(N/A) वेग में समय के साथ होने वाले परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।
मान लीजिए कि एक कण सीधी रेखा में गति कर रहा है और समय $t_{1}$ और $t_{2}$ पर उसका वेग क्रमशः $v_{1}$ और $v_{2}$ है।
अतः,समय अंतराल $\Delta t = t_{2} - t_{1}$ में कण के वेग में परिवर्तन $\Delta v = v_{2} - v_{1}$ है।
औसत त्वरण की परिभाषा के अनुसार:
$\text{औसत त्वरण} = \frac{\text{वेग में परिवर्तन}}{\text{समय अंतराल}}$
$\langle a \rangle = \frac{v_{2} - v_{1}}{t_{2} - t_{1}} = \frac{\Delta v}{\Delta t}$
औसत त्वरण एक सदिश राशि है और इसकी दिशा वेग में परिवर्तन $(\Delta v)$ की दिशा में होती है।
त्वरण का $SI$ मात्रक $m/s^{2}$ है।
किसी विशेष क्षण पर वेग कैसे बदलता है,यह समझने के लिए हम $\Delta t \rightarrow 0$ सीमा लेकर तात्क्षणिक त्वरण को परिभाषित करते हैं:
$a = \lim_{\Delta t \rightarrow 0} \frac{\Delta v}{\Delta t} = \frac{dv}{dt}$
चूंकि वेग $v = \frac{dx}{dt}$ है,इसलिए हम त्वरण को समय के सापेक्ष स्थिति के द्वितीय अवकलज के रूप में लिख सकते हैं:
$a = \frac{d}{dt} \left( \frac{dx}{dt} \right) = \frac{d^{2}x}{dt^{2}}$
यदि $\frac{dv}{dt} > 0$ है,तो त्वरण धनात्मक $X$-अक्ष की दिशा में होता है,और यदि $\frac{dv}{dt} < 0$ है,तो त्वरण ऋणात्मक $X$-अक्ष की दिशा में होता है।