(N/A) सिद्धांत: $A.C.$ जनरेटर का सिद्धांत विद्युत चुंबकीय प्रेरण पर आधारित है। जब एक कुंडली को एक समान चुंबकीय क्षेत्र में घुमाया जाता है,तो कुंडली से जुड़ा चुंबकीय फ्लक्स लगातार बदलता रहता है,जो कुंडली में एक प्रत्यावर्ती (alternating) $emf$ प्रेरित करता है।
निर्माण: $A.C.$ जनरेटर में एक आयताकार कुंडली (आर्मेचर) होती है जिसे एक मजबूत स्थायी चुंबक के ध्रुवों के बीच रखा जाता है। कुंडली एक रोटर शाफ्ट पर लगी होती है और इसे घुमाया जा सकता है। कुंडली के सिरे दो स्लिप रिंगों से जुड़े होते हैं,जो कुंडली के साथ घूमते हैं। दो स्थिर कार्बन ब्रश इन स्लिप रिंगों के खिलाफ दबाव डालते हैं ताकि प्रेरित धारा को बाहरी सर्किट तक पहुँचाया जा सके।
प्रेरित $emf$ की व्युत्पत्ति:
मान लीजिए कुंडली का क्षेत्रफल $A$,फेरों की संख्या $N$ और चुंबकीय क्षेत्र $B$ है। यदि कुंडली $\omega$ कोणीय वेग के साथ घूमती है,तो किसी भी समय $t$ पर क्षेत्रफल सदिश $\vec{A}$ और चुंबकीय क्षेत्र $\vec{B}$ के बीच का कोण $\theta = \omega t$ है।
कुंडली से जुड़ा चुंबकीय फ्लक्स $\phi$ इस प्रकार है:
$\phi = N B A \cos(\theta) = N B A \cos(\omega t)$
फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार,प्रेरित $emf$ $(\varepsilon)$ है:
$\varepsilon = -\frac{d\phi}{dt}$
$\varepsilon = -\frac{d}{dt} (N B A \cos(\omega t))$
$\varepsilon = -N B A (-\sin(\omega t)) \cdot \omega$
$\varepsilon = N B A \omega \sin(\omega t)$
मान लीजिए $\varepsilon_0 = N B A \omega$ $emf$ का शिखर मान है। इसलिए:
$\varepsilon = \varepsilon_0 \sin(\omega t)$