(N/A) माना $ABCD$ एक समचतुर्भुज है जिसके विकर्ण $AC$ और $BD$ बिंदु $O$ पर प्रतिच्छेद करते हैं। हम जानते हैं कि समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं, इसलिए $\angle AOB = 90^\circ$ है।
भुजा $AB$ को व्यास मानकर खींचे गए एक वृत्त पर विचार करें। माना $Q$, $AB$ का मध्य बिंदु है। तब $QA = QB = \text{त्रिज्या}$ है।
$\triangle AOB$ में, $\angle AOB = 90^\circ$ है। चूँकि $Q$ समकोण त्रिभुज $\triangle AOB$ के कर्ण $AB$ का मध्य बिंदु है, इसलिए कर्ण के मध्य बिंदु से शीर्षों की दूरी कर्ण की लंबाई की आधी होती है।
अतः, $QO = QA = QB$ है।
चूँकि केंद्र $Q$ से बिंदु $O$ की दूरी त्रिज्या ($QA$ या $QB$) के बराबर है, इसलिए बिंदु $O$ को $AB$ को व्यास मानकर खींचे गए वृत्त पर स्थित होना चाहिए।
इस प्रकार, समचतुर्भुज की किसी भुजा को व्यास मानकर खींचा गया वृत्त उसके विकर्णों के प्रतिच्छेदन बिंदु से होकर गुजरता है।