(N/A) गतिज ऊर्जा $(KE)$ वह कार्य है जो बल $F$ द्वारा $m$ द्रव्यमान के पिंड को विरामावस्था $(u=0)$ से $v$ वेग तक त्वरित करने के लिए किया जाता है। $v^2 - u^2 = 2as$ का उपयोग करने पर,हमें $s = v^2 / (2a)$ प्राप्त होता है। चूंकि $F = ma$,किया गया कार्य $W = F \times s = ma \times (v^2 / 2a) = 1/2 mv^2$ है। अतः,$KE = 1/2 mv^2$ है।
$(b)$ चूंकि $KE \propto v^2$,यदि वेग $5v$ हो जाता है,तो नई गतिज ऊर्जा $KE' = 1/2 m(5v)^2 = 25 \times (1/2 mv^2) = 25 \times KE$ होगी। गतिज ऊर्जा $25$ गुना बढ़ जाएगी।
$(c)$ जमीन पर गिरते हुए पिंड की गतिज ऊर्जा उसकी प्रारंभिक स्थितिज ऊर्जा $(PE = mgh)$ के बराबर होती है। $h$ ऊंचाई पर $m$ द्रव्यमान के लिए,$PE_1 = mgh$। $2h$ ऊंचाई पर $2m$ द्रव्यमान के लिए,$PE_2 = (2m)g(2h) = 4mgh$। चूंकि $PE_2 > PE_1$,इसलिए $2m$ द्रव्यमान वाले पिंड की गतिज ऊर्जा अधिक होगी।