साइक्लोट्रॉन में धनात्मक आयन की अधिकतम गतिज ऊर्जा कितनी होती है?

  • A
    $\frac{q^2 B r_0}{2m}$
  • B
    $\frac{q B^2 r_0}{2m}$
  • C
    $\frac{q^2 B^2 r_0^2}{2m}$
  • D
    $\frac{q B r_0}{2m^2}$

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एक आवेशित कण साइक्लोट्रॉन में एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में वृत्ताकार पथ पर गति करता है। आवेशित कण की गतिज ऊर्जा अपने प्रारंभिक मान की $4$ गुना हो जाती है। आवेशित कण के वृत्ताकार पथ की नई त्रिज्या और मूल त्रिज्या का अनुपात क्या होगा?

साइक्लोट्रॉन में,जैसे-जैसे आवेशित कण के वृत्ताकार पथ की त्रिज्या बढ़ती है,कोणीय वेग $(\omega)$ और रैखिक वेग $(v)$ पर क्या प्रभाव पड़ता है?

एक साइक्लोट्रॉन में,एक आवेशित कण की कोणीय आवृत्ति किससे स्वतंत्र होती है?

साइक्लोट्रॉन में आवेशित कण द्वारा प्राप्त अधिकतम गतिज ऊर्जा किससे स्वतंत्र है?

कथन : साइक्लोट्रॉन एक ऐसा उपकरण है जिसका उपयोग धनात्मक आयन को त्वरित करने के लिए किया जाता है।
कारण : साइक्लोट्रॉन आवृत्ति वेग पर निर्भर करती है।

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