसी निश्चित दिशा में नहीं।
$Vexillary$ (पताकाकार) एस्टिवेशन में,सबसे बड़ा दल (स्टैंडर्ड) दो पार्श्व दलों (विंग्स) को ढकता है,जो बदले में दो सबसे छोटे अग्र दलों (कील) को ढकते हैं।
206
MediumMCQ
विषम को चुनिए:
A
बाह्यदलपुंज (Calyx)
B
जयांग (Gynoecium)
C
पुमंग (Androecium)
D
अनुपर्ण (Stipule)

Solution

(D) पुष्प मुख्य रूप से चार चक्रों से बना होता है: बाह्यदलपुंज,दलपुंज,पुमंग और जयांग।
$Calyx$ (बाह्यदलपुंज),$Androecium$ (पुमंग) और $Gynoecium$ (जयांग) पुष्प के भाग हैं।
$Stipule$ (अनुपर्ण) पर्णवृंत के आधार पर पाई जाने वाली एक छोटी,पत्ती जैसी संरचना है,जो पुष्प का भाग नहीं है।
इसलिए,$Stipule$ विषम विकल्प है।
207
EasyMCQ
रेप्लम (replum) .......... के पुष्प के अंडाशय में उपस्थित होता है।
A
नींबू
B
सरसों
C
सूरजमुखी
D
मटर

Solution

(B) रेप्लम $Brassicaceae$ (क्रुसीफेरी) कुल की एक मुख्य विशेषता है।
यह अंडाशय में विकसित होने वाला एक कूट पट (false septum) है,जो इसे दो कोष्ठकों में विभाजित करता है।
दिए गए विकल्पों में से,सरसों ($Brassica$ $campestris$) $Brassicaceae$ कुल का सदस्य है।
अतः,रेप्लम सरसों के पुष्प के अंडाशय में उपस्थित होता है।
208
MediumMCQ
बीजांडन्यास का वह प्रकार पहचानिए जिसमें अंडाशय बहुअंडपी,एककोष्ठीय होता है और बीजांड परिधि पर स्थित होते हैं।
A
अक्षीय बीजांडन्यास
B
भित्तीय बीजांडन्यास
C
सीमांत बीजांडन्यास
D
आधारीय बीजांडन्यास

Solution

(B) भित्तीय (Parietal) बीजांडन्यास में,बीजांड अंडाशय की आंतरिक भित्ति या परिधीय भागों पर विकसित होते हैं। अंडाशय आमतौर पर बहुअंडपी और एककोष्ठीय होता है (जैसे,सरसों और आर्जेमोन में)।
$1$. अक्षीय बीजांडन्यास: बीजांड बहुकोष्ठीय अंडाशय में केंद्रीय अक्ष से जुड़े होते हैं।
$2$. सीमांत बीजांडन्यास: बीजांडसन अंडाशय के अधर सीवन के साथ एक कटक बनाता है।
$3$. आधारीय बीजांडन्यास: बीजांडसन अंडाशय के आधार पर विकसित होता है और इससे एक ही बीजांड जुड़ा होता है।
209
MediumMCQ
मटर के पौधों में किस प्रकार का बीजांडन्यास (placentation) देखा जाता है?
A
अक्षीय (Axile)
B
मुक्त-स्तंभीय (Free central)
C
सीमांत (Marginal)
D
आधारीय (Basal)

Solution

(C) मटर के पौधों में,अंडाशय एक-अंडपी (monocarpellary) और एककोष्ठीय (unilocular) होता है। बीजांडासन अंडाशय के अधर सीवन (ventral suture) के साथ एक उभार बनाता है,और बीजांड इस उभार पर दो पंक्तियों में व्यवस्थित होते हैं। इस प्रकार के बीजांडन्यास को $Marginal$ (सीमांत) बीजांडन्यास कहा जाता है। अतः,सही विकल्प $C$ है।
210
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा अक्षीय बीजांडन्यास (axile placentation) का उदाहरण है?
A
आर्जीमोन
B
डायेंथस
C
नींबू
D
गेंदा

Solution

(C) अक्षीय बीजांडन्यास में,बीजांडसन अक्षीय होता है और बीजांड एक बहुकोष्ठीय अंडाशय में इससे जुड़े होते हैं। इसके उदाहरणों में गुड़हल,टमाटर और नींबू शामिल हैं।
आर्जीमोन में,बीजांडन्यास भित्तीय $(parietal)$ होता है।
डायेंथस में,बीजांडन्यास मुक्त स्तंभित ($free$ $central$) होता है।
गेंदा में,बीजांडन्यास आधारीय $(basal)$ होता है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
211
MediumMCQ
चाइना रोज़ (गुड़हल) के पुंकेसर के लिए प्रयुक्त वैज्ञानिक शब्द क्या है?
A
एकसंघी (Monadelphous)
B
द्विसंघी (Diadelphous)
C
दोलायमान (Versatile)
D
बहुसंघी (Polyadelphous)

Solution

(A) चाइना रोज़ (गुड़हल) में,पुंकेसर के तंतु आपस में जुड़कर वर्तिका के चारों ओर एक एकल बंडल या नली बनाते हैं। इस स्थिति को 'एकसंघी' (Monadelphous) कहा जाता है।
212
MediumMCQ
नौतल (keel) ..... पुष्पों की विशेषता है।
A
गुलमोहर
B
कैसिया
C
आक (Calotropis)
D
मटर

Solution

(D) फैबेसी $(Fabaceae)$ कुल में, दलपुंज पांच पंखुड़ियों (petals) से बना होता है। इनमें वैक्सिलरी (vexillary) एस्टिवेशन पाया जाता है। इस व्यवस्था में एक पीछे की ओर बड़ा मानक (standard) दल, दो पार्श्व पंख (wings), और दो आगे की पंखुड़ियाँ शामिल होती हैं जो आपस में जुड़कर एक नाव के आकार की संरचना बनाती हैं जिसे कील (keel) या कैरिना कहा जाता है। इसलिए, कील मटर के पौधों के फूलों की एक विशिष्ट विशेषता है।
213
EasyMCQ
$......$ के पुष्पों में अंडाशय अर्ध-अधोवर्ती (half-inferior) होता है।
A
खीरा
B
कपास
C
आलूबुखारा (Plum)
D
आड़ू (Peach)

Solution

(C) परिजाया (perigynous) पुष्पों में,जायांग केंद्र में स्थित होता है और पुष्प के अन्य भाग पुष्पासन (thalamus) के किनारे पर लगभग समान स्तर पर स्थित होते हैं।
यहाँ,अंडाशय को अर्ध-अधोवर्ती (half-inferior) कहा जाता है।
परिजाया पुष्पों के उदाहरणों में $Plum$ (आलूबुखारा),$Rose$ (गुलाब) और $Peach$ (आड़ू) शामिल हैं।
इसके विपरीत,$Cucumber$ (खीरा) में अधोवर्ती अंडाशय (epigynous) होता है,जबकि $Cotton$ (कपास) में ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (hypogynous) होता है।
अतः,दिए गए विकल्पों में से $Plum$ (आलूबुखारा) सही उत्तर है।
214
MediumMCQ
अनियमित (एकव्याससममित) पुष्प ........... में पाया जाता है।
A
गुलमोहर
B
टमाटर
C
धतूरा
D
सरसों

