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Flower Questions in Hindi

Class 11 Biology · Morphology of Flowering Plants · Flower

351+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 351 questions in Hindi

251
MediumMCQ
नीचे दिए गए चित्रों की सहायता से स्त्रीकेसर (carpel) के प्रकार को पहचानें:
Question diagram
A
$(A)$ युक्तांडपी (Syncarpous),$(B)$ वियुक्तांडपी (Apocarpous)
B
$(A)$ वियुक्तांडपी (Apocarpous),$(B)$ युक्तांडपी (Syncarpous)
C
$(A)$ एकअंडपी (Monocarpellary),$(B)$ युक्तांडपी (Syncarpous)
D
$(A)$ वियुक्तांडपी (Apocarpous),$(B)$ बहुअंडपी (Multicarpellary)

Solution

(A) इस चित्र में,स्त्रीकेसर आपस में जुड़े हुए हैं,जिसे युक्तांडपी (Syncarpous) अंडाशय कहा जाता है। उदाहरण: Papaver (पॉपी)।
$(B)$ इस चित्र में,स्त्रीकेसर मुक्त हैं (जुड़े हुए नहीं हैं),जिसे वियुक्तांडपी (Apocarpous) अंडाशय कहा जाता है। उदाहरण: Michelia।
252
Medium
आप मुक्त-स्तंभीय (free central) और अक्षीय (axile) बीजांडन्यास के बीच अंतर कैसे स्पष्ट कर सकते हैं?

Solution

(N/A) $\rightarrow$ बीजांडन्यास: अंडाशय के भीतर बीजांडों के विन्यास को बीजांडन्यास कहा जाता है। बीजांडासन एक विशेष प्रकार का ऊतक है। पौधों में विभिन्न प्रकार के बीजांडन्यास देखे जाते हैं, जिनमें मुक्त-स्तंभीय और अक्षीय बीजांडन्यास प्रमुख हैं।
$\rightarrow$ इनके बीच का अंतर निम्नलिखित है:
मुक्त-स्तंभीय बीजांडन्यासअक्षीय बीजांडन्यास
$(1)$ अंडाशय एककोष्ठीय (single chambered) होता है।$(1)$ अंडाशय बहुकोष्ठीय (many chambers) होता है।
$(2)$ बीजांड केंद्रीय अक्ष पर स्थित होते हैं और इसमें पट (septa) अनुपस्थित होते हैं।$(2)$ बीजांडासन अक्षीय होता है और बीजांड बहुकोष्ठीय अंडाशय में पटों के साथ जुड़े होते हैं।
253
Medium
पुष्प कलिका में बाह्यदल या दल के विन्यास की विधि को पुष्पदल विन्यास (aestivation) कहा जाता है। पुष्पों में पाए जाने वाले पुष्पदल विन्यास के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) $\rightarrow$ पुष्प कलिका में बाह्यदल या दल की उसी चक्र के अन्य सदस्यों के सापेक्ष व्यवस्था को पुष्पदल विन्यास (aestivation) कहा जाता है।
$\rightarrow$ पुष्पदल विन्यास के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
$(i)$ कोरस्पर्शी (Valvate): जब एक चक्र के बाह्यदल या दल केवल किनारों से एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं, बिना एक-दूसरे पर चढ़े (overlapping), तो इसे कोरस्पर्शी कहते हैं, उदा. आक $(Calotropis)$।
$(ii)$ व्यावर्तित (Twisted): यदि किसी उपांग का एक किनारा अगले उपांग के किनारे पर चढ़ा हो, तो इसे व्यावर्तित कहते हैं, उदा. गुड़हल, भिंडी और कपास।
$(iii)$ कोरछादी (Imbricate): यदि बाह्यदल या दलों के किनारे एक-दूसरे पर चढ़े हों, लेकिन किसी निश्चित दिशा में नहीं, तो इसे कोरछादी कहते हैं, उदा. अमलतास $(Cassia)$ और गुलमोहर।
$(iv)$ ध्वजी (Vexillary): मटर और सेम के फूलों में पाँच दल होते हैं, जिसमें सबसे बड़ा (मानक) दो पार्श्व दलों (पंख) को ढकता है, जो बदले में दो सबसे छोटे अग्र दलों (कीक) को ढकता है। इस प्रकार के विन्यास को ध्वजी या तितलीनुमा (papilionaceous) कहा जाता है।
Solution diagram
254
Medium
अंडाशय के भीतर बीजांडों (ovules) की व्यवस्था को बीजांडन्यास (placentation) कहा जाता है। अपरा (placenta) शब्द का क्या अर्थ है? $T.S.$ या $V.S.$ में देखे जाने वाले पुष्पों में विभिन्न प्रकार के बीजांडन्यासों के नाम लिखिए और उनका वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) $\rightarrow$ अपरा (Placenta): अपरा एक चपटी,गद्देदार ऊतक है जिससे एक या अधिक बीजांड जुड़े होते हैं।
$\rightarrow$ अंडाशय के भीतर बीजांडों की व्यवस्था को बीजांडन्यास कहा जाता है।
$\rightarrow$ बीजांडन्यास के प्रकार निम्नलिखित हैं:
$(i)$ सीमांत बीजांडन्यास (Marginal Placentation): इसमें अपरा अंडाशय के अधर सीवन (ventral suture) के साथ एक कटक (ridge) बनाता है और बीजांड इस कटक पर दो पंक्तियों में व्यवस्थित होते हैं,उदा. मटर,सेम।
$(ii)$ अक्षीय बीजांडन्यास (Axile Placentation): जब अपरा अक्षीय होता है और बीजांड बहुकोष्ठीय अंडाशय में इससे जुड़े होते हैं,तो इसे अक्षीय बीजांडन्यास कहा जाता है,उदा. गुड़हल,टमाटर और नींबू।
$(iii)$ भित्तीय बीजांडन्यास (Parietal Placentation): इसमें बीजांड अंडाशय की आंतरिक दीवार पर या परिधीय भाग पर विकसित होते हैं। अंडाशय एक-कोष्ठीय होता है लेकिन आभासी पट (false septum) के निर्माण के कारण यह दो-कोष्ठीय हो जाता है,उदा. सरसों और आर्जीमोन।
$(iv)$ मुक्त स्तंभ बीजांडन्यास (Free Central Placentation): जब बीजांड केंद्रीय अक्ष पर स्थित होते हैं और पट अनुपस्थित होते हैं,तो अंडाशय एक-कोष्ठीय होता है,इसे मुक्त स्तंभ बीजांडन्यास कहते हैं,उदा. डायन्थस और प्रिमरोज़।
$(v)$ आधारी बीजांडन्यास (Basal Placentation): इसमें अपरा अंडाशय के आधार पर विकसित होता है और एक एकल बीजांड इससे जुड़ा होता है,उदा. सूरजमुखी,गेहूं।
Solution diagram
255
MediumMCQ
निम्नलिखित कथन के लिए सही विकल्प चुनें:
बैंगन ($Solanum$ $melongena$) में पुंकेसर $epipetalous$ (दललग्न) होते हैं।
A
दललग्न $(Epipetalous)$
B
परिदललग्न $(Epiphyllous)$
C
मुक्त पुंकेसरी $(Apostemonous)$
D
संयुक्त पुंकेसरी $(Syngenesious)$

