(N/A) सीमांत वेग $(v_t)$ वह स्थिर वेग है जो एक श्यान (viscous) तरल में गिरती हुई वस्तु द्वारा तब प्राप्त किया जाता है जब उस पर कार्य करने वाला कुल बल शून्य हो जाता है। स्टोक्स के नियम के अनुसार,$\eta$ श्यानता और $\sigma$ घनत्व वाले तरल में गिरती हुई $r$ त्रिज्या और $\rho$ घनत्व वाली गोलाकार वस्तु का सीमांत वेग है: $v_t = \frac{2}{9} \frac{r^2 g (\rho - \sigma)}{\eta}$.
इस सूत्र के आधार पर,सीमांत वेग निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है:
$1$. वस्तु की त्रिज्या $(r)$: सीमांत वेग त्रिज्या के वर्ग के समानुपाती होता है $(v_t \propto r^2)$। बड़ी वस्तुएं तेजी से गिरती हैं।
$2$. घनत्व का अंतर $((\rho - \sigma))$: यह वस्तु के घनत्व और तरल के घनत्व के बीच के अंतर पर निर्भर करता है। यदि वस्तु तरल से अधिक सघन है,तो वह नीचे गिरती है।
$3$. तरल की श्यानता $(\eta)$: सीमांत वेग श्यानता गुणांक के व्युत्क्रमानुपाती होता है $(v_t \propto 1/\eta)$। अधिक श्यान तरल अधिक घर्षण बल लगाता है,जिससे सीमांत वेग कम हो जाता है।
$4$. गुरुत्वीय त्वरण $(g)$: सीमांत वेग गुरुत्वीय त्वरण के समानुपाती होता है $(v_t \propto g)$।