(N/A) अपवर्तन के दो नियम निम्नलिखित हैं:
$(i)$ आपतित किरण,अपवर्तित किरण तथा दो पारदर्शी माध्यमों के पृष्ठ के आपतन बिंदु पर अभिलंब,तीनों एक ही तल में होते हैं।
$(ii)$ प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या $(sin)$ तथा अपवर्तन कोण की ज्या $(sin)$ का अनुपात स्थिर होता है। इस नियम को स्नेल का अपवर्तन नियम भी कहते हैं।
$(b)$ चूंकि माध्यम $A$ का अपवर्तनांक $(n_A = 2.42)$ माध्यम $B$ के अपवर्तनांक $(n_B = 1.65)$ से अधिक है,इसलिए प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जा रहा है। अतः,माध्यम $B$ में प्रवेश करते समय अपवर्तित किरण अभिलंब से दूर हट जाएगी। जब किरण स्लैब से बाहर निकलकर पुनः माध्यम $A$ में प्रवेश करती है,तो वह अभिलंब की ओर मुड़ जाएगी। किरण का पथ चित्र में दिखाए अनुसार होगा।