Solution

(A) सोलेनेसी $(Solanaceae)$ कुल में,जिसमें बैंगन ($Solanum$ $melongena$) आता है,पुष्प द्विलिंगी और त्रिज्या-सममित होते हैं।
पुमंग में $5$ पुंकेसर होते हैं जो दललग्न $(epipetalous)$ होते हैं,जिसका अर्थ है कि वे पंखुड़ियों (दल) से जुड़े होते हैं।
इसलिए,सही शब्द दललग्न $(epipetalous)$ है।
256
EasyMCQ
किसमें अंडाशय अर्ध-अधोवर्ती (half inferior) होता है?
A
प्लम (Plum)
B
बैंगन (Brinjal)
C
सरसों (Mustard)
D
सूरजमुखी (Sunflower)

Solution

(A) परिजाया (perigynous) पुष्प में,जायांग केंद्र में स्थित होता है और पुष्प के अन्य भाग पुष्पासन (thalamus) के किनारे पर लगभग समान स्तर पर स्थित होते हैं। ऐसे अंडाशय को अर्ध-अधोवर्ती (half inferior) कहा जाता है। परिजाया पुष्पों के उदाहरणों में प्लम,गुलाब और आड़ू (Peach) शामिल हैं। अतः,सही विकल्प प्लम है।
257
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किसमें अंडाशय अर्ध-अधोवर्ती (half-inferior) होता है?
A
बैंगन
B
सरसों
C
सूरजमुखी
D
आलूबुखारा (Plum)

Solution

(D) परिजाया (perigynous) पुष्पों में,जायांग केंद्र में स्थित होता है और पुष्प के अन्य भाग पुष्पासन (thalamus) के किनारे पर लगभग समान स्तर पर स्थित होते हैं। इस स्थिति में अंडाशय को अर्ध-अधोवर्ती (half-inferior) कहा जाता है। इसके उदाहरणों में $Plum$ (आलूबुखारा),$Rose$ (गुलाब) और $Peach$ (आड़ू) शामिल हैं।
258
MediumMCQ
पुष्प के बाहर से अंदर की ओर पुष्प चक्रों का सही क्रम दर्शाने वाला विकल्प चुनें।
A
बाह्यदलपुंज $\rightarrow$ दलपुंज $\rightarrow$ जायांग $\rightarrow$ पुमंग
B
दलपुंज $\rightarrow$ बाह्यदलपुंज $\rightarrow$ पुमंग $\rightarrow$ जायांग
C
बाह्यदलपुंज $\rightarrow$ दलपुंज $\rightarrow$ पुमंग $\rightarrow$ जायांग
D
दलपुंज $\rightarrow$ बाह्यदलपुंज $\rightarrow$ जायांग $\rightarrow$ पुमंग

Solution

(C) एक विशिष्ट पुष्प में चार प्रकार के चक्र होते हैं जो पुष्पवृंत के फूले हुए सिरे पर,जिसे पुष्पासन कहा जाता है,क्रमिक रूप से व्यवस्थित होते हैं।
ये चार चक्र,बाहर से अंदर की ओर इस प्रकार हैं:
$1$. बाह्यदलपुंज (सबसे बाहरी चक्र,जो बाह्यदलों से बना होता है)।
$2$. दलपुंज (दलों से बना होता है)।
$3$. पुमंग (पुंकेसरों से बना होता है)।
$4$. जायांग (सबसे आंतरिक चक्र,जो अंडपों/स्त्रीकेसरों से बना होता है)।
अतः,सही क्रम बाह्यदलपुंज $\rightarrow$ दलपुंज $\rightarrow$ पुमंग $\rightarrow$ जायांग है।
259
MediumMCQ
सरसों के पौधे में पुष्पासन पर पुष्पीय भागों की सही स्थिति क्या है?
A
जयांग केंद्र में स्थित होता है,और फूल के अन्य भाग पुष्पासन के किनारे पर,समान स्तर पर स्थित होते हैं।
B
जयांग सबसे ऊँचा स्थान ग्रहण करता है,जबकि अन्य भाग इसके नीचे स्थित होते हैं।
C
पुष्पासन का किनारा ऊपर की ओर बढ़ता है,अंडाशय को पूरी तरह से घेर लेता है,और अन्य भाग अंडाशय के नीचे से उत्पन्न होते हैं।
D
जयांग केंद्र में मौजूद होता है और अन्य भाग इसे आंशिक रूप से ढक लेते हैं।

Solution

(B) सरसों के पौधों में जायांगधर (hypogynous) पुष्प पाए जाते हैं। जायांगधर पुष्प में,जायांग पुष्पासन पर सबसे ऊँचा स्थान ग्रहण करता है,जबकि अन्य सभी पुष्पीय भाग (बाह्यदल,दल और पुंकेसर) अंडाशय के नीचे स्थित होते हैं। इस प्रकार के अंडाशय को ऊर्ध्ववर्ती (superior) अंडाशय कहा जाता है।
260
MediumMCQ
दी गई आकृतियों को पुष्पदल विन्यास (aestivation) के सही क्रम में व्यवस्थित करें।
Question diagram
A
$A$ - कोरस्पर्शी (Imbricate),$B$ - पंचवर्ती (Quincuncial),$C$ - कोरस्पर्शी (Valvate),$D$ - व्यावर्तित (Twisted),$E$ - ध्वजक (Vexillary)
B
$A$ - ध्वजक (Vexillary),$B$ - कोरस्पर्शी (Valvate),$C$ - व्यावर्तित (Twisted),$D$ - कोरस्पर्शी (Imbricate),$E$ - पंचवर्ती (Quincuncial)
C
$A$ - पंचवर्ती (Quincuncial),$B$ - व्यावर्तित (Twisted),$C$ - ध्वजक (Vexillary),$D$ - कोरस्पर्शी (Imbricate),$E$ - कोरस्पर्शी (Valvate)
D
$A$ - कोरस्पर्शी (Valvate),$B$ - व्यावर्तित (Twisted),$C$ - कोरस्पर्शी (Imbricate),$D$ - पंचवर्ती (Quincuncial),$E$ - ध्वजक (Vexillary)

Solution

(D) आकृतियाँ पुष्पदल विन्यास के विभिन्न प्रकारों को दर्शाती हैं:
$A$ - कोरस्पर्शी (Valvate): बाह्यदल या दल के किनारे एक-दूसरे को केवल स्पर्श करते हैं,बिना एक-दूसरे पर चढ़े।
$B$ - व्यावर्तित (Twisted): बाह्यदल या दल का एक किनारा अगले वाले के किनारे पर चढ़ा होता है।
$C$ - कोरस्पर्शी (Imbricate): बाह्यदल या दल के किनारे एक-दूसरे पर चढ़े होते हैं,लेकिन किसी निश्चित दिशा में नहीं।
$D$ - पंचवर्ती (Quincuncial): पाँच में से दो दल पूरी तरह से बाहर,दो पूरी तरह से अंदर,और एक आंशिक रूप से बाहर और आंशिक रूप से अंदर होता है।
$E$ - ध्वजक (Vexillary): सबसे बड़ा पश्च दल (मानक) दो पार्श्व दलों (पंख) को ढकता है,जो बदले में दो सबसे छोटे अग्र दलों (कील) को ढकते हैं।
अतः,सही क्रम $A$ - कोरस्पर्शी (Valvate),$B$ - व्यावर्तित (Twisted),$C$ - कोरस्पर्शी (Imbricate),$D$ - पंचवर्ती (Quincuncial),$E$ - ध्वजक (Vexillary) है।
261
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म 'जायगोमोर्फिक' (एकव्याससममित) सममिति को दर्शाता है?
A
केना,सरसों,मिर्च,धतूरा
B
सरसों,केना,मटर,धतूरा
C
मटर,सेम,कैसिया,गुलमोहर
D
मटर,सेम,केना,मिर्च

