(N/A) हाँ,यह तब संभव है जब पिंड पर कार्य करने वाला बल उसकी गति की दिशा के लंबवत हो।
कार्य $(W)$ को $W = Fs \cos \theta$ के रूप में परिभाषित किया जाता है,जहाँ $\theta$ बल $(F)$ और विस्थापन $(s)$ के बीच का कोण है।
यदि $\theta = 90^{\circ}$ है,तो $\cos 90^{\circ} = 0$ होता है,जिसके परिणामस्वरूप $W = 0$ प्राप्त होता है।
इसका एक उदाहरण पृथ्वी के चारों ओर घूमता हुआ चंद्रमा है। पृथ्वी चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण अभिकेंद्र बल लगाती है,जो कक्षा के केंद्र की ओर कार्य करता है,जबकि चंद्रमा का वेग कक्षा के स्पर्शरेखीय होता है। चूँकि बल हमेशा विस्थापन के लंबवत होता है,इसलिए पृथ्वी द्वारा चंद्रमा पर किया गया कार्य शून्य होता है,भले ही चंद्रमा अपने वेग की दिशा में परिवर्तन के कारण त्वरित गति में हो।