Solution

(A) जब किसी पुष्प को केवल एक विशेष ऊर्ध्वाधर तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है,तो उसे एकव्याससममित (zygomorphic) पुष्प कहा जाता है।
एकव्याससममित पुष्पों के उदाहरणों में मटर,सेम,कैसिया और गुलमोहर शामिल हैं।
इसके विपरीत,त्रिज्यासम्मित (actinomorphic) पुष्पों को केंद्र से गुजरने वाले किसी भी त्रिज्यीय तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है,जैसे कि सरसों,धतूरा और टमाटर में।
215
MediumMCQ
....... के पुष्पों में जायांग (gynoecium) वियुक्तांडपी (apocarpous) और बहुअंडपी (multicarpellary) होता है।
A
एलोवेरा (Aloe)
B
टमाटर
C
पैपावर
D
मिशेलिया

Solution

(D) जायांग स्त्रीकेसर से बना होता है।
जब पुष्प में कई स्त्रीकेसर होते हैं,तो इसे बहुअंडपी (multicarpellary) स्थिति कहा जाता है।
यदि स्त्रीकेसर मुक्त होते हैं,तो इसे वियुक्तांडपी (apocarpous) कहा जाता है।
$Aloe$ और टमाटर युक्तांडपी (syncarpous) होते हैं।
$Papaver$ भी युक्तांडपी होता है।
$Michelia$ बहुअंडपी और वियुक्तांडपी जायांग का एक उदाहरण है।
216
MediumMCQ
टमाटर और नींबू में किस प्रकार का बीजांडन्यास पाया जाता है?
A
भित्तीय (Parietal)
B
स्तंभीय (Free central)
C
सीमांत (Marginal)
D
अक्षीय (Axile)

Solution

(D) अक्षीय (Axile) बीजांडन्यास में,बीजांड अक्षीय होते हैं और बहुकोष्ठीय अंडाशय में उससे जुड़े होते हैं।
इस प्रकार का बीजांडन्यास टमाटर,नींबू और गुड़हल जैसे पौधों में पाया जाता है।
217
MediumMCQ
$China$ $rose$ (गुड़हल) में पुष्प .......... होते हैं।
A
त्रिज्यासम्मित (Actinomorphic),जायांगधर (hypogynous) और व्यावर्तित (twisted) पुष्पदलविन्यास प्रदर्शित करते हैं।
B
त्रिज्यासम्मित (Actinomorphic),जायांगोपरि (epigynous) और कोरस्पर्शी (valvate) पुष्पदलविन्यास प्रदर्शित करते हैं।
C
एकव्याससममित (Zygomorphic),जायांगधर (hypogynous) और कोरछादी (imbricate) पुष्पदलविन्यास प्रदर्शित करते हैं।
D
एकव्याससममित (Zygomorphic),जायांगोपरि (epigynous) और व्यावर्तित (twisted) पुष्पदलविन्यास प्रदर्शित करते हैं।

Solution

(A) $China$ $rose$ (गुड़हल - $Hibiscus$ $rosa-sinensis$) में:
$1$. पुष्प त्रिज्यासम्मित $(Actinomorphic)$ होते हैं,जिसका अर्थ है कि उन्हें केंद्र से गुजरने वाले किसी भी त्रिज्यीय तल में दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है।
$2$. पुष्प जायांगधर $(Hypogynous)$ होते हैं,जिसका अर्थ है कि अंडाशय सर्वोच्च (superior) होता है और अन्य पुष्पीय भाग (बाह्यदल,दल,पुंकेसर) अंडाशय के नीचे स्थित होते हैं।
$3$. पुष्पदलविन्यास व्यावर्तित $(Twisted)$ प्रकार का होता है,जिसमें बाह्यदल या दल का एक किनारा अगले वाले के किनारे को ढकता है।
218
MediumMCQ
करेला,सरसों,बैंगन,कद्दू,गुड़हल,ल्यूपिन,खीरा,सनई,चना,अमरूद,बीन,मिर्च,आलूबुखारा (Plum),पेटुनिया,टमाटर,गुलाब,विथानिया,आलू,प्याज,एलोवेरा और ट्यूलिप में से कितने पौधों में अधोजाया (hypogynous) पुष्प होते हैं?
A
$18$
B
$6$
C
$10$
D
$15$

Solution

(D) अधोजाया पुष्प वे होते हैं जिनमें जायांग सबसे ऊपर स्थित होता है और अन्य भाग उसके नीचे स्थित होते हैं। यह ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (superior ovary) की विशेषता है।
$1$. करेला: परिजाया (Epigynous)
$2$. सरसों: अधोजाया (Hypogynous)
$3$. बैंगन: अधोजाया
$4$. कद्दू: परिजाया
$5$. गुड़हल: अधोजाया
$6$. ल्यूपिन: अधोजाया
$7$. खीरा: परिजाया
$8$. सनई: अधोजाया
$9$. चना: अधोजाया
$10$. अमरूद: परिजाया
$11$. बीन: अधोजाया
$12$. मिर्च: अधोजाया
$13$. आलूबुखारा: मध्यजाया (Perigynous)
$14$. पेटुनिया: अधोजाया
$15$. टमाटर: अधोजाया
$16$. गुलाब: मध्यजाया
$17$. विथानिया: अधोजाया
$18$. आलू: अधोजाया
$19$. प्याज: अधोजाया
$20$. एलोवेरा: अधोजाया
$21$. ट्यूलिप: अधोजाया
अधोजाया पुष्पों की गणना: सरसों,बैंगन,गुड़हल,ल्यूपिन,सनई,चना,बीन,मिर्च,पेटुनिया,टमाटर,विथानिया,आलू,प्याज,एलोवेरा और ट्यूलिप। कुल संख्या = $15$.
219
MediumMCQ
जब बाह्यदल या दल के किनारे एक-दूसरे को किसी विशेष दिशा के बिना ढंकते हैं,तो इस स्थिति को ....... कहा जाता है।
A
ध्वजक (Vexillary)
B
कोरस्पर्शी (Imbricate)
C
व्यावर्तित (Twisted)
D
कोरस्पर्शी (Valvate)