Solution

(C) जायगोमोर्फिक सममिति का अर्थ है पुष्प में द्विपार्श्व सममिति, जहाँ पुष्प को केवल एक विशेष ऊर्ध्वाधर तल में ही दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है。
जायगोमोर्फिक पुष्प प्रदर्शित करने वाले पौधों के उदाहरणों में $\text{मटर}$, $\text{सेम}$, $\text{कैसिया}$ और $\text{गुलमोहर}$ शामिल हैं。
इसके विपरीत, $\text{सरसों}$, $\text{धतूरा}$ और $\text{मिर्च}$ में एक्टिनोमोर्फिक (त्रिज्यासम्मित) पुष्प पाए जाते हैं, जबकि $\text{केना}$ असममित होता है。
262
MediumMCQ
स्तंभ $I$ और स्तंभ $II$ का मिलान कीजिए:
स्तंभ $I$ स्तंभ $II$
$(a)$ वियुक्तांडपी (Apocarpous) $(i)$ पैपावर (Papaver)
$(b)$ युक्तांडपी (Syncarpous) $(ii)$ मिशेलिया (Michelia)
$(c)$ परिदललग्न (Epiphyllous) $(iii)$ काजू (Cashew)
$(d)$ बीजपत्र (Cotyledon) $(iv)$ एलो (Aloe)
A
$a-i, b-ii, c-iii, d-iv$
B
$a-ii, b-i, c-iv, d-iii$
C
$a-iv, b-iii, c-ii, d-i$
D
$a-iv, b-i, c-iii, d-ii$

Solution

(B) सही मिलान इस प्रकार है:
$(a)$ वियुक्तांडपी: इस स्थिति में अंडप मुक्त होते हैं,जैसा कि $Michelia$ में देखा जाता है।
$(b)$ युक्तांडपी: इस स्थिति में अंडप जुड़े हुए होते हैं,जैसा कि $Papaver$ में देखा जाता है।
$(c)$ परिदललग्न: जब पुंकेसर परिदलपुंज (tepals) से जुड़े होते हैं,तो इसे परिदललग्न कहा जाता है,जैसा कि $Aloe$ में देखा जाता है।
$(d)$ बीजपत्र: एकबीजपत्री बीज के भ्रूण में एक बीजपत्र होता है,जिसे स्कुटेलम कहा जाता है,जैसा कि $Cashew$ के संदर्भ में दिया गया है।
अतः,सही क्रम $a-ii, b-i, c-iv, d-iii$ है।
263
MediumMCQ
पुष्पासन पर पुष्पीय भागों की स्थिति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
A
परिजाया (Perigynous) - आलूबुखारा (Plum),आड़ू (Peach),गुलाब (Rose)
B
अधिजाया (Epigynous) - अमरूद (Guava) और खीरा (Cucumber)
C
अधोजाया (Hypogynous) - सरसों (Mustard),गुलाब (Rose)
D
दोनों $A$ और $B$

Solution

(D) परिजाया (Perigynous) पुष्पों में,जायांग केंद्र में स्थित होता है और पुष्प के अन्य भाग पुष्पासन के किनारे पर लगभग समान स्तर पर स्थित होते हैं। इसके उदाहरणों में $Plum$,$Peach$ और $Rose$ शामिल हैं।
अधिजाया (Epigynous) पुष्पों में,पुष्पासन का किनारा ऊपर की ओर बढ़ता है और अंडाशय को पूरी तरह से घेर लेता है और उससे जुड़ जाता है,जबकि पुष्प के अन्य भाग अंडाशय के ऊपर से उत्पन्न होते हैं। इसके उदाहरणों में $Guava$,$Cucumber$ और $Sunflower$ के रे फ्लोरेट्स शामिल हैं।
अधोजाया (Hypogynous) पुष्पों में,जायांग सबसे ऊंचे स्थान पर होता है जबकि अन्य भाग इसके नीचे स्थित होते हैं। इसके उदाहरणों में $Mustard$,$China$ $rose$ और $Brinjal$ शामिल हैं।
अतः,विकल्प $A$ और $B$ दोनों सही हैं।
264
MediumMCQ
पुष्पचक्र में बाह्यदल या दल की अन्य सदस्यों के सापेक्ष व्यवस्था को क्या कहा जाता है?
A
संयुक्तदली (Gamopetalous)
B
पृथकदली (Polypetalous)
C
पुष्पदलविन्यास (Aestivation)
D
पर्णविन्यास (Vernation)

Solution

(C) पुष्पदलविन्यास (Aestivation): पुष्प कलिकाओं में बाह्यदल या दल की अन्य सदस्यों के सापेक्ष व्यवस्था को पुष्पदलविन्यास कहा जाता है।
पुष्पदलविन्यास के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
$(i)$ कोरस्पर्शी (Valvate): जब एक चक्र में बाह्यदल या दल केवल एक-दूसरे के किनारों को स्पर्श करते हैं और एक-दूसरे पर अतिव्यापन (overlap) नहीं करते हैं,उदाहरण: $Calotropis$ (आक)।
$(ii)$ व्यावर्तित (Twisted): यदि उपांगों का एक किनारा अगले वाले के किनारे पर अतिव्यापन करता है,उदाहरण: गुड़हल,कपास,भिंडी।
$(iii)$ कोरछादी (Imbricate): यदि बाह्यदल या दल के किनारे एक-दूसरे पर अतिव्यापन करते हैं लेकिन किसी विशेष दिशा में नहीं,उदाहरण: $Cassia$ (अमलतास) और $Gulmohar$ (गुलमोहर)।
$(iv)$ वैक्सिलरी (Vexillary): मटर और सेम के फूलों में पांच दल होते हैं,सबसे बड़ा (मानक) दो पार्श्व दलों (पंख) को ढकता है,जो बदले में दो सबसे छोटे अग्र दलों (कीक) को ढकता है। इस प्रकार के पुष्पदलविन्यास को वैक्सिलरी या पैपिलियोनेसियस कहा जाता है।
265
MediumMCQ
रूपांतरित प्ररोह जिसमें प्ररोह शीर्षस्थ विभज्योतक पुष्पीय विभज्योतक में बदल जाता है,उसे क्या कहते हैं?
A
पुष्प
B
पुष्पक्रम
C
प्ररोह कलिकाएं
D
$(A)$ और $(C)$ दोनों

Solution

(A) पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह है जिसमें प्ररोह शीर्षस्थ विभज्योतक पुष्पीय विभज्योतक में बदल जाता है।
इसमें पर्व लंबे नहीं होते और अक्ष संघनित हो जाता है।
शीर्ष भाग पत्तियों के स्थान पर क्रमिक पर्व संधियों पर पार्श्वीय रूप से विभिन्न प्रकार के पुष्पीय अंग उत्पन्न करता है।
जब प्ररोह का शीर्ष पुष्प में परिवर्तित हो जाता है,तो वह हमेशा एकल होता है।
पुष्पक्रम का अर्थ पुष्पीय अक्ष पर पुष्पों की व्यवस्था से है।
266
MediumMCQ
$Pisum$ द्वारा प्रदर्शित पुष्पविन्यास (aestivation) का प्रकार है
A
कोरस्पर्शी (Imbricate)
B
ध्वजक (Vexillary)
C
व्यावर्तित (Twisted)
D
पंचवर्तीय (Quincuncial)

