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Mechanism of Evolution Questions in Hindi

Class 12 Biology · Evolution · Mechanism of Evolution

327+

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Hindi

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100%

With Solutions

Showing 49 of 327 questions in Hindi

1
MediumMCQ
प्रजातिभवन (Speciation) किसके कारण होता है?
A
पारिस्थितिक अलगाव
B
भौगोलिक अलगाव
C
प्रजनन अलगाव
D
अलगाव

Solution

(C) प्रजातिभवन वह विकासवादी प्रक्रिया है जिसके द्वारा आबादी अलग प्रजातियों में विकसित होती है।
प्रजनन अलगाव वह प्राथमिक तंत्र है जो विभिन्न आबादी के सदस्यों को आपस में प्रजनन करने से रोकता है,जिससे एक प्रजाति की आनुवंशिक अखंडता बनी रहती है और वह विचलन संभव होता है जो प्रजातिभवन की ओर ले जाता है।
हालाँकि भौगोलिक और पारिस्थितिक कारक इस प्रक्रिया में योगदान दे सकते हैं,लेकिन प्रजातिभवन होने के लिए प्रजनन अलगाव एक मौलिक जैविक आवश्यकता है।
2
MediumMCQ
संकर क्षय (Hybrid breakdown) उस स्थिति को संदर्भित करता है जहाँ एक संकर क्रॉस की $F_2$ पीढ़ी या बाद की पीढ़ियाँ $F_1$ पीढ़ी की तुलना में शारीरिक रूप से कमजोर या कम सक्षम होती हैं।
A
$F_1$
B
$F_2$
C
$P_1$
D
ये सभी

Solution

(B) संकर क्षय (Hybrid breakdown) प्रजनन अलगाव का एक प्रकार है जिसमें संकर संतानें जीवित और उपजाऊ होती हैं,लेकिन उनकी बाद की पीढ़ियाँ ($F_2$ और उसके बाद) कमजोर,बांझ या शारीरिक रूप से निम्न स्तर की होती हैं।
यह घटना इसलिए होती है क्योंकि $F_2$ पीढ़ी में आनुवंशिक संयोजन उन हानिकारक अंतःक्रियाओं को जन्म दे सकते हैं जो $F_1$ पीढ़ी में छिपी हुई थीं।
3
MediumMCQ
फसल को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों में कीटनाशकों के प्रति प्रतिरोध विकसित होने का सबसे संभावित कारण क्या है?
A
निर्देशित उत्परिवर्तन (Directed mutation)
B
अर्जित वंशागत परिवर्तन (Acquired heritable changes)
C
यादृच्छिक उत्परिवर्तन (Random mutations)
D
आनुवंशिक पुनर्संयोजन (Genetic recombination)

Solution

(C) कीटों में कीटनाशक प्रतिरोध का विकास मुख्य रूप से आबादी में पहले से मौजूद यादृच्छिक उत्परिवर्तनों के कारण होता है।
जब कीटनाशक का प्रयोग किया जाता है,तो अधिकांश संवेदनशील कीट मर जाते हैं,लेकिन वे कुछ कीट जिनमें प्रतिरोध प्रदान करने वाला यादृच्छिक उत्परिवर्तन होता है,वे जीवित बच जाते हैं।
ये प्रतिरोधी कीट प्रजनन करते हैं और प्रतिरोध प्रदान करने वाले जीन को अपनी संतानों में स्थानांतरित करते हैं।
क्रमिक पीढ़ियों के दौरान,आबादी में इन प्रतिरोधी एलील की आवृत्ति बढ़ जाती है,जिससे कीटनाशक-प्रतिरोधी आबादी का विकास होता है।
4
MediumMCQ
विकासवादी रूप से सफल होने के लिए,उत्परिवर्तन (mutation) किसमें होना चाहिए?
A
जर्मप्लाज्म (Germplasm) $DNA$
B
सोमैटोप्लाज्म (Somatoplasm) $DNA$
C
कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
D
$RNA$