Solution

(B) पुष्प कली में बाह्यदल या दल की व्यवस्था को पुष्पदल विन्यास (Aestivation) कहा जाता है।
कोरस्पर्शी (Imbricate) विन्यास में,बाह्यदल या दल के किनारे एक-दूसरे को ढंकते हैं लेकिन किसी विशेष दिशा में नहीं।
व्यावर्तित (Twisted) विन्यास में,एक उपांग का किनारा अगले उपांग के किनारे को एक नियमित दिशा में ढंकता है।
कोरस्पर्शी (Valvate) विन्यास में,एक चक्र के सदस्य केवल किनारे पर एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं,बिना ढंके।
ध्वजक (Vexillary) विन्यास में,सबसे बड़ा दल (मानक) दो पार्श्व दलों (पंखों) को ढंकता है,जो बदले में दो सबसे छोटे अग्र दलों (कील) को ढंकते हैं।
220
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कितने पौधों में ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (superior ovary) पाया जाता है: गुड़हल,सरसों,बैंगन,आलू,अमरूद,खीरा,प्याज और ट्यूलिप?
A
चार
B
पाँच
C
छह
D
तीन

Solution

(C) ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय वाले पौधों की संख्या निर्धारित करने के लिए,हम प्रत्येक पौधे को उसके पुष्प के प्रकार और अंडाशय की स्थिति के आधार पर वर्गीकृत करते हैं:
$1$. गुड़हल: ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (जायांगोपरि पुष्प).
$2$. सरसों: ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (जायांगोपरि पुष्प).
$3$. बैंगन: ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (जायांगोपरि पुष्प).
$4$. आलू: ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (जायांगोपरि पुष्प).
$5$. अमरूद: अधोवर्ती अंडाशय (जायांगधर पुष्प).
$6$. खीरा: अधोवर्ती अंडाशय (जायांगधर पुष्प).
$7$. प्याज: ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (जायांगोपरि पुष्प).
$8$. ट्यूलिप: ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (जायांगोपरि पुष्प).
ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय वाले पौधों की गणना करने पर: गुड़हल,सरसों,बैंगन,आलू,प्याज और ट्यूलिप।
कुल संख्या = $6$.
अतः,सही विकल्प $C$ है।
221
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें अक्षीय (axile) बीजांडन्यास पाया जाता है?
A
आर्जीमोन (Argemone)
B
डायेंथस (Dianthus)
C
नींबू (Lemon)
D
मटर (Pea)

Solution

(C) अक्षीय बीजांडन्यास में,बीजांडसन अक्षीय होता है और बीजांड एक बहुकोष्ठीय अंडाशय में इससे जुड़े होते हैं।
अक्षीय बीजांडन्यास वाले पौधों के उदाहरणों में गुड़हल,टमाटर और नींबू शामिल हैं।
- आर्जीमोन $(Argemone)$ में भित्तीय (parietal) बीजांडन्यास पाया जाता है।
- डायेंथस $(Dianthus)$ में मुक्त स्तंभ (free central) बीजांडन्यास पाया जाता है।
- मटर $(Pea)$ में सीमांत (marginal) बीजांडन्यास पाया जाता है।
अतः,सही विकल्प $C$ (नींबू) है।
222
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें पुष्प एकलिंगी होते हैं?
A
प्याज
B
मटर
C
खीरा
D
गुड़हल

Solution

(C) जब किसी पुष्प में या तो केवल पुंकेसर (नर जनन अंग) या केवल स्त्रीकेसर (मादा जनन अंग) उपस्थित होता है, तो उसे एकलिंगी पुष्प कहा जाता है।
दिए गए विकल्पों में से, $\text{खीरा}$ (Cucumis sativus) में एकलिंगी पुष्प होते हैं, जहाँ व्यक्तिगत पुष्प या तो नर (पुंकेसरी) या मादा (स्त्रीकेसरी) होते हैं।
प्याज, मटर और गुड़हल में द्विलिंगी (उभयलिंगी) पुष्प होते हैं, जिनमें एक ही पुष्प में पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों उपस्थित होते हैं।
223
MediumMCQ
$Polyadelphous$ (बहुगुच्छी) शब्द निम्नलिखित में से किस पर लागू होता है?
A
दलपुंज
B
बाह्यदलपुंज
C
जयांग
D
पुमंग

Solution

(D) $Polyadelphous$ (बहुगुच्छी) शब्द उस स्थिति को संदर्भित करता है जिसमें पुंकेसर दो से अधिक बंडलों (समूहों) में जुड़े होते हैं।
यह स्थिति $Androecium$ (पुमंग - पुष्प का नर जनन भाग) की एक विशिष्ट विशेषता है।
उदाहरण के लिए,$Rutaceae$ कुल (जैसे $Citrus$) में,पुंकेसर कई बंडलों में व्यवस्थित होते हैं।
इसलिए,$polyadelphous$ शब्द $Androecium$ (पुमंग) पर लागू होता है।
224
MediumMCQ
Indigofera,Sesbania,Salvia,Allium,Aloe,सरसों,मूंगफली,मूली,चना और शलजम में से कितने पौधों के फूलों में पुंकेसर अलग-अलग लंबाई के होते हैं?
A
पांच
B
छह
C
तीन
D
चार

Solution

(D) अलग-अलग लंबाई के पुंकेसर वाले पौधों को निर्धारित करने के लिए,हम डाइडायनामस (दो लंबे,दो छोटे) या टेट्राडायनामस (चार लंबे,दो छोटे) जैसी स्थितियों की जांच करते हैं।
$1$. $Indigofera$: पुंकेसर समान लंबाई के होते हैं।
$2$. $Sesbania$: पुंकेसर समान लंबाई के होते हैं।
$3$. $Salvia$: डाइडायनामस स्थिति दर्शाता है (अलग-अलग लंबाई के पुंकेसर)।
$4$. $Allium$: पुंकेसर समान लंबाई के होते हैं।
$5$. $Aloe$: पुंकेसर समान लंबाई के होते हैं।
$6$. $Mustard$ (सरसों): टेट्राडायनामस स्थिति दर्शाता है (अलग-अलग लंबाई के पुंकेसर)।
$7$. $Groundnut$ (मूंगफली): पुंकेसर समान लंबाई के होते हैं।
$8$. $Radish$ (मूली): टेट्राडायनामस स्थिति दर्शाता है (अलग-अलग लंबाई के पुंकेसर)।
$9$. $Gram$ (चना): पुंकेसर समान लंबाई के होते हैं।
$10$. $Turnip$ (शलजम): टेट्राडायनामस स्थिति दर्शाता है (अलग-अलग लंबाई के पुंकेसर)।
इस प्रकार,$Salvia$,$Mustard$,$Radish$ और $Turnip$ कुल $4$ ऐसे पौधे हैं जिनमें पुंकेसर अलग-अलग लंबाई के होते हैं।
225
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किन पुष्पों में त्रिज्य सममिति (Actinomorphic symmetry) देखी जाती है?
A
मटर (Pisum)
B
कैसिया (Cassia)
C
ब्रैसिका (Brassica)
D
ट्राइफोलियम (Trifolium)