Solution

(B) मटर $(Pisum \text{ } sativum)$, सेम $(Dolichos \text{ } lablab)$ आदि में पाँच पंखुड़ियाँ (petals) होती हैं। सबसे बड़ी पंखुड़ी (मानक या $Vexillum$) दो पार्श्व पंखुड़ियों (पंख या $alae$) को ढकती है, जो बदले में दो सबसे छोटी, अग्रस्थ और जुड़ी हुई पंखुड़ियों (कील या $carina$) को ढकती हैं। इस प्रकार के पुष्पविन्यास को ध्वजक $(vexillary)$ या तितलीनुमा $(papilionaceous)$ कहा जाता है।
267
MediumMCQ
संयुक्त बाह्यदल (sepals) को ...$A$... कहा जाता है। मुक्त बाह्यदल को ...$B$... कहा जाता है।
यहाँ,$A$ और $B$ क्या दर्शाते हैं?
A
$A-polysepalous; B-gamosepalous$
B
$A-gamosepalous; B-polysepalous$
C
$A-gamopetalous; B-polypetalous$
D
$A-polypetalous; B-gamopetalous$

Solution

(B) बाह्यदलपुंज (calyx) पुष्प का सबसे बाहरी चक्र है और इसके सदस्यों को बाह्यदल (sepals) कहा जाता है।
जब बाह्यदल आपस में जुड़े होते हैं,तो इस स्थिति को संयुक्त बाह्यदली (gamosepalous) कहा जाता है $(A = gamosepalous)$।
जब बाह्यदल मुक्त होते हैं,तो इस स्थिति को पृथक बाह्यदली (polysepalous) कहा जाता है $(B = polysepalous)$।
अतः,सही क्रम $A-gamosepalous$ और $B-polysepalous$ है।
268
MediumMCQ
$I.$ स्टैंडर्ड पंखुड़ियाँ
$II.$ विंग (पंख) पंखुड़ियाँ
$III.$ कील (नौका) पंखुड़ियाँ
उपरोक्त पंखुड़ियाँ किसमें पाई जाती हैं?
A
वॉल्वेट (कोरस्पर्शी) विन्यास
B
ट्विस्टेड (व्यावर्तित) विन्यास
C
इम्ब्रीकेट (कोरछादी) विन्यास
D
वेक्सिलरी (ध्वजक) विन्यास

Solution

(D) वेक्सिलरी विन्यास $Fabaceae$ कुल में पाया जाने वाला एक विशिष्ट प्रकार का विन्यास है।
इस व्यवस्था में,सबसे बड़ी पश्च पंखुड़ी को स्टैंडर्ड (या ध्वजक) कहा जाता है।
यह दो पार्श्व पंखुड़ियों को ढकता है,जिन्हें विंग (या पक्षक) कहा जाता है।
विंग्स,बदले में,दो सबसे छोटी अग्र पंखुड़ियों को ढकते हैं,जो आपस में जुड़कर कील (या नौका) बनाती हैं।
उदाहरण के लिए,मटर और सेम के पौधे।
269
EasyMCQ
टेट्राडायनेमस (tetradynamous) पुंकेसरचक्र में,निम्नलिखित में से क्या देखा जाता है?
A
चार छोटे पुंकेसरों का बाहरी चक्र और दो बड़े पुंकेसरों का आंतरिक चक्र
B
दो बड़े पुंकेसरों का बाहरी चक्र और चार छोटे पुंकेसरों का आंतरिक चक्र
C
चार बड़े पुंकेसरों का बाहरी चक्र और दो छोटे पुंकेसरों का आंतरिक चक्र
D
दो छोटे पुंकेसरों का बाहरी चक्र और चार बड़े पुंकेसरों का आंतरिक चक्र

Solution

(D) टेट्राडायनेमस पुंकेसरचक्र $Brassicaceae$ कुल की एक विशेषता है। इस स्थिति में,कुल $6$ पुंकेसर होते हैं। ये दो चक्रों में व्यवस्थित होते हैं: बाहरी चक्र में $2$ छोटे पुंकेसर और आंतरिक चक्र में $4$ बड़े पुंकेसर होते हैं।
270
MediumMCQ
वह पुष्प जिसे एक से अधिक विभाजन तल द्वारा समान ऊर्ध्वाधर भागों में विभाजित किया जा सकता है,कहलाता है
A
एक्टिनोमोर्फिक (त्रिज्य सममित)
B
जाइगोमोर्फिक (द्विपार्श्व सममित)
C
हेटरोमोर्फिक
D
चक्रीय

Solution

(A) जब किसी पुष्प को केंद्र से गुजरने वाले किसी भी ऊर्ध्वाधर तल द्वारा दो समान त्रिज्य भागों में विभाजित किया जा सकता है,तो उसे एक्टिनोमोर्फिक (त्रिज्य सममित) कहा जाता है। इसके उदाहरणों में सरसों,धतूरा और मिर्च शामिल हैं।
271
MediumMCQ
परिदलपुंज (Perianth) वह स्थिति है जिसमें
A
बाह्यदलपुंज और दलपुंज जुड़े होते हैं
B
बाह्यदलपुंज उपस्थित होता है लेकिन दलपुंज अनुपस्थित होता है
C
दलपुंज उपस्थित होता है लेकिन बाह्यदलपुंज अनुपस्थित होता है
D
बाह्यदलपुंज और दलपुंज स्पष्ट नहीं होते हैं

Solution

(D) कुछ पुष्पों में,बाह्यदलपुंज (calyx) और दलपुंज (corolla) एक-दूसरे से स्पष्ट रूप से अलग नहीं होते हैं। इस स्थिति को परिदलपुंज (perianth) कहा जाता है। परिदलपुंज के व्यक्तिगत सदस्यों को परिदल (tepals) कहा जाता है।
272
EasyMCQ
मुक्त केंद्रीय बीजांडन्यास (Free central placentation) किसमें पाया जाता है?
A
ब्रेसिकेसी (Brassicaceae)
B
कैरियोफिलेसी (Caryophyllaceae)
C
एस्टरेसी (Asteraceae)
D
मालवेसी (Malvaceae)

Solution

(B) मुक्त केंद्रीय बीजांडन्यास $Caryophyllaceae$ कुल के सदस्यों की एक विशिष्ट विशेषता है। इस प्रकार के बीजांडन्यास में,बीजांड एक केंद्रीय अक्ष पर स्थित होते हैं जो किसी भी पट (septa) द्वारा अंडाशय की दीवार से जुड़े नहीं होते हैं।
273
MediumMCQ
एक पौधे के फूलों में,अंडाशय वाला भाग जुड़ा हुआ है,लेकिन वर्तिका और वर्तिकाग्र मुक्त हैं। विभाजन भित्ति के टूटने के कारण इसका अंडाशय एककोष्ठीय (unilocular) हो जाता है और बीजांड एक केंद्रीय अक्ष से जुड़े होते हैं। पौधे की पहचान करें।
A
Dianthus
B
Abutilon
C
Nymphaea
D
Michelia