Solution

(A) विकासवादी रूप से सफल होने के लिए,उत्परिवर्तन का वंशागत (heritable) होना आवश्यक है,जिसका अर्थ है कि इसे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होना चाहिए।
सोमैटोप्लाज्म (दैहिक कोशिकाओं) में होने वाले उत्परिवर्तन संतानों में स्थानांतरित नहीं होते हैं और व्यक्ति की मृत्यु के साथ समाप्त हो जाते हैं।
जर्मप्लाज्म (जनन कोशिकाओं या युग्मकों) में होने वाले उत्परिवर्तन निषेचन के माध्यम से अगली पीढ़ी में स्थानांतरित होते हैं।
इसलिए,केवल जर्मप्लाज्म $DNA$ में होने वाले उत्परिवर्तन ही विकासवादी प्रक्रिया में योगदान करते हैं।
5
MediumMCQ
एक आबादी में उत्परिवर्ती जीन (mutant gene) की आवृत्ति बढ़ने की उम्मीद की जाती है, यदि जीन
A
अप्रभावी है
B
प्रभावी है
C
लिंग-सहलग्न है
D
अनुकूल रूप से चयनित है

Solution

(D) एक आबादी में उत्परिवर्ती जीन की आवृत्ति तब बढ़ती है यदि वह जीन जीव को जीवित रहने या प्रजनन का लाभ प्रदान करता है। इस प्रक्रिया को $Natural \text{ } selection$ (प्राकृतिक चयन) के रूप में जाना जाता है। जब कोई जीन $Favourably \text{ } selected$ (अनुकूल रूप से चयनित) होता है, तो यह उसे धारण करने वाले व्यक्तियों की फिटनेस को बढ़ाता है, जिससे क्रमिक पीढ़ियों में इसकी आवृत्ति में वृद्धि होती है।
6
MediumMCQ
विकास में उत्परिवर्तन (mutation) के चयनात्मक लाभ होने की संभावना सबसे अधिक कब होती है?
A
यह प्रभावी जीनों को प्रभावित करता है
B
यह अप्रभावी जीनों को प्रभावित करता है
C
यह पूरे गुणसूत्रों को प्रभावित करता है
D
पर्यावरण स्थिर रहता है

Solution

(B) विकास में उत्परिवर्तन (mutation) के चयनात्मक लाभ होने की संभावना सबसे अधिक तब होती है जब यह अप्रभावी जीनों को प्रभावित करता है। इसका कारण यह है कि अप्रभावी उत्परिवर्तन विषमयुग्मजी अवस्था में (वाहक के रूप में) आबादी में बने रह सकते हैं,जिससे वे तुरंत प्राकृतिक चयन के संपर्क में नहीं आते हैं। यह आनुवंशिक विविधता के संचय की अनुमति देता है,जो पर्यावरण बदलने पर उत्तरजीविता का लाभ प्रदान कर सकता है,जबकि प्रभावी उत्परिवर्तन तुरंत व्यक्त हो जाते हैं और यदि वे हानिकारक होते हैं तो उन्हें अक्सर समाप्त कर दिया जाता है।
7
MediumMCQ
एक समष्टि में यादृच्छिक आनुवंशिक विचलन (Random genetic drift) संभवतः किसके परिणामस्वरूप होता है?
A
बड़ा समष्टि आकार
B
अत्यधिक आनुवंशिक रूप से परिवर्तनशील व्यक्ति
C
छोटी पृथक समष्टि के भीतर अंतःप्रजनन
D
निरंतर कम उत्परिवर्तन दर

Solution

(C) यादृच्छिक आनुवंशिक विचलन (Random genetic drift) का तात्पर्य संयोगवश होने वाली घटनाओं के कारण समष्टि में एलील आवृत्तियों में होने वाले परिवर्तन से है।
यह छोटी,पृथक समष्टियों में सबसे अधिक स्पष्ट होता है जहाँ संयोगवश होने वाले उतार-चढ़ाव जीन पूल पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं।
इसलिए,एक छोटी और पृथक समष्टि के भीतर अंतःप्रजनन वह प्राथमिक कारक है जो यादृच्छिक आनुवंशिक विचलन की ओर ले जाता है।
8
MediumMCQ
एक समष्टि (population) में किसी लक्षण की आवृत्ति कब बढ़ती हुई पाई जाती है?
A
यह प्रभावी हो
B
यह अप्रभावी हो
C
यह अनुकूलन योग्य (adaptable) हो
D
यह वंशागत हो

