(N/A) श्यानता तरल का वह गुण है जिसके कारण वह अपनी आसन्न परतों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करता है।
श्यानता का कारण:
एक स्तरीय (laminar) प्रवाह में,तरल की किन्हीं दो क्रमिक परतों के बीच सापेक्ष वेग होता है। इस सापेक्ष गति के कारण,संपर्क में आने वाली परतों की सतह पर स्पर्शरेखीय रूप से एक प्रतिरोधी बल उत्पन्न होता है। इस आंतरिक घर्षण बल को श्यान बल (viscous force) कहा जाता है।
मान लीजिए कि दो समानांतर कांच की प्लेटों के बीच एक तरल (जैसे तेल) भरा है। निचली प्लेट स्थिर है,जबकि ऊपरी प्लेट को स्थिर प्लेट के सापेक्ष $v$ वेग से चलाया जाता है।
सतह के संपर्क में आने वाली तरल परत का वेग वही होता है जो उस सतह का होता है। अतः,ऊपरी प्लेट के संपर्क में आने वाली तरल परत $v$ वेग से चलती है और निचली (स्थिर) प्लेट के संपर्क में आने वाली परत का वेग शून्य होता है।
विभिन्न परतों का वेग नीचे से ऊपर की ओर समान रूप से बढ़ता है ($0$ से $v$ तक)।
तरल की किसी भी परत के लिए,ऊपरी परत उसे आगे खींचती है,जबकि निचली परत उसे पीछे खींचती है। इस परस्पर क्रिया के परिणामस्वरूप परतों के बीच एक प्रतिरोधी बल उत्पन्न होता है,जो श्यानता का कारण है।