Solution

(C) जब किसी पुष्प को उसके केंद्र से गुजरने वाले किसी भी त्रिज्य तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है,तो उसे त्रिज्य सममिति (Actinomorphic symmetry) कहा जाता है।
त्रिज्य सममिति वाले पुष्पों के उदाहरणों में सरसों $(Brassica)$,धतूरा और मिर्च शामिल हैं।
मटर $(Pisum)$,कैसिया $(Cassia)$ और ट्राइफोलियम $(Trifolium)$ में एकव्यास सममिति (Zygomorphic symmetry) देखी जाती है,जिसमें पुष्प को केवल एक विशेष ऊर्ध्वाधर तल द्वारा ही दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है।
अतः,सही विकल्प $Brassica$ है।
226
MediumMCQ
मुक्त केंद्रीय बीजांडन्यास (free central placentation) किस पौधे में पाया जाता है?
A
ब्रैसिका
B
नींबू
C
डायेंथस
D
आर्जीमोन

Solution

(C) मुक्त केंद्रीय बीजांडन्यास में,बीजांड केंद्रीय अक्ष पर स्थित होते हैं और इसमें पट (septa) अनुपस्थित होते हैं। इस प्रकार का बीजांडन्यास मुख्य रूप से कैरियोफिलेसी (Caryophyllaceae) और प्रिम्युलेसी (Primulaceae) कुल की विशेषता है। दिए गए विकल्पों में से,$Dianthus$ (डायेंथस) कैरियोफिलेसी कुल का सदस्य है और इसमें मुक्त केंद्रीय बीजांडन्यास पाया जाता है। $Brassica$ (ब्रैसिका) में भित्तीय (parietal),$Citrus$ (नींबू) में स्तंभीय (axile) और $Argemone$ (आर्जीमोन) में भित्तीय बीजांडन्यास पाया जाता है।
227
MediumMCQ
पैपिलियोनोइडी (Papilionoideae) दलपुंज के विशिष्ट पश्च दल (posterior petal) को क्या कहा जाता है?
A
पैपस
B
ध्वजक (Vexillum)
C
कोरोना
D
केरीना

Solution

(B) फैबेसी (Fabaceae) कुल (उपकुल पैपिलियोनोइडी) में,दलपुंज तितली के आकार का (papilionaceous) होता है,जो पाँच दलों से बना होता है।
ये दल 'वेक्सिलरी' (vexillary) विन्यास में व्यवस्थित होते हैं।
इसमें एक बड़ा पश्च दल होता है जिसे $Vexillum$ (ध्वजक) कहा जाता है,दो पार्श्व दल होते हैं जिन्हें $Wings$ (पक्षक) कहा जाता है,और दो अग्र दल आपस में जुड़कर एक नाव जैसी संरचना बनाते हैं जिसे $Keel$ $(Carina)$ कहा जाता है।
अतः,विशिष्ट पश्च दल को $Vexillum$ या $Standard$ के रूप में जाना जाता है।
228
MediumMCQ
बीजांडन्यास (Placentation),जिसमें बीजांड अंडाशय की आंतरिक भित्ति पर या परिधीय भाग में विकसित होते हैं,उसे क्या कहते हैं?
A
आधारीय (Basal)
B
स्तंभीय (Axile)
C
भित्तीय (Parietal)
D
मुक्त-स्तंभीय (Free central)

Solution

(C) भित्तीय (Parietal) बीजांडन्यास में,बीजांड अंडाशय की आंतरिक भित्ति पर या परिधीय भाग में विकसित होते हैं।
इस प्रकार के बीजांडन्यास में,अंडाशय एक-कोष्ठीय (unilocular) होता है लेकिन कूटपट (replum) के निर्माण के कारण यह द्वि-कोष्ठीय हो सकता है।
229
DifficultMCQ
निम्नलिखित कथनों को पढ़ें।
$(i)$ जायांग केंद्र में स्थित होता है और पुष्प के अन्य भाग पुष्पासन (thalamus) के किनारे पर लगभग समान स्तर पर स्थित होते हैं।
$(ii)$ अंडाशय अर्ध-अधोवर्ती (half-inferior) होता है।
$(iii)$ उदाहरण प्लम,गुलाब और आड़ू (peach) हैं।
उपरोक्त कथनों द्वारा पुष्प की किस स्थिति का वर्णन किया जा रहा है?
A
जायांगधर (Hypogyny)
B
परिजायांगधर (Perigyny)
C
अधिजायांगधर (Epigyny)
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) परिजायांगधर (Perigyny) में,जायांग केंद्र में स्थित होता है और पुष्प के अन्य भाग पुष्पासन के किनारे पर लगभग समान स्तर पर स्थित होते हैं।
इस स्थिति में,अंडाशय को अर्ध-अधोवर्ती (half-inferior) कहा जाता है।
परिजायांगधर पुष्पों के उदाहरणों में प्लम,गुलाब और आड़ू शामिल हैं।
अतः,ये कथन परिजायांगधर स्थिति का वर्णन करते हैं।
230
DifficultMCQ
बीजांडन्यास के प्रकारों (Column-$I$) को उनके उदाहरणों (Column-$II$) के साथ सुमेलित कीजिए:
Column-$I$ Column-$II$
$(a)$ आधारीय (Basal) $(i)$ सरसों (Mustard)
$(b)$ अक्षीय (Axile) $(ii)$ गुड़हल (China rose)
$(c)$ भित्तीय (Parietal) $(iii)$ डायन्थस (Dianthus)
$(d)$ मुक्त-स्तंभी (Free central) $(iv)$ सूरजमुखी (Sunflower)

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
A
$(a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(i)$
B
$(a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)$
C
$(a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iii)$
D
$(a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)$

Solution

(C) सही मिलान इस प्रकार है:
$1$. आधारीय (Basal) बीजांडन्यास: इस प्रकार में,बीजांडासन अंडाशय के आधार पर विकसित होता है और एक एकल बीजांड इससे जुड़ा होता है। उदाहरण: सूरजमुखी,गेंदा।
$2$. अक्षीय (Axile) बीजांडन्यास: इस प्रकार में,बीजांडासन अक्षीय होता है और बहुकोष्ठीय अंडाशय में बीजांड इससे जुड़े होते हैं। उदाहरण: गुड़हल,टमाटर,नींबू।
$3$. भित्तीय (Parietal) बीजांडन्यास: इस प्रकार में,बीजांड अंडाशय की आंतरिक दीवार या परिधीय भाग पर विकसित होते हैं। उदाहरण: सरसों,आर्जीमोन।
$4$. मुक्त-स्तंभी (Free central) बीजांडन्यास: इस प्रकार में,बीजांड केंद्रीय अक्ष पर स्थित होते हैं और इसमें पट (septa) अनुपस्थित होते हैं। उदाहरण: डायन्थस,प्रिमरोज़।
अतः,सही मिलान है: $(a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iii)$.
231
Easy
निम्नलिखित शब्द को परिभाषित कीजिए:
पुष्पदलविन्यास (Aestivation)