Solution

(C) एक समष्टि में किसी लक्षण की आवृत्ति तब बढ़ती है जब यह उसे धारण करने वाले व्यक्तियों को चयनात्मक लाभ प्रदान करता है,जिससे वे अपने पर्यावरण के लिए अधिक उपयुक्त बन जाते हैं।
इस प्रक्रिया को प्राकृतिक चयन के रूप में जाना जाता है,जहाँ वह लक्षण उत्तरजीविता और प्रजनन के लिए अधिक 'अनुकूलन योग्य' या लाभकारी हो जाता है।
हालाँकि प्रभाविता और वंशागति वे कारक हैं जो यह निर्धारित करते हैं कि लक्षण कैसे आगे बढ़ते हैं,लेकिन पीढ़ियों के दौरान आवृत्ति में वास्तविक वृद्धि उस लक्षण की किसी दिए गए पर्यावरण में जीव की फिटनेस (fitness) को बढ़ाने की क्षमता से प्रेरित होती है।
9
EasyMCQ
एक समष्टि (population) में जीन के कुल योग को क्या कहा जाता है?
A
जीनोटाइप (Genotype)
B
कैरियोटाइप (Karyotype)
C
जीन पूल (Gene pool)
D
घातक जीन (Lethal gene)

Solution

(C) किसी भी समय एक मेंडेलियन समष्टि में मौजूद सभी जीनों और उनके एलील्स (alleles) के कुल योग को $Gene \ pool$ (जीन पूल) के रूप में जाना जाता है। मेंडेलियन समष्टि का तात्पर्य एक ही प्रजाति के अंतःप्रजनन करने वाले जीवों के उस समूह से है जो एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में रहते हैं।
10
MediumMCQ
जैविक विकास का सबसे अधिक स्वीकृत सिद्धांत कौन सा है?
A
प्राकृतिक चयन का सिद्धांत
B
फेज थ्योरी
C
आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत (Synthetic theory)
D
उत्परिवर्तनवाद (Mutation theory)

Solution

(C) विकास का आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत (Modern Synthetic Theory) आज सबसे अधिक स्वीकृत सिद्धांत है।
यह डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत को मेंडेलियन आनुवंशिकी,जनसंख्या आनुवंशिकी और उत्परिवर्तन के अध्ययन के साथ एकीकृत करता है।
यह विकास को समय के साथ जनसंख्या में एलील आवृत्तियों में परिवर्तन के रूप में समझाता है,जो उत्परिवर्तन,पुनर्संयोजन,प्राकृतिक चयन और आनुवंशिक विचलन (genetic drift) जैसे कारकों द्वारा संचालित होता है।
11
MediumMCQ
जैविक विकास का अंतिम स्रोत क्या है?
A
प्राकृतिक चयन
B
लैंगिक प्रजनन
C
हार्मोनल क्रिया
D
उत्परिवर्तन (Mutations)

Solution

(D) जैविक विकास एक आबादी के भीतर मौजूद आनुवंशिक विविधता पर निर्भर करता है।
उत्परिवर्तन $DNA$ अनुक्रम में होने वाले अचानक और वंशानुगत परिवर्तन हैं जो जीन पूल में नए एलील (alleles) पेश करते हैं।
हालाँकि प्राकृतिक चयन इन विविधताओं पर कार्य करता है,लेकिन उत्परिवर्तन नए आनुवंशिक पदार्थ का प्राथमिक और अंतिम स्रोत है,जो समय के साथ विकास होने के लिए कच्चा माल प्रदान करता है।
12
MediumMCQ
एक समष्टि दो या दो से अधिक समूहों में विभाजित हो जाती है और ये समूह अलग-अलग पारिस्थितिक क्षेत्रों पर कब्जा कर लेते हैं। इसे क्या कहा जाता है?
A
एलोपैट्रिक प्रजातीकरण (Allopatric speciation)
B
सिम्पैट्रिक प्रजातीकरण (Sympatric speciation)
C
पारिस्थितिक प्रजातीकरण (Ecological speciation)
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(A) जब एक समष्टि (population) दो या दो से अधिक समूहों में विभाजित हो जाती है जो अलग-अलग भौगोलिक या पारिस्थितिक क्षेत्रों में रहते हैं,तो यह भौतिक या पर्यावरणीय बाधाओं के कारण उत्पन्न प्रजनन अलगाव (reproductive isolation) के माध्यम से नई प्रजातियों के निर्माण की ओर ले जाता है। इस प्रक्रिया को $Allopatric$ $speciation$ (एलोपैट्रिक प्रजातीकरण) के रूप में जाना जाता है।
13
MediumMCQ
जंतुओं के अनुकूलन उनके क्या होते हैं?
A
त्वचा का झड़ना
B
आनुवंशिक लक्षण
C
उपार्जित लक्षण
D
कायांतरण (Metamorphosis)

