(N/A) दिया है: $PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसमें विकर्ण $PR$,$\angle P$ को समद्विभाजित करता है,अर्थात $\angle SPR = \angle QPR$।
चरण $1$: चूँकि $PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है,इसलिए $PS \parallel QR$ और $PQ \parallel SR$ है।
चरण $2$: चूँकि $PS \parallel QR$ और $PR$ एक तिर्यक रेखा है,इसलिए $\angle SPR = \angle PRQ$ (एकांतर अंतःकोण)।
चरण $3$: चूँकि $PQ \parallel SR$ और $PR$ एक तिर्यक रेखा है,इसलिए $\angle QPR = \angle PRS$ (एकांतर अंतःकोण)।
चरण $4$: चूँकि $\angle SPR = \angle QPR$ (दिया है),इसलिए $\angle PRQ = \angle PRS$ होगा। अतः,$PR$,$\angle R$ को समद्विभाजित करता है।
चरण $5$: $\triangle PQR$ और $\triangle PSR$ में,$\angle QPR = \angle SPR$ और $\angle PRQ = \angle PRS$ है। $PR = PR$ (उभयनिष्ठ भुजा) होने के कारण,$ASA$ सर्वांगसमता नियम से दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं।
चरण $6$: $CPCT$ द्वारा,$PQ = PS$ प्राप्त होता है। चूँकि समांतर चतुर्भुज की आसन्न भुजाएँ बराबर हैं,इसलिए $PQRS$ एक समचतुर्भुज है।