(66 G) मान लीजिए $M$ मीटर छड़ का द्रव्यमान है। छड़ का भार $Mg$ उसके द्रव्यमान केंद्र पर कार्य करता है,जो $50.0 \;cm$ के निशान पर है।
दो सिक्कों का कुल द्रव्यमान $m = 2 \times 5 \;g = 10 \;g$ है। उनका भार $mg$ $12.0 \;cm$ के निशान पर कार्य करता है।
चाकू की धार (आलंब) अब $45.0 \;cm$ के निशान पर है।
आलंब के परितः घूर्णी संतुलन के लिए,दक्षिणावर्त आघूर्ण (torque) वामावर्त आघूर्ण के बराबर होना चाहिए।
छड़ के भार के कारण दक्षिणावर्त आघूर्ण: $\tau_{cw} = Mg \times (50.0 - 45.0) = Mg \times 5.0 \;cm$.
सिक्कों के भार के कारण वामावर्त आघूर्ण: $\tau_{ccw} = mg \times (45.0 - 12.0) = 10g \times 33.0 \;cm$.
आघूर्णों को बराबर करने पर: $Mg \times 5.0 = 10g \times 33.0$.
$M = \frac{10 \times 33.0}{5.0} = 66 \;g$.
अतः,मीटर छड़ का द्रव्यमान $66 \;g$ है।