(N/A) दिया है: $ABCD$ एक चक्रीय चतुर्भुज है जिसमें $AB \parallel CD$ है।
सिद्ध करना है: $BC = AD$ है।
उपपत्ति:
$1$. चूँकि $ABCD$ एक चक्रीय चतुर्भुज है,सम्मुख कोणों का योग $180^{\circ}$ होता है। अतः,$\angle A + \angle C = 180^{\circ}$ और $\angle B + \angle D = 180^{\circ}$।
$2$. चूँकि $AB \parallel CD$ है,इसलिए क्रमागत अंतःकोणों का योग $180^{\circ}$ होता है। अतः,$\angle A + \angle D = 180^{\circ}$।
$3$. $\angle A + \angle C = 180^{\circ}$ और $\angle A + \angle D = 180^{\circ}$ से,हमें $\angle C = \angle D$ प्राप्त होता है।
$4$. इसी प्रकार,चूँकि $AB \parallel CD$ है,$\angle B + \angle C = 180^{\circ}$। दिया गया है कि $\angle B + \angle D = 180^{\circ}$,अतः $\angle C = \angle D$ सिद्ध होता है।
$5$. एक चक्रीय चतुर्भुज में,यदि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर हो,तो वह एक समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज होता है। समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज में असमांतर भुजाएँ बराबर होती हैं।
$6$. अतः,$BC = AD$।