(N/A) बर्नौली परीक्षण होने के लिए,दो शर्तों का पूरा होना आवश्यक है: $(i)$ परीक्षण स्वतंत्र होने चाहिए,और (ii) प्रत्येक परीक्षण के लिए सफलता की प्रायिकता स्थिर रहनी चाहिए।
इस प्रयोग में,गेंदों को बिना प्रतिस्थापन (बिना वापस रखे) निकाला जाता है।
मान लीजिए $S$ लाल गेंद निकालने की घटना (सफलता) है।
पहले परीक्षण में,सफलता की प्रायिकता $P(S_1) = \frac{7}{16}$ है।
दूसरे परीक्षण में,यदि पहली गेंद लाल थी,तो सफलता की प्रायिकता $P(S_2|S_1) = \frac{6}{15}$ हो जाती है। यदि पहली गेंद काली थी,तो प्रायिकता $P(S_2|S_1^c) = \frac{7}{15}$ हो जाती है।
चूंकि सफलता की प्रायिकता पिछले परीक्षणों के परिणाम पर निर्भर करती है,इसलिए परीक्षण स्वतंत्र नहीं हैं और सफलता की प्रायिकता स्थिर नहीं है।
अतः,ये परीक्षण बर्नौली परीक्षण नहीं हैं।