(N/A) साबुन की सफाई प्रक्रिया:
$1$. साबुन के अणुओं में दो भाग होते हैं: एक लंबी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला जो जलविरागी (पानी को दूर करने वाली) होती है और एक आयनिक सिरा जो जलरागी (पानी को आकर्षित करने वाला) होता है।
$2$. जब साबुन को पानी में घोला जाता है,तो जलविरागी सिरे गंदगी के कणों से जुड़ जाते हैं,जो आमतौर पर तैलीय या चिकने होते हैं।
$3$. जलरागी सिरे पानी की ओर बाहर की तरफ रहते हैं।
$4$. ये अणु एक गोलाकार संरचना में व्यवस्थित हो जाते हैं जिसे 'मिसेल' कहा जाता है,जिसमें गंदगी केंद्र में फंसी होती है।
$5$. ऋणात्मक आवेशित आयनिक सिरे मिसेल के बीच एक प्रतिकर्षण बल पैदा करते हैं,जो उन्हें कपड़े पर वापस चिपकने से रोकता है।
$6$. अंत में,गंदगी पानी के साथ बह जाती है,जिससे कपड़ा साफ हो जाता है।