(N/A) बीजांडन्यास का अर्थ है अंडाशय के भीतर बीजांडों की व्यवस्था। यह मुख्य रूप से पाँच प्रकार के होते हैं:
$(A)$ सीमांत (Marginal) बीजांडन्यास:
अंडाशय की अधर सीवन (ventral suture) पर बीजांडासन एक कटक बनाता है और बीजांड इस कटक पर दो कतारों में विकसित होते हैं। यह मटर में पाया जाता है।
$(B)$ भित्तिलग्न (Parietal) बीजांडन्यास:
जब बीजांड अंडाशय की आंतरिक भित्ति पर या परिधीय भाग पर विकसित होते हैं,तो इसे भित्तिलग्न बीजांडन्यास कहा जाता है।
$(C)$ स्तंभीय (Axile) बीजांडन्यास:
स्तंभीय बीजांडन्यास में,बीजांडासन अक्षीय होता है और बीजांड बहुकोष्ठीय अंडाशय में इससे जुड़े होते हैं। उदाहरण के लिए गुड़हल,टमाटर और नींबू।
$(D)$ आधारीय (Basal) बीजांडन्यास:
बीजांडासन अंडाशय के आधार पर विकसित होता है और एक एकल बीजांड इससे जुड़ा होता है। यह सूरजमुखी और गेंदे में पाया जाता है।
$(E)$ मुक्त-स्तंभीय (Free central) बीजांडन्यास:
मुक्त-स्तंभीय बीजांडन्यास में,बीजांड केंद्रीय अक्ष पर विकसित होते हैं और इसमें पट (septa) अनुपस्थित होते हैं। यह डायन्थस और प्रिमरोज़ में पाया जाता है।