Solution

(B) $ (b) $ कोई भी विशेषता जो किसी विशेष जीव या जनसंख्या के लिए फायदेमंद होती है,उसे अनुकूलन कहा जाता है। अनुकूलन आनुवंशिक लक्षण होते हैं जो कई पीढ़ियों तक प्राकृतिक चयन की प्रक्रिया के माध्यम से विकसित हुए हैं। चूंकि ये माता-पिता से संतानों में स्थानांतरित होते हैं,इसलिए इन्हें आनुवंशिक लक्षण माना जाता है।
14
EasyMCQ
जैव विकास को समझाने वाला उत्परिवर्तन सिद्धांत (Mutation theory) ह्यूगो डी व्रीस द्वारा प्रस्तावित किया गया था। उन्होंने किस पर कार्य किया था?
A
Pisum sativum
B
Drosophila melanogaster
C
Oenothera lamarckiana
D
Althea rosea

Solution

(C) ह्यूगो डी व्रीस $(1848-1935)$ ने इवनिंग प्रिमरोज $(Oenothera \text{ } lamarckiana)$ पर अपने प्रयोग किए थे।
इस पौधे में देखे गए अचानक और वंशागत परिवर्तनों के आधार पर, उन्होंने $1901$ में 'उत्परिवर्तन सिद्धांत' (Mutation Theory of Evolution) प्रस्तावित किया था।
यह सिद्धांत बताता है कि विकास छोटी और निरंतर विविधताओं के बजाय बड़े और अचानक होने वाले उत्परिवर्तनों के कारण होने वाली एक असतत प्रक्रिया है।
15
EasyMCQ
विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाली प्रजाति को क्या कहा जाता है?
A
एलोपैट्रिक (Allopatric)
B
सिम्पैट्रिक (Sympatric)
C
बायोस्पीशीज (Biospecies)
D
सिबलिंग स्पीशीज (Sibling species)

Solution

(A) -एलोपैट्रिक प्रजातियाँ वे होती हैं जो विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में निवास करती हैं।
एलोपैट्रिक प्रजाति उद्भवन तब होता है जब एक जैविक आबादी भौगोलिक बाधाओं द्वारा अलग हो जाती है,जिससे समूहों के बीच जीन प्रवाह रुक जाता है।
समय के साथ,ये अलग हुए समूह स्वतंत्र रूप से विकसित होते हैं,जो अंततः नई प्रजातियों के निर्माण की ओर ले जाते हैं।
16
MediumMCQ
आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत (Modern synthetic theory) के अनुसार,जैविक विकास किस पर निर्भर करता है?
A
उत्परिवर्तन (Mutation),प्रजनन अलगाव और प्राकृतिक चयन
B
जीन पुनर्संयोजन और प्राकृतिक चयन
C
उत्परिवर्तन और प्राकृतिक चयन
D
ये सभी

Solution

(D) विकास का आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत,जिसे $Neo-Darwinism$ के रूप में भी जाना जाता है,विकास को समय के साथ एक आबादी के भीतर एलील आवृत्तियों में परिवर्तन के रूप में समझाता है।
यह डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत को मेंडेलियन आनुवंशिकी के साथ एकीकृत करता है।
इस सिद्धांत के अनुसार जैविक विकास में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं:
$1$. उत्परिवर्तन और जीन पुनर्संयोजन से उत्पन्न आनुवंशिक विविधताएं।
$2$. प्राकृतिक चयन,जो इन विविधताओं पर कार्य करता है।
$3$. प्रजनन अलगाव,जो जीन प्रवाह को रोकता है और प्रजातीकरण (speciation) की ओर ले जाता है।
चूंकि उल्लिखित सभी कारक (उत्परिवर्तन,जीन पुनर्संयोजन,प्राकृतिक चयन और प्रजनन अलगाव) इस सिद्धांत के आवश्यक घटक हैं,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
17
MediumMCQ
जैविक विकास का आधुनिक सिद्धांत,जिसे विकास का आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत भी कहा जाता है,निम्नलिखित में से किन कारकों पर आधारित है?
A
समष्टि (Population)
B
उत्परिवर्तन (Mutation)
C
पृथक्करण (Isolation)
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) विकास का आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत डार्विनवाद को आनुवंशिकी (genetics) के साथ एकीकृत करता है।
यह समष्टि (population) को विकास की इकाई मानता है।
यह मानता है कि आनुवंशिक विविधताएं उत्परिवर्तन,पुनर्संयोजन और जीन प्रवाह के कारण उत्पन्न होती हैं।
यह नई प्रजातियों के निर्माण में प्राकृतिक चयन और प्रजनन पृथक्करण की भूमिका पर भी जोर देता है।
इसलिए,समष्टि,उत्परिवर्तन और पृथक्करण सभी इस सिद्धांत के मूलभूत घटक हैं।
18
MediumMCQ
जैविक विकास के लिए सामग्री है
A
हार्मोन का प्रभाव
B
पोषक मूल्य
C
उत्परिवर्तन (Mutation)
D
अलैंगिक प्रजनन

