(N/A) हाइड्रोजनीकरण एक अणु में हाइड्रोजन जोड़ने की रासायनिक प्रक्रिया है। कार्बनिक रसायन विज्ञान में,इसमें आमतौर पर पैलेडियम $(Pd)$ या निकल $(Ni)$ जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (जिसमें द्वि-आबंध या त्रि-आबंध होते हैं) में हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन प्राप्त किया जाता है।
सामान्य अभिक्रिया इस प्रकार है:
$R_2C=CR_2 + H_2 \xrightarrow{Ni \text{ catalyst}} R_2CH-CHR_2$
इसका मुख्य औद्योगिक अनुप्रयोग वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण है। वनस्पति तेलों में असंतृप्त फैटी एसिड की लंबी श्रृंखलाएं होती हैं। निकल उत्प्रेरक की उपस्थिति में इन तेलों का हाइड्रोजनीकरण करके उन्हें संतृप्त वसा में परिवर्तित किया जाता है,जो कमरे के तापमान पर ठोस होते हैं,जिन्हें आमतौर पर वनस्पति घी (हाइड्रोजनीकृत वनस्पति वसा) के रूप में जाना जाता है।