Solution

(A) $Dianthus$ के फूल में,अंडाशय वाला भाग जुड़ा हुआ (युक्तांडपी) होता है,लेकिन वर्तिका और वर्तिकाग्र मुक्त होते हैं।
विभाजन भित्ति के टूटने के कारण इसका अंडाशय एककोष्ठीय हो जाता है।
बीजांड एक केंद्रीय अक्ष से जुड़े होते हैं,जो मुक्त-स्तंभीय बीजांडन्यास (free central placentation) की विशेषता है।
इसलिए,$Dianthus$ में युक्तांडपी,ऊर्ध्ववर्ती,एककोष्ठीय अंडाशय और मुक्त-स्तंभीय बीजांडन्यास पाया जाता है।
274
MediumMCQ
इनमें से कौन सा पुष्प $zygomorphic$ (एकव्याससममित) और $imbricate$ (कोरस्पर्शी/व्यावर्तित) पुष्पदलविन्यास का उदाहरण है?
A
कैलोट्रोपिस
B
सरसों
C
कन्ना
D
केसिया

Solution

(D) $Cassia$ (अमलतास) $Fabaceae$ कुल का सदस्य है। इसका पुष्प सहपत्री,सवृंत,उभयलिंगी,पूर्ण,$zygomorphic$ (एकव्याससममित) और जायांगधर होता है। इसमें अवरोही $imbricate$ (कोरस्पर्शी) पुष्पदलविन्यास पाया जाता है।
275
EasyMCQ
वह स्थिति जिसमें तंतु (filaments) और परागकोष (anthers) अपनी पूरी लंबाई में जुड़े होते हैं,कहलाती है:
A
सिनैंड्रस (Synandrous)
B
गायनैंड्रस (Gynandrous)
C
प्रोटैंड्रस (Protandrous)
D
सिनजेनेशियस (Syngenesious)

Solution

(A) पुमंग की $Synandrous$ (सिनैंड्रस) स्थिति में,परागकोष और उनके तंतु अपनी पूरी लंबाई में आपस में जुड़े होते हैं और एक समूह बनाते हैं।
$Gynandrous$ (गायनैंड्रस) स्थिति में,पुंकेसर जायांग (स्त्रीकेसर) के साथ जुड़े होते हैं।
$Protandrous$ (प्रोटैंड्रस) स्थिति में,एक उभयलिंगी पुष्प में मादा भाग से पहले नर भाग (परागकोष) परिपक्व हो जाते हैं।
$Syngenesious$ (सिनजेनेशियस) स्थिति में,केवल परागकोष आपस में जुड़े होते हैं जबकि तंतु मुक्त रहते हैं।
276
MediumMCQ
परिजाया (Perigynous) प्रकार का अंडाशय किसमें पाया जाता है?
A
आलू (Plum)
B
गुलाब (Rose)
C
आड़ू (Peach)
D
ये सभी

Solution

(D) परिजाया पुष्प में,जायांग (gynoecium) केंद्र में स्थित होता है और अन्य पुष्पीय भाग पुष्पासन (thalamus) के किनारे पर लगभग समान स्तर पर स्थित होते हैं।
इस प्रकार के अंडाशय को अर्ध-अधोवर्ती (half-inferior) कहा जाता है।
परिजाया अंडाशय प्रदर्शित करने वाले पौधों के उदाहरणों में $Plum$,$Rose$ और $Peach$ शामिल हैं।
277
MediumMCQ
दिए गए आरेखों में पुष्प के भागों $A$ से $D$ को सही ढंग से पहचानें।
Question diagram
A
$A-\text{दलपुंज}, B-\text{बाह्यदलपुंज}, C-\text{पुमंग}, D-\text{जायांग}$
B
$A-\text{बाह्यदलपुंज}, B-\text{दलपुंज}, C-\text{पुमंग}, D-\text{जायांग}$
C
$A-\text{बाह्यदलपुंज}, B-\text{दलपुंज}, C-\text{जायांग}, D-\text{पुमंग}$
D
$A-\text{दलपुंज}, B-\text{बाह्यदलपुंज}, C-\text{जायांग}, D-\text{पुमंग}$

Solution

(B) पुष्प के भागों की सही पहचान इस प्रकार है:
$A$ बाह्यदलपुंज (Calyx) को दर्शाता है, जो पुष्प का सबसे बाहरी चक्र है, जो आमतौर पर हरे रंग का होता है और सुरक्षात्मक कार्य करता है।
$B$ दलपुंज (Corolla) को दर्शाता है, जो पंखुड़ियों से बना होता है, जो आमतौर पर परागण के लिए कीटों को आकर्षित करने के लिए चमकीले रंग के होते हैं।
$C$ पुमंग (Androecium) को दर्शाता है, जो पुष्प का नर प्रजनन भाग है और पुंकेसर से बना होता है।
$D$ जायांग (Gynoecium) को दर्शाता है, जो पुष्प का मादा प्रजनन भाग है, जिसमें वर्तिकाग्र, वर्तिका और अंडाशय शामिल होते हैं।
अतः, सही क्रम $A-\text{बाह्यदलपुंज}, B-\text{दलपुंज}, C-\text{पुमंग}, D-\text{जायांग}$ है।
Solution diagram
278
MediumMCQ
दिए गए आरेखों $(A, B$ और $C)$ में पंखुड़ियों के प्रकार की पहचान करें।
Question diagram
A
$A-Wings, B-Keel, C-Standard$
B
$A-Keel, B-Wings, C-Standard$
C
$A-Standard, B-Wings, C-Keel$
D
$A-Standard, B-Keel, C-Wings$

Solution

(C) मटर और सेम के फूलों में पांच पंखुड़ियाँ होती हैं। सबसे बड़ी पश्च पंखुड़ी को 'स्टैंडर्ड' (ध्वजक) के रूप में जाना जाता है,जो दो पार्श्व पंखुड़ियों को ढकती है जिन्हें 'विंग्स' (पक्षक) कहा जाता है। ये दो विंग्स,बदले में,दो सबसे छोटी अग्र पंखुड़ियों को ढकते हैं जिन्हें 'कील' (नौतल) कहा जाता है।
पंखुड़ियों की इस विशिष्ट व्यवस्था को वेक्सिलरी (ध्वजक) या पेपिलियोनेशियस विन्यास के रूप में जाना जाता है।
Solution diagram
279
MediumMCQ
दिए गए चित्रों $A$ से $D$ में जायांग (gynoecium) की स्थिति को पहचानें।
Question diagram
A
$A-Perigynous, B-Perigynous, C-Hypogynous, D-Epigynous$
B
$A-Epigynous, B-Perigynous, C-Hypogynous, D-Perigynous$
C
$A-Hypogynous, B-Perigynous, C-Perigynous, D-Epigynous$
D
$A-Hypogynous, B-Epigynous, C-Perigynous, D-Perigynous$