Solution

(N/A) पुष्पकलिका में बाह्यदल या दल के अन्य सदस्यों के सापेक्ष व्यवस्थित होने की विधि को पुष्पदलविन्यास (Aestivation) कहा जाता है।
पौधों में पाए जाने वाले मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
$1$. कोरस्पर्शी (Valvate): जब एक चक्र के बाह्यदल या दल केवल एक-दूसरे के किनारों को स्पर्श करते हैं,बिना एक-दूसरे पर चढ़े हुए।
$2$. व्यावर्तित (Twisted): यदि एक उपांग का किनारा अगले उपांग के किनारे को ढकता है और इसी प्रकार आगे भी।
$3$. कोरछादी (Imbricate): यदि बाह्यदलों या दलों के किनारे एक-दूसरे को ढके रहते हैं लेकिन किसी विशेष दिशा में नहीं।
$4$. वैक्सिलरी (Vexillary): मटर और सेम के फूलों में पांच पंखुड़ियां होती हैं; सबसे बड़ी (मानक) दो पार्श्व पंखुड़ियों (पंख) को ढकती है,जो बदले में दो सबसे छोटी अग्र पंखुड़ियों (कील) को ढकती हैं।
232
Difficult
पुष्पी पादपों में पाए जाने वाले बीजांडन्यास (placentation) के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) बीजांडन्यास का अर्थ है अंडाशय के भीतर बीजांडों की व्यवस्था। यह मुख्य रूप से पाँच प्रकार के होते हैं:
$(A)$ सीमांत (Marginal) बीजांडन्यास:
अंडाशय की अधर सीवन (ventral suture) पर बीजांडासन एक कटक बनाता है और बीजांड इस कटक पर दो कतारों में विकसित होते हैं। यह मटर में पाया जाता है।
$(B)$ भित्तिलग्न (Parietal) बीजांडन्यास:
जब बीजांड अंडाशय की आंतरिक भित्ति पर या परिधीय भाग पर विकसित होते हैं,तो इसे भित्तिलग्न बीजांडन्यास कहा जाता है।
$(C)$ स्तंभीय (Axile) बीजांडन्यास:
स्तंभीय बीजांडन्यास में,बीजांडासन अक्षीय होता है और बीजांड बहुकोष्ठीय अंडाशय में इससे जुड़े होते हैं। उदाहरण के लिए गुड़हल,टमाटर और नींबू।
$(D)$ आधारीय (Basal) बीजांडन्यास:
बीजांडासन अंडाशय के आधार पर विकसित होता है और एक एकल बीजांड इससे जुड़ा होता है। यह सूरजमुखी और गेंदे में पाया जाता है।
$(E)$ मुक्त-स्तंभीय (Free central) बीजांडन्यास:
मुक्त-स्तंभीय बीजांडन्यास में,बीजांड केंद्रीय अक्ष पर विकसित होते हैं और इसमें पट (septa) अनुपस्थित होते हैं। यह डायन्थस और प्रिमरोज़ में पाया जाता है।
Solution diagram
233
Medium
पुष्पासन पर पुष्पीय सदस्यों की व्यवस्था का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) पुष्पासन पर अंडाशय के सापेक्ष बाह्यदल,दल और पुंकेसर की स्थिति के आधार पर,फूलों को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
$1$. अधोजायांगी (Hypogynous): इन फूलों में,जायांग सबसे ऊंचे स्थान पर होता है जबकि अन्य पुष्पीय भाग इसके नीचे स्थित होते हैं। अंडाशय को ऊर्ध्ववर्ती (superior) कहा जाता है। उदाहरण: गुड़हल,सरसों और बैंगन।
$2$. परिजायांगी (Perigynous): इन फूलों में,जायांग केंद्र में स्थित होता है और अन्य पुष्पीय भाग पुष्पासन के किनारे पर समान स्तर पर व्यवस्थित होते हैं। अंडाशय को अर्ध-अधोवर्ती (half-inferior) कहा जाता है। उदाहरण: आलूबुखारा (Plum),गुलाब और आड़ू (peach)।
$3$. उपरिजायांगी (Epigynous): इन फूलों में,पुष्पासन का किनारा ऊपर की ओर बढ़ता है और अंडाशय को पूरी तरह से घेर लेता है तथा उससे जुड़ जाता है। अन्य पुष्पीय भाग अंडाशय के ऊपर से उत्पन्न होते हैं। अंडाशय को अधोवर्ती (inferior) कहा जाता है। उदाहरण: अमरूद,खीरा और सूरजमुखी के रश्मि पुष्प।
234
Easy
निम्नलिखित शब्द को परिभाषित कीजिए: बीजांडन्यास (Placentation).

Solution

(N/A) बीजांडन्यास (Placentation) का अर्थ पुष्प के अंडाशय के भीतर बीजांडों की व्यवस्था से है।
यह मुख्य रूप से पाँच प्रकार के होते हैं: सीमांत (marginal),आधारीय (basal),भित्तीय (parietal),स्तंभीय (axile) और मुक्त-स्तंभीय (free central)।
235
Easy
निम्नलिखित शब्द को परिभाषित कीजिए: त्रिज्यासममित (Actinomorphic).

Solution

(N/A) त्रिज्यासममित (Actinomorphic): त्रिज्यासममित पुष्प वे होते हैं जिन्हें पुष्प के केंद्र से गुजरने वाले किसी भी त्रिज्यीय तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है। इस प्रकार की सममिति को त्रिज्यीय सममिति कहा जाता है। त्रिज्यासममित पुष्पों के उदाहरणों में सरसों,धतूरा और मिर्च शामिल हैं।
236
Easy
निम्नलिखित शब्द को परिभाषित कीजिए: जाइगोमोर्फिक (एकव्याससममित)।

Solution

(N/A) जाइगोमोर्फिक (एकव्याससममित) पुष्प वे पुष्प होते हैं जिन्हें केवल एक ही ऊर्ध्वाधर तल (vertical plane) द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है। इस प्रकार की सममिति को द्विपार्श्व सममिति (bilateral symmetry) के रूप में जाना जाता है। जाइगोमोर्फिक पुष्पों के उदाहरणों में मटर,सेम,कैसिया और गुलमोहर शामिल हैं।
237
Easy
निम्नलिखित शब्द को परिभाषित कीजिए: ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (Superior ovary).

