एक समतल-उत्तल लेंस की उत्तल सतह की वक्रता त्रिज्या $12 \ cm$ है और इसका अपवर्तनांक $1.5$ है। जब समतल सतह को रजतित (silvered) किया जाता है,तो इस लेंस की फोकस दूरी $cm$ में ज्ञात कीजिए।

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$1.5$ अपवर्तनांक वाले कांच से बने एक पतले समतल-उत्तल लेंस को $1.2$ अपवर्तनांक वाले द्रव में डुबोया जाता है। जब लेंस की समतल सतह पर पूर्ण परावर्तन के लिए चांदी की परत चढ़ाई जाती है,तो द्रव में डूबा हुआ लेंस $0.2 \ m$ फोकस दूरी वाले अवतल दर्पण की तरह व्यवहार करता है। लेंस की वक्र सतह की वक्रता त्रिज्या क्या है ($m$ में)?

एक पतला उत्तल लेंस (अपवर्तनांक $\mu_2$),जिसे एक द्रव (अपवर्तनांक $\mu_1, \mu_1 < \mu_2$) में रखा गया है,की वक्रता त्रिज्याएँ $|R_1|$ और $|R_2|$ हैं। इसकी दूसरी सतह पर चांदी की पॉलिश की गई है। वस्तु को मुख्य अक्ष पर कहाँ रखा जाना चाहिए ताकि वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब उसी स्थान पर बने?

$1.5$ अपवर्तनांक और $30 \ cm$ वक्रता त्रिज्या वाले एक समतल-उत्तल लेंस की वक्र सतह पर चांदी की परत चढ़ाई गई है। अब इस लेंस का उपयोग किसी वस्तु का प्रतिबिंब बनाने के लिए किया जाता है। वस्तु के आकार के बराबर वास्तविक प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए वस्तु को इस लेंस से कितनी दूरी पर रखा जाना चाहिए? $(... \ cm)$

$f_1$ फोकस दूरी का एक अवतल दर्पण,$f_2$ फोकस दूरी वाले एक उत्तल लेंस से $d$ दूरी पर रखा गया है। अनंत से आने वाली प्रकाश की किरणें इस उत्तल लेंस-अवतल दर्पण संयोजन पर गिरकर वापस अनंत पर लौट जाती हैं। दूरी $d$ किसके बराबर होनी चाहिए?

एक समतल-उत्तल लेंस $(f=20 \,cm)$ की समतल सतह पर पॉलिश (सिल्वरिंग) की गई है। अब इसकी नई फोकस दूरी क्या होगी ($\,cm$ में)?

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