Solution

(C) जैविक विकास समय के साथ आबादी के आनुवंशिक पदार्थ में होने वाले परिवर्तनों द्वारा संचालित होता है।
उत्परिवर्तन $(Mutation)$ $DNA$ अनुक्रम में अचानक और वंशानुगत परिवर्तन हैं जो आबादी में नई आनुवंशिक विविधता लाते हैं।
ये विविधताएं कच्चे माल के रूप में कार्य करती हैं जिन पर प्राकृतिक चयन कार्य करता है,जिससे विकासवादी परिवर्तन होता है।
इसलिए,उत्परिवर्तन जैविक विकास के लिए आवश्यक आनुवंशिक विविधता का मूलभूत स्रोत है।
19
MediumMCQ
छोटे आनुवंशिक परिवर्तनों का यादृच्छिक संचय विकास को समझाने के लिए पर्याप्त है। यह अवधारणा किसने प्रस्तावित की थी?
A
हेकेल
B
मेयर
C
डार्विन
D
लामार्क

Solution

(C) चार्ल्स $Darwin$ ने प्राकृतिक चयन का सिद्धांत प्रस्तावित किया,जो इस बात पर जोर देता है कि विकास लंबी अवधि में छोटे,वंशानुगत परिवर्तनों के संचय के माध्यम से होता है। प्राकृतिक चयन द्वारा संचालित यह प्रक्रिया बताती है कि कैसे आबादी समय के साथ अनुकूलित होती है और विकसित होती है।
20
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा ह्यूगो डी व्रीस का योगदान था?
A
प्राकृतिक चयन का सिद्धांत
B
पृथक्करण का नियम
C
उत्परिवर्तन का सिद्धांत
D
प्रभाविता का नियम

Solution

(C) ह्यूगो डी व्रीस,एक डच वनस्पतिशास्त्री,ने विकास के $Mutation$ $Theory$ (उत्परिवर्तन का सिद्धांत) का प्रस्ताव रखा। उन्होंने इवनिंग प्रिमरोज़,$Oenothera$ $lamarckiana$ पर काम किया और आबादी में अचानक,बड़े और वंशानुगत परिवर्तनों का अवलोकन किया,जिन्हें उन्होंने उत्परिवर्तन (mutations) कहा। उनका मानना था कि विकास एक साल्टेटरी (अचानक होने वाली) प्रक्रिया है,जिसका अर्थ है कि यह छोटे,क्रमिक परिवर्तनों के बजाय बड़े,अचानक परिवर्तनों के माध्यम से होता है।
21
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा प्रजनन अलगाव (reproductive isolation) से संबंधित है?
A
आनुवंशिक अलगाव
B
कालिक अलगाव
C
व्यवहारगत अलगाव
D
ये सभी

Solution

(D) प्रजनन अलगाव उन तंत्रों को संदर्भित करता है जो विभिन्न प्रजातियों को आपस में प्रजनन करने और उपजाऊ संतान उत्पन्न करने से रोकते हैं।
इन तंत्रों को व्यापक रूप से निषेचन-पूर्व और निषेचन-पश्चात बाधाओं में वर्गीकृत किया गया है।
आनुवंशिक अलगाव,कालिक अलगाव (अलग-अलग समय पर प्रजनन),और व्यवहारगत अलगाव (प्रजनन अनुष्ठानों में अंतर) सभी निषेचन-पूर्व प्रजनन अलगाव तंत्र के प्रकार हैं।
इसलिए,दिए गए सभी विकल्प प्रजनन अलगाव से संबंधित हैं।
22
MediumMCQ
विकास का आधार क्या है?
A
कोशिका
B
व्यष्टि (Individual)
C
समष्टि (Population)
D
जाति (Species)