Solution

(N/A) ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय ($Superior$ $ovary$) पुष्पों में वह स्थिति है जिसमें जायांग $(gynoecium)$ सबसे उच्चतम स्थान पर स्थित होता है,जबकि अन्य पुष्पीय भाग (बाह्यदल,दल और पुंकेसर) इसके नीचे व्यवस्थित होते हैं। इस प्रकार की व्यवस्था वाले पुष्प को अधोजायांगी $(hypogynous)$ कहा जाता है। ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय वाले पौधों के उदाहरणों में बैंगन,सरसों और गुड़हल शामिल हैं।
238
Easy
निम्नलिखित शब्द को परिभाषित कीजिए: परिजाया (Perigynous) पुष्प।

Solution

(N/A) परिजाया (Perigynous) पुष्प:
परिजाया पुष्पों में,जायांग केंद्र में स्थित होता है और अन्य पुष्पीय भाग (बाह्यदल,दल और पुंकेसर) पुष्पासन के किनारे पर लगभग समान स्तर पर व्यवस्थित होते हैं।
ऐसे पुष्पों में अंडाशय को अर्ध-अधोवर्ती (half-inferior) कहा जाता है।
उदाहरणों में $Plum$ (आलू),$Rose$ (गुलाब) और $Peach$ (आडू) शामिल हैं।
239
Easy
निम्नलिखित शब्द को परिभाषित कीजिए:
$Epipetalous$ $Stamen$ (दललग्न पुंकेसर)

Solution

(N/A) $Epipetalous$ $Stamen$ (दललग्न पुंकेसर):
जब पुंकेसर दलपुंज (petals) से जुड़े होते हैं,तो उन्हें $Epipetalous$ (दललग्न) पुंकेसर कहा जाता है।
यह स्थिति सामान्यतः बैंगन ($Solanum$ $melongena$) जैसे पौधों में देखी जाती है।
240
Medium
एपोकार्पस (वियुक्तांडपी) और सिनकार्पस (युक्तांडपी) अंडाशय के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।

Solution

(N/A)
एपोकार्पस (वियुक्तांडपी) अंडाशय सिनकार्पस (युक्तांडपी) अंडाशय
$(1)$ एपोकार्पस अंडाशय वाले फूलों में एक से अधिक अंडप (carpel) होते हैं और ये अंडप स्वतंत्र होते हैं। $(1)$ सिनकार्पस अंडाशय वाले फूलों में एक से अधिक अंडप होते हैं,लेकिन ये अंडप आपस में जुड़े हुए होते हैं।
$(2)$ उदाहरण के लिए कमल और गुलाब के फूल। $(2)$ उदाहरण के लिए टमाटर और सरसों के फूल।
241
Easy
एक प्रारूपिक पुष्प के भागों का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) आवृतबीजी पौधों में पुष्प के भाग :
$\rightarrow$ पुष्प आवृतबीजी पौधों में जनन इकाई है,जो लैंगिक जनन के लिए होता है।
$\rightarrow$ इसमें एक मध्य अक्ष होता है और यह पुष्पवृंत (pedicel) द्वारा पौधे से जुड़ा होता है।
$\rightarrow$ पुष्पवृंत के फूले हुए सिरे को पुष्पासन (thalamus) कहते हैं। इस पर चार प्रकार के चक्र क्रमानुसार व्यवस्थित होते हैं।
$\rightarrow$ ये बाह्यदलपुंज (calyx),दलपुंज (corolla),पुमंग (androecium) और जायांग (gynoecium) हैं।
$\rightarrow$ बाह्यदलपुंज और दलपुंज सहायक अंग हैं,जबकि पुमंग और जायांग जनन अंग हैं।
$(i)$ बाह्यदलपुंज: पुष्प का सबसे बाहरी चक्र,जो बाह्यदलों (sepals) से बना होता है। बाह्यदल आमतौर पर हरे और पत्ती जैसे होते हैं,जो कली अवस्था में पुष्प की रक्षा करते हैं। बाह्यदलपुंज संयुक्तबाह्यदली (gamosepalous) या पृथकबाह्यदली (polysepalous) हो सकते हैं।
$(ii)$ दलपुंज: बाह्यदलपुंज के अंदर स्थित चक्र,जो दलों (petals) से बना होता है। दल अक्सर चमकीले रंग के होते हैं और परागण के लिए कीटों को आकर्षित करते हैं। दलपुंज पृथकदली (polypetalous) या संयुक्तदली (gamopetalous) हो सकते हैं।
$\rightarrow$ दलपुंज विभिन्न आकारों और रंगों के होते हैं,जैसे नलाकार,घंटी के आकार का,कीप के आकार का या चक्राकार।
$\rightarrow$ जिस पुष्प में पुमंग और जायांग दोनों उपस्थित होते हैं,उसे उभयलिंगी पुष्प कहते हैं।
$\rightarrow$ जिस पुष्प में केवल पुंकेसर या केवल स्त्रीकेसर होते हैं,उसे एकलिंगी पुष्प कहते हैं।
Solution diagram
242
Medium
पुष्पदल विन्यास (Aestivation) किसे कहते हैं? इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) पुष्प कलिका में बाह्यदल या दलों की व्यवस्था के प्रकार को पुष्पदल विन्यास (Aestivation) कहा जाता है।
इसके प्रकार निम्नलिखित हैं:
$(i)$ कोरस्पर्शी (Valvate): जब एक चक्र के बाह्यदल या दल केवल एक-दूसरे के किनारों को स्पर्श करते हैं,बिना एक-दूसरे पर चढ़े (overlapping),तो इसे कोरस्पर्शी कहते हैं,उदाहरण: $Calotropis$ (आक)।
$(ii)$ व्यावर्तित (Twisted): यदि किसी उपांग (appendage) का एक किनारा अगले उपांग के किनारे पर चढ़ा हो और इसी प्रकार आगे भी हो,तो इसे व्यावर्तित कहते हैं,उदाहरण: गुड़हल,भिंडी और कपास।
$(iii)$ कोरछादी (Imbricate): यदि बाह्यदलों या दलों के किनारे एक-दूसरे पर चढ़े हों लेकिन किसी निश्चित दिशा में न हों,तो इस विन्यास को कोरछादी कहते हैं,उदाहरण: $Cassia$ (अमलतास) और गुलमोहर।
$(iv)$ वैक्सिलरी या पैपिलियोनेसियस (Vexillary or Papilionaceous): मटर और सेम के फूलों में पाँच दल होते हैं; सबसे बड़ा (मानक) दो पार्श्व दलों (पंख) को ढकता है,जो बदले में दो सबसे छोटे अग्र दलों (कीक) को ढकता है। इस प्रकार के विन्यास को वैक्सिलरी या पैपिलियोनेसियस कहते हैं।
Solution diagram
243
Easy
पुंकेसर की संख्या और उनके जुड़ाव के आधार पर,पुंकेसर के प्रकार बताइए और उदाहरण दीजिए।

