(N/A) रासायनिक साम्यावस्था प्रकृति में गतिक (dynamic) होती है। यह तथ्य $H_{2}$ और $D_{2}$ का उपयोग करके अमोनिया के संश्लेषण द्वारा सिद्ध होता है।
साम्यावस्था प्राप्त होने के बाद,दो मिश्रणों: $(i)$ $H_{2}, N_{2}, NH_{3}$ और $(ii)$ $D_{2}, N_{2}, ND_{3}$ को एक साथ मिलाया जाता है और कुछ समय के लिए छोड़ दिया जाता है।
जब इस मिश्रण का विश्लेषण किया जाता है,तो पाया जाता है कि अमोनिया की कुल सांद्रता पहले जैसी ही रहती है।
हालाँकि,जब मास स्पेक्ट्रोमीटर द्वारा विश्लेषण किया जाता है,तो पाया जाता है कि अमोनिया और अमोनिया के सभी ड्यूटेरियम युक्त रूप $(NH_{3}, NH_{2}D, NHD_{2}, ND_{3})$ के साथ-साथ डाइहाइड्रोजन और इसके ड्यूटेरेटेड रूप $(H_{2}, HD, D_{2})$ भी उपस्थित हैं।
यह इंगित करता है कि अणुओं में $H$ और $D$ परमाणुओं का मिश्रण अग्र और पश्च दोनों अभिक्रियाओं के जारी रहने के परिणामस्वरूप होता है।
इस प्रकार,अमोनिया के निर्माण में समस्थानिक (ड्यूटेरियम) का उपयोग स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि रासायनिक अभिक्रियाएं गतिक साम्यावस्था की स्थिति तक पहुँचती हैं जहाँ अग्र और पश्च अभिक्रियाओं की दरें समान होती हैं और संरचना में कोई शुद्ध परिवर्तन नहीं होता है।