(N/A) बर्नौली का समीकरण एक आदर्श तरल की धारणा पर आधारित है। इसकी सीमाएँ निम्नलिखित हैं:
$1$. यह केवल असंपीड्य (incompressible),श्यानता-रहित (non-viscous) और धारा-रेखीय (steady) प्रवाह के लिए मान्य है।
$2$. यह तरल की परतों के बीच श्यानता या घर्षण के कारण होने वाली ऊर्जा की हानि को ध्यान में नहीं रखता है।
$3$. यह तरल प्रवाह के दौरान ऊष्मा के रूप में नष्ट होने वाली ऊर्जा की उपेक्षा करता है।
बर्नौली के समीकरण के उपयोग निम्नलिखित हैं:
$1$. इसका उपयोग बहिःस्राव के वेग (Torricelli's Law) की गणना करने के लिए किया जाता है।
$2$. यह वेंचुरी मीटर के कार्य सिद्धांत को समझाता है,जिसका उपयोग तरल के प्रवाह की दर को मापने के लिए किया जाता है।
$3$. यह हवाई जहाज के पंखों पर लगने वाले वायुगतिकीय उत्थापन (aerodynamic lift) को समझाता है।
$4$. इसका उपयोग एटमाइज़र और बुनसेन बर्नर के डिज़ाइन में किया जाता है।