(4 J) हूप की त्रिज्या,$r = 2 \; m$।
हूप का द्रव्यमान,$m = 100 \; kg$।
द्रव्यमान केंद्र का वेग,$v = 20 \; cm/s = 0.2 \; m/s$।
लुढ़कते हुए हूप की कुल गतिज ऊर्जा $(K)$,उसकी स्थानांतरण गतिज ऊर्जा और घूर्णन गतिज ऊर्जा का योग होती है।
$K = K_{\text{trans}} + K_{\text{rot}} = \frac{1}{2}mv^2 + \frac{1}{2}I\omega^2$।
एक हूप के लिए,उसके केंद्र के परितः जड़त्व आघूर्ण $I = mr^2$ होता है।
चूंकि हूप बिना फिसले लुढ़क रहा है,$v = r\omega$,जिसका अर्थ है $\omega = v/r$।
$I$ और $\omega$ के मानों को ऊर्जा समीकरण में रखने पर:
$K = \frac{1}{2}mv^2 + \frac{1}{2}(mr^2)(v/r)^2 = \frac{1}{2}mv^2 + \frac{1}{2}mv^2 = mv^2$।
हूप को रोकने के लिए आवश्यक कार्य उसकी कुल गतिज ऊर्जा के बराबर होता है।
$W = K = mv^2 = 100 \; kg \times (0.2 \; m/s)^2 = 100 \times 0.04 = 4 \; J$।