Solution

(A-D) $\rightarrow$ पुमंग पुंकेसरों से बना होता है,जो फूल के नर प्रजनन अंग हैं।
$\rightarrow$ प्रत्येक पुंकेसर एक तंतु और परागकोश से बना होता है।
$\rightarrow$ पुंकेसरों के जुड़ाव के आधार पर,उन्हें निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
$\rightarrow$ $1$. मुक्तपुंकेसरी (Polyandrous): जब एक फूल में पुंकेसर मुक्त रहते हैं,तो इसे मुक्तपुंकेसरी कहा जाता है।
$\rightarrow$ $2$. एकसंघी (Monoadelphous): जब पुंकेसर एक गुच्छे या बंडल में जुड़े होते हैं,तो इसे एकसंघी कहा जाता है,उदाहरण: गुड़हल।
$\rightarrow$ $3$. द्विसंघी (Diadelphous): जब पुंकेसर दो बंडलों में जुड़े होते हैं,तो इसे द्विसंघी कहा जाता है,उदाहरण: मटर।
$\rightarrow$ $4$. बहुसंघी (Polydelphous): जब पुंकेसर दो से अधिक बंडलों में जुड़े होते हैं,तो इसे बहुसंघी पुंकेसर कहा जाता है,उदाहरण: नींबू।
$\rightarrow$ इसके अतिरिक्त,जुड़ाव के आधार पर: दललग्न (दलपुंज से जुड़े,उदाहरण: बैंगन) और परिदललग्न (परिदलपुंज से जुड़े,उदाहरण: लिली)।
244
Medium
जयांग (Gynoecium) की संरचना और प्रकारों का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) $\rightarrow$ जयांग: यह पुष्प का मादा जनन भाग है और एक या अधिक अंडपों (carpels) से बना होता है।
$\rightarrow$ एक अंडप तीन भागों से बना होता है: अंडाशय (ovary),वर्तिका (style) और वर्तिकाग्र (stigma)।
$\rightarrow$ अंडाशय आधार का फूला हुआ भाग है,जिस पर एक लंबी नली स्थित होती है जिसे वर्तिका कहते हैं।
$\rightarrow$ वर्तिका अंडाशय को वर्तिकाग्र से जोड़ती है।
$\rightarrow$ वर्तिकाग्र आमतौर पर वर्तिका के शीर्ष पर होता है और पराग कणों के लिए ग्रहणशील सतह के रूप में कार्य करता है।
$\rightarrow$ प्रत्येक अंडाशय में एक या अधिक बीजांड (ovules) होते हैं जो एक चपटे,गद्दीदार बीजांडासन (placenta) से जुड़े होते हैं।
$\rightarrow$ जयांग के प्रकार:
$\rightarrow$ जब जयांग में केवल एक अंडप होता है,तो इसे एक अंडपी (monocarpellary) कहा जाता है,उदा.,मटर।
$\rightarrow$ जब जयांग में एक से अधिक अंडप मौजूद होते हैं,तो इसे बहु-अंडपी (polycarpellary) कहा जाता है।
$\rightarrow$ बहु-अंडपी जयांग में यदि सभी अंडप एक-दूसरे से मुक्त होते हैं,तो इसे वियुक्तांडपी (Apocarpous) कहा जाता है,उदा.,कमल,गुलाब।
$\rightarrow$ यदि सभी अंडप जुड़े हुए होते हैं,तो इसे युक्तांडपी (Syncarpous) कहा जाता है। ऐसे मामलों में केवल एक अंडाशय होता है,उदा.,टमाटर,सरसों।
$\rightarrow$ निषेचन के बाद,बीजांड बीज में विकसित हो जाते हैं और अंडाशय फल में परिपक्व हो जाता है।
245
Easy
बीजांडन्यास (Placentation) क्या है? बीजांडन्यास के प्रकारों का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) $\rightarrow$ अंडाशय में एक या अधिक बीजांड एक चपटी,गद्दी जैसी संरचना से जुड़े होते हैं जिसे बीजांडासन (Placenta) कहते हैं।
$\rightarrow$ अंडाशय के भीतर बीजांडों के विन्यास को बीजांडन्यास कहा जाता है।
$\rightarrow$ बीजांडन्यास के प्रकार निम्नलिखित हैं:
$(i)$ सीमांत (Marginal) बीजांडन्यास: इसमें बीजांडासन अंडाशय की अधर सीवन (ventral suture) के साथ एक कटक बनाता है और बीजांड इस कटक पर दो पंक्तियों में लगे होते हैं,उदा. मटर,सेम।
$(ii)$ अक्षीय (Axile) बीजांडन्यास: जब बीजांडासन अक्षीय होता है और बीजांड बहुकोष्ठीय अंडाशय में इससे जुड़े होते हैं,तो इसे अक्षीय बीजांडन्यास कहते हैं,उदा. गुड़हल,टमाटर और नींबू।
$(iii)$ भित्तीय (Parietal) बीजांडन्यास: इस प्रकार में,बीजांड अंडाशय की आंतरिक भित्ति या परिधीय भाग पर विकसित होते हैं। अंडाशय एक-कोष्ठीय होता है लेकिन आभासी पट (false septum) के निर्माण के कारण यह दो-कोष्ठीय हो जाता है,उदा. सरसों और आर्जेमोन।
$(iv)$ स्तंभीय (Free central) बीजांडन्यास: जब बीजांड केंद्रीय अक्ष पर लगे होते हैं और पट अनुपस्थित होते हैं,तो अंडाशय एक-कोष्ठीय होता है; इसे स्तंभीय बीजांडन्यास कहते हैं,उदा. डायन्थस और प्रिमरोज़।
$(v)$ आधारीय (Basal) बीजांडन्यास: इस प्रकार में,बीजांडासन अंडाशय के आधार पर विकसित होता है और एक एकल बीजांड इससे जुड़ा होता है,उदा. सूरजमुखी,गेहूं।
Solution diagram
246
MediumMCQ
जयांग (gynoecium) के प्रकारों की व्याख्या कीजिए।
A
एकअंडपी (Monocarpellary)
B
द्विअंडपी (Bicarpellary)
C
वियुक्तांडपी (Apocarpous)
D
युक्तांडपी (Syncarpous)