Solution

(C) $(i)$ अधोजायांगी (Hypogynous) पुष्प: जायांग सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित होता है। इसे ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (superior ovary) कहा जाता है,उदाहरण: सरसों,गुड़हल और बैंगन।
$(ii)$ परिजायांगी (Perigynous) पुष्प: जायांग केंद्र में स्थित होता है और अन्य भाग समान स्तर पर स्थित होते हैं। इस स्थिति को अर्ध-अधोवर्ती अंडाशय (half-inferior ovary) कहा जाता है,उदाहरण: आलूबुखारा (plum),गुलाब और आड़ू (peach)।
$(iii)$ उपरिजायांगी (Epigynous) पुष्प: अन्य पुष्प भाग अंडाशय के ऊपर स्थित होते हैं। इस स्थिति को अधोवर्ती अंडाशय (inferior ovary) कहा जाता है,उदाहरण: खीरा और सूरजमुखी।
चित्रों के आधार पर:
$A$ अधोजायांगी है (ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय)।
$B$ और $C$ परिजायांगी हैं (अर्ध-अधोवर्ती अंडाशय)।
$D$ उपरिजायांगी है (अधोवर्ती अंडाशय)।
अतः,सही क्रम $A-Hypogynous, B-Perigynous, C-Perigynous, D-Epigynous$ है।
Solution diagram
280
MediumMCQ
ऊपर दिए गए बीजांडन्यास (placentation) के प्रकारों के आरेख में,$A, B, C$ और $D$ क्रमशः क्या दर्शाते हैं?
Question diagram
A
आधारीय (Basal),अक्षीय (axile),भित्तीय (parietal) और मुक्त-स्तंभीय (free central)
B
मुक्त-स्तंभीय (free central),भित्तीय (parietal),आधारीय (Basal) और अक्षीय (axile)
C
अक्षीय (axile),आधारीय (Basal),भित्तीय (parietal) और मुक्त-स्तंभीय (free central)
D
भित्तीय (parietal),अक्षीय (axile),मुक्त-स्तंभीय (free central) और आधारीय (Basal)

Solution

(C) बीजांडन्यास के प्रकारों के दिए गए आरेख के आधार पर:
$A$ अक्षीय बीजांडन्यास को दर्शाता है,जहाँ बीजांडासन अक्षीय होता है और बीजांड बहुकोष्ठीय अंडाशय में इससे जुड़े होते हैं।
$B$ आधारीय बीजांडन्यास को दर्शाता है,जहाँ बीजांडासन अंडाशय के आधार पर विकसित होता है और एक एकल बीजांड इससे जुड़ा होता है।
$C$ भित्तीय बीजांडन्यास को दर्शाता है,जहाँ बीजांड अंडाशय की आंतरिक भित्ति या परिधीय भाग पर विकसित होते हैं।
$D$ मुक्त-स्तंभीय बीजांडन्यास को दर्शाता है,जहाँ बीजांड केंद्रीय अक्ष पर स्थित होते हैं और इसमें पट (septa) अनुपस्थित होते हैं।
अतः,सही क्रम $A$-अक्षीय,$B$-आधारीय,$C$-भित्तीय,$D$-मुक्त-स्तंभीय है।
281
MediumMCQ
गलत कथन को चिह्नित करें।
A
पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह है।
B
ससीमाक्ष पुष्पक्रम में,मुख्य अक्ष एक पुष्प में समाप्त हो जाता है।
C
पुष्प तनों और जड़ों पर क्रमिक पर्वों (internodes) पर उत्पन्न होते हैं।
D
जब प्ररोह का शीर्ष पुष्प में रूपांतरित हो जाता है,तो पुष्प हमेशा एकल होता है।

Solution

(C) सही कथन यह है कि पुष्प तनों की क्रमिक गांठों (nodes) पर उत्पन्न होते हैं,न कि पर्वों (internodes) पर। जड़ों पर पुष्प नहीं लगते हैं। इसलिए,'पुष्प तनों और जड़ों पर क्रमिक पर्वों पर उत्पन्न होते हैं' कथन गलत है।
282
MediumMCQ
पुष्प के चार चक्र किस पर व्यवस्थित होते हैं?
A
पुष्पासन (Thalamus)
B
पर्णवृंत (Petiole)
C
दलपुंज (Corolla)
D
पुंकेसर (Stamens)

Solution

(A) पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह है जिसमें प्ररोह शीर्ष विभज्योतक,पुष्पीय विभज्योतक में बदल जाता है। अक्ष संघनित हो जाता है और पर्व (internodes) लंबे नहीं होते हैं। इस अक्ष को पुष्पासन (Thalamus) कहा जाता है। पुष्प के चार चक्र,अर्थात् बाह्यदलपुंज,दलपुंज,पुमंग और जायांग,इसी पुष्पासन पर व्यवस्थित होते हैं।
283
MediumMCQ
त्रिज्य सममिति (Radial symmetry) किन पुष्पों में पाई जाती है?
A
केसिया (Cassia)
B
मिर्च (Chilli)
C
गुलमोहर (Gulmohur)
D
केना (Canna)

Solution

(B) त्रिज्य सममिति (actinomorphic) उन पुष्पों में पाई जाती है जिन्हें केंद्र से गुजरने वाले किसी भी त्रिज्य तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है। दिए गए विकल्पों में से, $\text{मिर्च}$ (Solanaceae कुल) त्रिज्य सममिति प्रदर्शित करती है। इसके विपरीत, $\text{केसिया}$ और $\text{गुलमोहर}$ एकव्यास सममिति (zygomorphic) दर्शाते हैं, और $\text{केना}$ असममित (asymmetry) होते हैं।
284
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस पौधे का पुष्प एकव्याससममित (zygomorphic) होता है?
A
बीन (Bean)
B
धतूरा (Datura)
C
सरसों (Mustard)
D
केना (Canna)

Solution

(A) जब किसी पुष्प को केवल एक विशेष ऊर्ध्वाधर तल से दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है,तो उसे एकव्याससममित (zygomorphic) कहा जाता है।
फैबेसी (Fabaceae) कुल में,जिससे बीन का पौधा संबंधित है,पुष्प एकव्याससममित होते हैं।
इसके विपरीत,धतूरा और सरसों में त्रिज्यासममित (actinomorphic) पुष्प होते हैं,और केना में असममित (asymmetric) पुष्प होते हैं।
285
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस पौधे में ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय (superior ovary) पाया जाता है?
A
आड़ू (Peach)
B
अमरूद (Guava)
C
गुड़हल (China rose)
D
गुलाब (Rose)

Solution

(C) गुड़हल में,जायांग सबसे ऊँचे स्थान पर स्थित होता है जबकि अन्य पुष्पीय भाग इसके नीचे स्थित होते हैं। इस स्थिति को अधोजायांगी (hypogynous) कहा जाता है,और अंडाशय को ऊर्ध्ववर्ती (superior) कहा जाता है।
अमरूद में,पुष्पासन का किनारा ऊपर की ओर बढ़कर अंडाशय को पूरी तरह से घेर लेता है और उससे जुड़ जाता है,जिसके परिणामस्वरूप अधोवर्ती अंडाशय (inferior ovary) बनता है।
आड़ू और गुलाब में,अंडाशय अर्ध-अधोवर्ती होता है,जो परिजायांगी (perigynous) स्थिति है।
286
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस पौधे में जायांगोपरि (epigynous) पुष्प पाया जाता है?
A
खीरा
B
बैंगन
C
सरसों
D
आड़ू (Peach)

