(N/A) इलेक्ट्रॉन गन का फिलामेंट आमतौर पर $Tungsten$ $(W)$ का बना होता है।
इस पर $Barium$ $Oxide$ $(BaO)$ या $Strontium$ $Oxide$ $(SrO)$ की परत चढ़ाई जाती है।
कारण: $Tungsten$ का गलनांक बहुत अधिक $(3695 \ K)$ होता है,जो इसे पिघले बिना उच्च तापमान को सहन करने की अनुमति देता है। हालाँकि,इसका कार्य फलन (work function) अधिक होता है,जिसका अर्थ है कि इलेक्ट्रॉनों को उत्सर्जित करने के लिए इसे बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। फिलामेंट पर $Barium$ $Oxide$ या $Strontium$ $Oxide$ की परत चढ़ाने से सतह का कार्य फलन काफी कम हो जाता है। यह अपेक्षाकृत कम तापमान पर बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन की अनुमति देता है,जिसे थर्मियोनिक उत्सर्जन कहा जाता है।