Solution

(C) सही उत्तर $C$ है। विकास समय के साथ एक समष्टि (population) के भीतर एलील आवृत्तियों में होने वाले परिवर्तनों के माध्यम से होता है। एक समष्टि के सदस्यों के बीच दिखाई देने वाली आनुवंशिक विविधताएं प्राकृतिक चयन के लिए कच्चा माल प्रदान करती हैं,जो समष्टि पर कार्य करता है,जिससे यह विकास की मूलभूत इकाई बन जाती है।
23
MediumMCQ
विकास में पृथक्करण (isolation) की भूमिका क्या है?
A
प्रजातियों का विभेदीकरण
B
प्रजातियों का रखरखाव
C
विकासवादी विचलन
D
प्रजातियों का विनाश

Solution

(A) पृथक्करण आबादी के बीच जीन प्रवाह को रोककर प्रजातीकरण (speciation) में एक प्रमुख कारक के रूप में कार्य करता है। जब आबादी भौगोलिक या प्रजनन रूप से अलग हो जाती है,तो वे उत्परिवर्तन,प्राकृतिक चयन और आनुवंशिक विचलन के कारण समय के साथ विभिन्न आनुवंशिक विविधताएं जमा करती हैं। यह प्रक्रिया नई प्रजातियों के निर्माण की ओर ले जाती है,जिसे प्रजातियों का विभेदीकरण कहा जाता है।
24
MediumMCQ
एलोपैट्रिक प्रजातीकरण (Allopatric speciation) किसके कारण होता है?
A
उत्परिवर्तन (Mutation)
B
आबादी का भौगोलिक अलगाव
C
एक प्रजाति के सदस्यों का एक आबादी से दूसरी आबादी में प्रवास
D
निकट संबंधी प्रजातियों के बीच संकरण

Solution

(B) एलोपैट्रिक प्रजातीकरण तब होता है जब एक ही प्रजाति की जैविक आबादी एक-दूसरे से इतनी अलग हो जाती है कि जीन प्रवाह रुक जाता है या बाधित होता है।
यह अलगाव मुख्य रूप से पहाड़ों,नदियों या रेगिस्तान जैसी भौगोलिक बाधाओं के कारण होता है।
समय के साथ,ये अलग-थलग आबादी विभिन्न चयनात्मक दबावों,आनुवंशिक बहाव (genetic drift) और उत्परिवर्तन के कारण स्वतंत्र विकासवादी परिवर्तनों से गुजरती है,जो अंततः नई प्रजातियों के निर्माण की ओर ले जाती है।
25
MediumMCQ
एक छोटी आबादी से जीन के समाप्त होने की संभावना किसका उदाहरण है?
A
चयन दबाव (Selection pressure)
B
जाति उद्भवन (Speciation)
C
अनुकूलन (Adaptation)
D
आनुवंशिक विचलन (Genetic drift)

Solution

(D) आनुवंशिक विचलन $(Genetic \ drift)$,जिसे $Sewall \ Wright$ प्रभाव के रूप में भी जाना जाता है,विकासवादी परिवर्तनों के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र है,विशेष रूप से छोटी आबादी में।
एक छोटी आबादी में,प्रजाति के जीन पूल का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी एलील मौजूद नहीं हो सकते हैं।
यादृच्छिक घटनाओं के कारण,कुछ एलील पीढ़ियों के दौरान आबादी से खो सकते हैं या समाप्त हो सकते हैं,जिससे एलील आवृत्ति में परिवर्तन होता है।
इसलिए,एक छोटी आबादी में जीन का यादृच्छिक रूप से समाप्त होना $Genetic \ drift$ कहलाता है।
26
MediumMCQ
जर्मप्लाज्म सिद्धांत,जो लैमार्क के उपार्जित लक्षणों की वंशागति के सिद्धांत का खंडन करता है,किसके द्वारा दिया गया था?
A
वाइसमैन
B
डार्विन
C
लैमार्क
D
ह्यूगो डी व्रीस

