(N/A) यह सिद्ध करने के लिए कि $f$ व्युत्क्रमणीय है,हमें यह सिद्ध करना होगा कि $f$ एकैकी (one-one) और आच्छादक (onto) है।
$1$. एकैकी:
माना $f(x_1) = f(x_2)$.
$4x_1 + 3 = 4x_2 + 3$
$4x_1 = 4x_2$
$x_1 = x_2$.
अतः,$f$ एकैकी फलन है।
$2$. आच्छादक:
किसी भी $y \in R$ के लिए,माना $y = 4x + 3$.
तब $4x = y - 3$,जिससे हमें $x = \frac{y-3}{4}$ प्राप्त होता है।
चूंकि $y \in R$,इसलिए $x = \frac{y-3}{4} \in R$.
प्रत्येक $y \in R$ के लिए,एक ऐसा $x = \frac{y-3}{4}$ मौजूद है कि $f(x) = 4(\frac{y-3}{4}) + 3 = y - 3 + 3 = y$.
अतः,$f$ आच्छादक फलन है।
चूंकि $f$ एकैकी और आच्छादक दोनों है,इसलिए यह व्युत्क्रमणीय है।
$f^{-1}$ ज्ञात करने के लिए,हम संबंध $f(x) = y \implies x = f^{-1}(y)$ का उपयोग करते हैं।
$y = 4x + 3$ से,हमें $x = \frac{y-3}{4}$ प्राप्त होता है।
इसलिए,$f^{-1}(y) = \frac{y-3}{4}$,या $f^{-1}(x) = \frac{x-3}{4}$.