Solution

(A) जायांगोपरि पुष्प में, पुष्पासन का किनारा ऊपर की ओर बढ़कर अंडाशय को पूरी तरह से घेर लेता है और उससे जुड़ जाता है, जबकि पुष्प के अन्य भाग अंडाशय के ऊपर से निकलते हैं। इस स्थिति में अंडाशय को अधोवर्ती (inferior) कहा जाता है। खीरा $(Cucumis \, sativus)$ जायांगोपरि पुष्प वाले पौधे का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके विपरीत, बैंगन में जायांगधर (hypogynous) पुष्प (ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय), सरसों में जायांगधर पुष्प, और आड़ू में परिजायांगी (perigynous) पुष्प (अर्ध-अधोवर्ती अंडाशय) पाया जाता है।
287
MediumMCQ
पुष्पदल विन्यास (aestivation) के संदर्भ में कॉलम-$I$ को कॉलम-$II$ से सुमेलित कीजिए।
Question diagram
A
$a(i), b(iii), c(iv), d(ii)$
B
$a(iii), b(ii), c(iv), d(i)$
C
$a(iv), b(ii), c(iii), d(i)$
D
$a(i), b(ii), c(iii), d(iv)$

Solution

(A) पुष्पदल विन्यास के प्रकारों के लिए सही मिलान इस प्रकार हैं:
$(a)$ कोरस्पर्शी (Valvate): जब एक चक्र के बाह्यदल या दल एक-दूसरे के किनारों को केवल स्पर्श करते हैं,बिना एक-दूसरे पर चढ़े,जैसा कि चित्र $(a)$ में दिखाया गया है। अतः,$a(i)$.
$(b)$ व्यावर्तित (Twisted): यदि एक दल का किनारा अगले दल के किनारे को ढकता है,जैसा कि चित्र $(b)$ में दिखाया गया है। अतः,$b(iii)$.
$(c)$ कोरछादी (Imbricate): यदि बाह्यदलों या दलों के किनारे एक-दूसरे पर चढ़े होते हैं लेकिन किसी निश्चित दिशा में नहीं,जैसा कि चित्र $(c)$ में दिखाया गया है। अतः,$c(iv)$.
$(d)$ वैक्सिलरी (Vexillary): मटर और सेम के फूलों में पांच दल होते हैं; सबसे बड़ा (मानक) दो पार्श्व दलों (पंख) को ढकता है,जो बदले में दो सबसे छोटे अग्र दलों (कील) को ढकता है,जैसा कि चित्र $(d)$ में दिखाया गया है। अतः,$d(ii)$.
अतः,सही क्रम $a(i), b(iii), c(iv), d(ii)$ है।
288
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किन फूलों में अंडप (carpels) जुड़े हुए होते हैं?
A
कमल
B
टमाटर
C
गुलाब
D
$(a)$ और $(c)$ दोनों

Solution

(B) फूलों में जब अंडप जुड़े होते हैं, तो उस स्थिति को युक्तांडपी (syncarpous) कहा जाता है।
दिए गए विकल्पों में से, टमाटर $(Solanum \, lycopersicum)$ में युक्तांडपी अंडाशय होता है जहाँ अंडप आपस में जुड़े होते हैं।
इसके विपरीत, कमल और गुलाब में वियुक्तांडपी (apocarpous) अंडाशय होता है, जहाँ अंडप मुक्त होते हैं।
289
EasyMCQ
कूट पट (false septum) युक्त अंडाशय किसमें पाया जाता है?
A
प्रिमरोज़
B
डायन्थस
C
आर्जेमोन
D
पीसम सैटिवम

Solution

(C) कूट पट (false septum),जिसे 'रेप्लम' (replum) के रूप में भी जाना जाता है,ब्रेसीकेसी (Brassicaceae) कुल और पैपावरेसी (Papaveraceae) कुल के कुछ सदस्यों जैसे आर्जेमोन (Argemone) की एक विशिष्ट विशेषता है।
आर्जेमोन में,अंडाशय शुरू में एककोष्ठीय (unilocular) होता है,लेकिन यह भित्तिलग्न बीजांडन्यास (parietal placentae) से विकसित होने वाले कूट पट (replum) के कारण द्वि-कोष्ठीय या बहु-कोष्ठीय हो जाता है,जो अंडाशय के केंद्र की ओर बढ़ता है।
290
MediumMCQ
. . . . . . बीजांडन्यास में,बीजांडासन अंडाशय के अधर सीवन (ventral suture) के साथ एक कटक (ridge) बनाता है।
A
स्तंभीय (Axile)
B
आधारीय (Basal)
C
मुक्त-स्तंभी (Free central)
D
सीमांत (Marginal)

Solution

(D) सीमांत बीजांडन्यास में,बीजांडासन अंडाशय के अधर सीवन के साथ एक कटक बनाता है। बीजांड इस कटक के साथ दो पंक्तियों में व्यवस्थित होते हैं। इस प्रकार का बीजांडन्यास फैबेसी (Fabaceae) कुल की विशेषता है,उदाहरण के लिए,मटर के पौधों में।
291
EasyMCQ
प्याज का वह पर्णहीन तना जो अंतस्थ पुष्पों का समूह उत्पन्न करता है,क्या कहलाता है?
A
पुष्पवृंत (Peduncle)
B
पुष्पीय अक्ष (Floral axis)
C
स्केप (Scape)
D
पुष्पाक्ष (Rachis)

Solution

(C) $Scape$ (स्केप) प्याज $(Allium \ cepa)$ जैसे पौधों में जमीन के स्तर से निकलने वाला एक पर्णहीन पुष्प वृंत है। यह अपने शीर्ष पर अंतस्थ पुष्पों का एक समूह धारण करता है।
292
MediumMCQ
$A$: $Malvaceae$ कुल में पुंकेसर नलिका (Staminal tube) उपस्थित होती है।
$R$: यह एकसंघी (monadelphous) स्थिति के कारण होता है।
A
अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या है।
B
अभिकथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
C
अभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
D
अभिकथन और कारण दोनों गलत हैं।

Solution

$(A)$ $Malvaceae$ कुल में (उदाहरण के लिए, $Hibiscus$), पुंकेसर $monadelphous$ (एकसंघी) होते हैं, जिसका अर्थ है कि पुंकेसर के सभी तंतु आपस में जुड़कर एक नली जैसी संरचना बनाते हैं जिसे staminal $\text{tube}$ (पुंकेसर नलिका) कहा जाता है, जो वर्तिका के चारों ओर स्थित होती है।
अतः, पुंकेसर नलिका की उपस्थिति $monadelphous$ स्थिति का सीधा परिणाम है।
इस प्रकार, अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या है।
293
MediumMCQ
दिए गए चित्र में अंडाशय के प्रकार की पहचान करें।
Question diagram
A
बहुअंडपी वियुक्तांडपी
B
बहुअंडपी युक्तांडपी
C
बहुअंडपी स्त्रीकेसरी
D
एकांडपी वियुक्तांडपी

Solution

(B) जयांग पुष्प का मादा प्रजनन भाग है। इसमें एक स्त्रीकेसर (एकांडपी) या एक से अधिक स्त्रीकेसर (बहुअंडपी) हो सकते हैं।
जब एक से अधिक स्त्रीकेसर आपस में जुड़े होते हैं,तो इस स्थिति को बहुअंडपी युक्तांडपी कहा जाता है।
जब स्त्रीकेसर मुक्त होते हैं (जुड़े नहीं होते),तो इस स्थिति को बहुअंडपी वियुक्तांडपी कहा जाता है।
दिया गया चित्र $Papaver$ के अंडाशय को दर्शाता है,जो एक बहुअंडपी युक्तांडपी अंडाशय है,क्योंकि इसमें अंडप आपस में जुड़े हुए हैं।
Solution diagram
294
MediumMCQ
आरेख में दिखाए गए अंडाशय के प्रकार को पहचानें।
Question diagram
A
एकअंडपी युक्तांडपी
B
एकअंडपी वियुक्तांडपी
C
बहुअंडपी युक्तांडपी
D
बहुअंडपी वियुक्तांडपी

