(A) शीर्षों के स्थिति सदिश $\vec{a} = 2\hat{i} - \hat{j} + \hat{k}$,$\vec{b} = \hat{i} - 3\hat{j} - 5\hat{k}$,और $\vec{c} = 3\hat{i} - 4\hat{j} - 4\hat{k}$ हैं।
सबसे पहले,हम भुजाओं को दर्शाने वाले सदिश ज्ञात करते हैं:
$\vec{AB} = \vec{b} - \vec{a} = (1-2)\hat{i} + (-3+1)\hat{j} + (-5-1)\hat{k} = -\hat{i} - 2\hat{j} - 6\hat{k}$
$\vec{BC} = \vec{c} - \vec{b} = (3-1)\hat{i} + (-4+3)\hat{j} + (-4+5)\hat{k} = 2\hat{i} - \hat{j} + \hat{k}$
$\vec{CA} = \vec{a} - \vec{c} = (2-3)\hat{i} + (-1+4)\hat{j} + (1+4)\hat{k} = -\hat{i} + 3\hat{j} + 5\hat{k}$
अब,इन भुजाओं के परिमाण के वर्गों की गणना करते हैं:
$|\vec{AB}|^2 = (-1)^2 + (-2)^2 + (-6)^2 = 1 + 4 + 36 = 41$
$|\vec{BC}|^2 = (2)^2 + (-1)^2 + (1)^2 = 4 + 1 + 1 = 6$
$|\vec{CA}|^2 = (-1)^2 + (3)^2 + (5)^2 = 1 + 9 + 25 = 35$
यहाँ ध्यान दें कि $|\vec{AB}|^2 = |\vec{BC}|^2 + |\vec{CA}|^2$ क्योंकि $41 = 6 + 35$ है।
पाइथागोरस प्रमेय के विलोम के अनुसार,यह त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है जिसका समकोण शीर्ष $C$ पर स्थित है।