(N/A) माना $O$ दिए गए वृत्त का केंद्र है। मान लीजिए $P$ पर स्पर्श रेखा $BC$ को $Q$ पर मिलती है। $BP$ को मिलाइए।
सिद्ध करना है: $BQ = QC$.
उपपत्ति: $\angle ABC = 90^{\circ}$.
$\triangle ABC$ में,$\angle A + \angle C = 90^{\circ}$ (जहाँ $\angle A = \angle 1$ और $\angle C = \angle 5$).
अतः,$\angle 1 + \angle 5 = 90^{\circ}$ ... $(i)$
एकांतर वृत्तखंड प्रमेय के अनुसार,$P$ पर स्पर्श रेखा और जीवा $BP$ के बीच का कोण एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है,इसलिए $\angle 3 = \angle 1$.
साथ ही,$\angle APB = 90^{\circ}$ (अर्धवृत्त में बना कोण)।
चूँकि $AC$ एक सीधी रेखा है,$\angle APB + \angle BPC = 180^{\circ}$,इसलिए $\angle BPC = 90^{\circ}$।
$\triangle BPC$ में,$\angle 4 + \angle 5 = 90^{\circ}$ ... $(ii)$
$(i)$ और $(ii)$ से:
$\angle 1 + \angle 5 = \angle 4 + \angle 5$
$\Rightarrow \angle 1 = \angle 4$
चूँकि $\angle 3 = \angle 1$,इसलिए $\angle 3 = \angle 4$ है।
$\triangle PQC$ में,चूँकि $\angle 3 = \angle 4$,समान कोणों के सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं,इसलिए $PQ = QC$।
साथ ही,बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ बराबर होती हैं,इसलिए $PQ = BQ$।
अतः,$BQ = QC$।
इस प्रकार,$P$ पर स्पर्श रेखा $BC$ को समद्विभाजित करती है।