जब एक शुद्ध प्रेरकत्व $L$ से $i$ धारा प्रवाहित होती है,तो उसमें संचित औसत ऊर्जा है

  • A
    $L{i^2}$
  • B
    $2L{i^2}$
  • C
    $\frac{1}{4}L{i^2}$
  • D
    $\frac{1}{2}L{i^2}$

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$0.5 \ mH$ के स्व-प्रेरकत्व वाली एक कुंडली में $2 \ A$ की धारा प्रवाहित हो रही है। जूल में संचित ऊर्जा . . . . . . है।

$20\, \Omega$ प्रतिरोध और $5\, H$ प्रेरकत्व वाली एक कुंडली को $100\, V$ की बैटरी से जोड़ा गया है। कुंडली में संचित ऊर्जा .... $J$ होगी।

एक $100\, mH$ की कुंडली में $1\, A$ की धारा प्रवाहित हो रही है। इसके चुंबकीय क्षेत्र में संचित ऊर्जा......$J$ है।

$L$ प्रेरकत्व वाली कुंडली जिसमें $i$ स्थिर धारा प्रवाहित हो रही है,उसमें संचित ऊर्जा किस रूप में होती है?

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
$(a)$ प्रेरक (Inductor) चुंबकीय क्षेत्र के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।
$(b)$ संधारित्र (Capacitor) विद्युत क्षेत्र के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।
$(c)$ प्रेरक विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्रों के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।
$(d)$ संधारित्र विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्रों के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।

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