Solution

(D) जयांग पुष्प का मादा जनन भाग होता है।
इसमें एक स्त्रीकेसर (एकअंडपी) या एक से अधिक स्त्रीकेसर (बहुअंडपी) हो सकते हैं।
जब एक से अधिक स्त्रीकेसर आपस में जुड़े होते हैं,तो इसे युक्तांडपी कहा जाता है।
जब स्त्रीकेसर मुक्त होते हैं (जुड़े नहीं होते),तो इस प्रकार के अंडाशय को वियुक्तांडपी कहा जाता है।
दिया गया आरेख कई मुक्त स्त्रीकेसरों को दर्शाता है,जो बहुअंडपी वियुक्तांडपी स्थिति का लक्षण है,जैसा कि $Michelia$ में देखा जाता है।
Solution diagram
295
MediumMCQ
द्विसंधी (Diadelphous) पुंकेसर किसमें पाए जाते हैं?
A
गुड़हल (चाइना रोज)
B
नींबू
C
मटर
D
गुड़हल और नींबू

Solution

(C) पुष्पीय पादपों में, पुंकेसर के तंतुओं के जुड़ने के आधार पर उन्हें विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है।
$1$. एकसंधी (Monadelphous): पुंकेसर एक ही समूह में जुड़े होते हैं (उदाहरण: गुड़हल)।
$2$. द्विसंधी (Diadelphous): पुंकेसर दो समूहों में जुड़े होते हैं (उदाहरण: मटर, जिसमें $9$ पुंकेसर एक समूह में और $1$ पुंकेसर मुक्त होता है)।
$3$. बहुसंधी (Polyadelphous): पुंकेसर दो से अधिक समूहों में जुड़े होते हैं (उदाहरण: नींबू)।
अतः, द्विसंधी पुंकेसर फैबेसी (Fabaceae) कुल की विशेषता है, जो विशेष रूप से मटर $(Pisum \text{ } sativum)$ में देखे जाते हैं।
296
MediumMCQ
अधिजयांगी (epigynous) पुष्प में,अंडाशय $......$ के नीचे स्थित होता है।
A
बाह्यदल (Calyx)
B
दल (Corolla)
C
पुष्पासन (Thalamus)
D
पुमंग (Androecium)

Solution

(C) $\rightarrow$ अधिजयांगी पुष्प में,पुष्पासन का किनारा ऊपर की ओर बढ़ता है,जो अंडाशय को पूरी तरह से घेर लेता है और उससे जुड़ जाता है। पुष्प के अन्य भाग (बाह्यदल,दल और पुमंग) अंडाशय के ऊपर से उत्पन्न होते हैं। इसलिए,अंडाशय को अधोवर्ती (inferior) कहा जाता है। उदाहरणों में अमरूद,खीरा और सूरजमुखी के रश्मि पुष्प शामिल हैं।
297
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किन पुष्पों में पुष्प एकव्याससममित (Zygomorphic) होते हैं?
$(a)$ सरसों $(b)$ गुलमोहर $(c)$ कैसिया $(d)$ धतूरा $(e)$ मिर्च
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A
केवल $(b), (c)$
B
केवल $(d), (e)$
C
केवल $(c), (d), (e)$
D
केवल $(a), (b), (c)$

Solution

(A) जब किसी पुष्प को केवल एक विशेष ऊर्ध्वाधर तल (vertical plane) द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है,तो उसे एकव्याससममित (Zygomorphic) पुष्प कहा जाता है।
$1$. सरसों,धतूरा और मिर्च त्रिज्यासम्मित (Actinomorphic) पुष्प हैं,जिसका अर्थ है कि उन्हें केंद्र से गुजरने वाले किसी भी त्रिज्यीय तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है।
$2$. गुलमोहर और कैसिया एकव्याससममित (Zygomorphic) पुष्प हैं। इन पुष्पों में पुष्पीय भाग इस प्रकार व्यवस्थित होते हैं कि वे द्विपार्श्व सममिति (bilateral symmetry) प्रदर्शित करते हैं।
अतः,सही उत्तर केवल $(b)$ और $(c)$ है।
298
MediumMCQ
पुष्पीय उपांग ........ के रूपांतरण हैं।
A
तना
B
फल
C
पत्ती
D
पर्वसंधि

Solution

(C) पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह है जिसमें प्ररोह शीर्षस्थ विभज्योतक पुष्पीय विभज्योतक में बदल जाता है। पर्व (internodes) लंबे नहीं होते और अक्ष संघनित हो जाता है। शीर्ष भाग पत्तियों के स्थान पर क्रमिक पर्वसंधियों पर पार्श्वीय रूप से विभिन्न प्रकार के पुष्पीय उपांग उत्पन्न करता है। अतः,पुष्पीय उपांगों को पत्तियों का रूपांतरण माना जाता है।
299
MediumMCQ
पुष्प निर्माण के लिए निम्नलिखित में से कौन सी घटना असंगत है?
A
पर्व (internode) लंबा हो जाता है।
B
अक्ष संकुचित हो जाता है।
C
अक्ष के शीर्ष पर क्रमिक गांठों से पत्तियों के स्थान पर पार्श्व उपांग उत्पन्न होते हैं।
D
प्ररोह (shoot) पुष्प में रूपांतरित हो जाता है।

Solution

(A) पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह है जिसमें प्ररोह शीर्ष विभज्योतक (shoot apical meristem) पुष्पीय विभज्योतक में बदल जाता है। इस रूपांतरण के दौरान:
$1$. अक्ष संकुचित हो जाता है (पर्व लंबे नहीं होते हैं)।
$2$. अक्ष के शीर्ष पर क्रमिक गांठों से पत्तियों के स्थान पर विभिन्न प्रकार के पुष्पीय उपांग पार्श्व रूप से उत्पन्न होते हैं।
$3$. अतः,'पर्व लंबा हो जाता है' कथन पुष्प निर्माण के लिए असंगत है,क्योंकि पुष्प में पर्व अत्यधिक संकुचित रहते हैं।
300
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा पुष्प असममित (asymmetric) होता है?
A
केना
B
केसिया
C
धतूरा
D
मिर्च

Solution

(A) वनस्पति विज्ञान में, पुष्पों को उनकी सममिति के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है:
$1$. त्रिज्या-सममित (actinomorphic): पुष्प को केंद्र से गुजरने वाली किसी भी त्रिज्या द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है, उदाहरण के लिए, $\text{धतूरा}$, $\text{मिर्च}$, $\text{सरसों}$।
$2$. एकव्यास-सममित (zygomorphic): पुष्प को केवल एक विशेष ऊर्ध्वाधर तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है, उदाहरण के लिए, $\text{मटर}$, $\text{सेम}$, $\text{केसिया}$, $\text{गुलमोहर}$।
$3$. असममित (asymmetric): पुष्प को केंद्र से गुजरने वाले किसी भी ऊर्ध्वाधर तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित नहीं किया जा सकता है, उदाहरण के लिए, $\text{केना}$।
अतः, $\text{केना}$ असममित पुष्प का सही उदाहरण है।

Morphology of Flowering Plants — Flower · Frequently Asked Questions

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