Solution

(A-D) जयांग पुष्प का मादा जनन अंग है,जो एक या अधिक अंडपों (carpels) से बना होता है। इसका वर्गीकरण दो आधारों पर किया जाता है:
$1$. अंडपों की संख्या के आधार पर:
- $Monocarpellary$ (एकअंडपी): जयांग में केवल एक अंडप होता है (उदाहरण: मटर)।
- $Bicarpellary$ (द्विअंडपी): जयांग में दो अंडप होते हैं।
- $Tricarpellary$ (त्रिअंडपी): जयांग में तीन अंडप होते हैं।
- $Multicarpellary$ (बहुअंडपी): जयांग में बहुत से अंडप होते हैं।
$2$. अंडपों के संयोजन के आधार पर:
- $Apocarpous$ (वियुक्तांडपी): जब अंडप स्वतंत्र होते हैं (उदाहरण: गुलाब,कमल)।
- $Syncarpous$ (युक्तांडपी): जब अंडप आपस में जुड़े होते हैं (उदाहरण: टमाटर,सरसों)।
247
Medium
परिभाषा / व्याख्या :
$(i)$ अधोजाया (Hypogynous) पुष्प / ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (Superior ovary)
$(ii)$ प्रशल्क (Scutellum)

Solution

(N/A) $(i)$ अधोजाया पुष्प में पुष्पासन शंकु के आकार का हो जाता है,जिससे अंडाशय सबसे ऊपर स्थित होता है। ऐसे अंडाशय को ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय कहा जाता है और पुष्प के अन्य सभी भाग अंडाशय के नीचे से उत्पन्न होते हैं,इसलिए इस पुष्प को अधोजाया पुष्प कहा जाता है।
$(ii)$ एकबीजपत्री पौधों में,भ्रूणीय क्षेत्र में एक बड़ा और ढाल के आकार का बीजपत्र होता है,जिसे प्रशल्क (Scutellum) के रूप में जाना जाता है।
248
Easy
एक विशिष्ट आवृतबीजी पुष्प में चार पुष्पीय भाग होते हैं। इन पुष्पीय भागों के नाम और उनकी व्यवस्था क्रमवार बताइए।

Solution

(N/A) एक विशिष्ट आवृतबीजी पुष्प में बाहर से अंदर की ओर क्रमबद्ध चार चक्र होते हैं:
$(a)$ बाह्यदलपुंज (Calyx): यह पुष्प का सबसे बाहरी चक्र है। इसकी इकाइयों को बाह्यदल (sepals) कहा जाता है। ये सामान्यतः हरे रंग के होते हैं और कली अवस्था में पुष्प की रक्षा करते हैं।
$(b)$ दलपुंज (Corolla): यह दूसरा चक्र है,जो पंखुड़ियों (petals) से बना होता है। परागण के लिए कीटों को आकर्षित करने के लिए ये अक्सर चमकीले रंग के होते हैं।
$(c)$ पुमंग (Androecium): यह तीसरा चक्र है,जो पुंकेसरों से बना होता है। यह नर जनन अंग है। प्रत्येक पुंकेसर में एक तंतु (filament) और परागकोश (anther) होता है,जिसमें परागधानी और परागकण होते हैं।
$(d)$ जायांग (Gynoecium): यह सबसे आंतरिक चक्र है,जो एक या अधिक स्त्रीकेसरों (carpels) से बना होता है। यह मादा जनन अंग है,जिसमें अंडाशय,वर्तिका और वर्तिकाग्र होते हैं।
Solution diagram
249
Easy
अंडाशय के भीतर बीजांडों (ovules) की व्यवस्था को बीजांडन्यास (placentation) कहा जाता है। अपरा (placenta) शब्द का क्या अर्थ है? पुष्पों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के बीजांडन्यासों का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) $\Rightarrow$ अपरा (placenta) अंडाशय के भीतर एक नरम,गद्देदार ऊतक है जिससे बीजांड जुड़े होते हैं।
$\Rightarrow$ अंडाशय के भीतर बीजांडों की व्यवस्था को बीजांडन्यास कहा जाता है। बीजांडन्यास के मुख्य प्रकार सीमांत (marginal),अक्षीय (axile),भित्तीय (parietal),मुक्त स्तंभ (free central) और आधारी (basal) हैं।
$\Rightarrow$ सीमांत बीजांडन्यास: इस प्रकार में,अपरा अंडाशय की अधर सीवन (ventral suture) के साथ एक कटक (ridge) बनाता है और बीजांड इस कटक पर दो पंक्तियों में लगे होते हैं,जैसा कि मटर में होता है।
$\Rightarrow$ अक्षीय बीजांडन्यास: इस प्रकार में,अपरा अक्षीय होता है और बीजांड बहुकोष्ठीय अंडाशय में इससे जुड़े होते हैं,जैसा कि गुड़हल,टमाटर और नींबू में होता है।
$\Rightarrow$ भित्तीय बीजांडन्यास: इस प्रकार में,बीजांड अंडाशय की आंतरिक दीवार या परिधीय भाग पर विकसित होते हैं। अंडाशय एककोष्ठीय होता है लेकिन कूटपट्ट (false septum) के निर्माण के कारण यह द्वि-कोष्ठीय हो सकता है,जैसा कि सरसों और आर्जेमोन में होता है।
$\Rightarrow$ मुक्त स्तंभ बीजांडन्यास: इस प्रकार में,बीजांड केंद्रीय अक्ष पर स्थित होते हैं और पट (septa) अनुपस्थित होते हैं,जिससे अंडाशय एककोष्ठीय होता है,जैसा कि डायन्थस और प्रिम्युला में होता है।
$\Rightarrow$ आधारी बीजांडन्यास: इस प्रकार में,अपरा अंडाशय के आधार पर विकसित होता है और एक एकल बीजांड इससे जुड़ा होता है,जैसा कि सूरजमुखी और गेंदे में होता है।
Solution diagram
250
Medium
मटर की फली में बीज एक पंक्ति में व्यवस्थित होते हैं,जबकि टमाटर में वे गूदेदार भाग में बिखरे होते हैं,इसका संभावित कारण बताइए।

Solution

(N/A) फल के भीतर बीजों की व्यवस्था पुष्प के अंडाशय में बीजांडन्यास (placentation) के प्रकार द्वारा निर्धारित होती है।
$1$. मटर के पौधों में,अंडाशय एक अंडपी (monocarpellary) होता है और इसमें सीमांत बीजांडन्यास (marginal placentation) पाया जाता है। बीजांड उदर सीवन (ventral suture) पर अपरा (placenta) से जुड़े होते हैं,जिसके परिणामस्वरूप बीज एक पंक्ति में व्यवस्थित दिखाई देते हैं।
$2$. टमाटर के पौधों में,अंडाशय बहुअंडपी (multicarpellary) और युक्तांडपी (syncarpous) होता है,जिसमें अक्षीय बीजांडन्यास (axile placentation) पाया जाता है। बीजांड बहुकोष्ठीय अंडाशय में केंद्रीय अक्ष से जुड़े होते हैं। जैसे-जैसे फल परिपक्व होता है,आंतरिक विभाजन कम स्पष्ट हो जाते हैं और बीज फल के गूदेदार,रसीले भाग में बिखरे हुए दिखाई देते हैं।

Morphology of Flowering Plants — Flower · Frequently Asked Questions

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2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

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