(A) $1$. धारिता $(C)$: परावैद्युतांक $K$ वाले संधारित्र की धारिता $C = \frac{K \epsilon_0 A}{d}$ द्वारा दी जाती है। चूंकि $K > 1$ है,इसलिए परावैद्युत स्लैब को हटाने (उसे हवा $K=1$ से बदलने) पर धारिता $C$ घट जाएगी।
$2$. आवेश $(q)$: चूंकि परावैद्युत को हटाने से पहले बैटरी को डिस्कनेक्ट कर दिया गया है,इसलिए संधारित्र अलग-थलग (isolated) है। अतः,प्लेटों पर संचित आवेश $q$ स्थिर रहता है।
$3$. संचित ऊर्जा $(U)$: संचित ऊर्जा $U = \frac{q^2}{2C}$ द्वारा दी जाती है। चूंकि $q$ स्थिर है और $C$ घटता है,इसलिए $U$ बढ़ेगा।
$4$. वोल्टेज $(V)$: संबंध $q = CV$ से,$V = \frac{q}{C}$ होता है। चूंकि $q$ स्थिर है और $C$ घटता है,इसलिए प्लेटों के बीच वोल्टेज $V$ बढ़ेगा।
$5$. विद्युत क्षेत्र $(E)$: प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र $E = \frac{V}{d}$ है। चूंकि $V$ बढ़ता है और $d$ स्थिर रहता है,इसलिए विद्युत क्षेत्र $E$ बढ़ेगा।