(N/A) $1$. बिंदु $P$ पर: चूंकि बिंदु $P$,डाइपोल अक्ष और पृथ्वी की अक्ष द्वारा निर्मित तल $S$ में स्थित है,इसलिए चुंबकीय याम्योत्तर (magnetic meridian) भौगोलिक याम्योत्तर के साथ संपाती है। अतः,$P$ पर दिक्पात $0^{\circ}$ है। चूंकि $P$ चुंबकीय भूमध्य रेखा पर स्थित है,इसलिए $P$ पर नति कोण $0^{\circ}$ है।
$2$. बिंदु $Q$ पर: बिंदु $Q$ भौगोलिक और चुंबकीय भूमध्य रेखाओं का प्रतिच्छेदन बिंदु है। चुंबकीय अक्ष भौगोलिक अक्ष के साथ $11.3^{\circ}$ के कोण पर झुकी हुई है। परिणामस्वरूप,$Q$ पर चुंबकीय याम्योत्तर भौगोलिक याम्योत्तर के साथ $11.3^{\circ}$ का कोण बनाता है। अतः,$Q$ पर दिक्पात $11.3^{\circ}$ है। चूंकि $Q$ चुंबकीय भूमध्य रेखा पर स्थित है,इसलिए $Q$ पर नति कोण $0^{\circ}$ है।