Solution

(A) अगस्त वाइसमैन ने $1892$ में जर्मप्लाज्म सिद्धांत प्रस्तावित किया था।
इस सिद्धांत के अनुसार,शरीर दो प्रकार के प्रोटोप्लाज्म में विभाजित होता है: सोमेटोप्लाज्म (कायिक द्रव्य) और जर्मप्लाज्म (जनन द्रव्य)।
सोमेटोप्लाज्म कायिक कोशिकाओं का निर्माण करता है,जो जीव की मृत्यु के साथ नष्ट हो जाती हैं,जबकि जर्मप्लाज्म प्रजनन कोशिकाओं (युग्मकों) का निर्माण करता है,जो अगली पीढ़ी में स्थानांतरित होते हैं।
वाइसमैन ने सिद्ध किया कि सोमेटोप्लाज्म में होने वाले परिवर्तन (उपार्जित लक्षण) वंशागत नहीं होते हैं,जो लैमार्क के उपार्जित लक्षणों की वंशागति के सिद्धांत का सीधे तौर पर खंडन करता है।
27
EasyMCQ
लेमार्क के उपार्जित लक्षण वंशागत नहीं होते हैं और इनका कोई विकासवादी मूल्य नहीं है। यह कथन किसके द्वारा दिया गया था?
A
ह्यूगो डी व्रीस
B
चार्ल्स डार्विन
C
वाइजमैन
D
टी.एच. मॉर्गन

Solution

(C) अगस्त वाइजमैन ने $Germ$ $Plasm$ $Theory$ (जर्म प्लाज्म सिद्धांत) प्रस्तावित किया था। उन्होंने एक प्रयोग किया जिसमें उन्होंने कई पीढ़ियों तक चूहों की पूंछ काट दी और देखा कि संतानों का जन्म अभी भी पूंछ के साथ ही हुआ। इसके आधार पर,उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि उपार्जित लक्षण वंशागत नहीं होते हैं और इनका कोई विकासवादी मूल्य नहीं होता है,क्योंकि दैहिक कोशिकाओं में होने वाले परिवर्तन जनन कोशिकाओं को प्रभावित नहीं करते हैं।
28
MediumMCQ
एक वैज्ञानिक ने चूहों पर काम करते हुए उनकी पूंछ को $21$ लगातार पीढ़ियों तक काटा,लेकिन अंत में उन्होंने पाया कि पूंछ सामान्य ही रही। इस प्रयोग से किस वैज्ञानिक का सिद्धांत गलत साबित हुआ?
A
डार्विन
B
लेमार्क
C
ह्यूगो डी व्रीस
D
मेंडल

Solution

(B) वर्णित प्रयोग अगस्त वीज़मैन द्वारा किया गया था। उन्होंने जीन-बैप्टिस्ट लेमार्क द्वारा प्रस्तावित 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) के सिद्धांत का परीक्षण करने के लिए $21$ पीढ़ियों तक चूहों की पूंछ काटी। वीज़मैन ने देखा कि संतानों में अभी भी सामान्य पूंछ ही पैदा हो रही थी,जिससे यह सिद्ध हुआ कि दैहिक परिवर्तन (उपार्जित लक्षण) वंशानुगत नहीं होते हैं। इस प्रयोग ने लेमार्क के उपार्जित लक्षणों की वंशागति के सिद्धांत को प्रभावी ढंग से गलत साबित कर दिया।
29
EasyMCQ
वाइजमैन का प्रयोग किसके विचारों को नकारता है?
A
लेमार्क
B
डार्विन
C
खुराना
D
हेकेल

Solution

(A) अगस्त वाइजमैन ने 'जर्मप्लाज्म' का सिद्धांत प्रतिपादित किया था।
उन्होंने एक प्रयोग किया जिसमें उन्होंने कई पीढ़ियों तक चूहों की पूंछ काट दी थी।
इसके बावजूद,संतानों का जन्म हमेशा पूंछ के साथ ही हुआ।
इस प्रयोग ने जीन-बैप्टिस्ट लेमार्क द्वारा प्रस्तावित 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' के सिद्धांत को गलत साबित कर दिया,जो यह सुझाव देता था कि किसी जीव के जीवनकाल के दौरान प्राप्त शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित हो सकते हैं।
30
MediumMCQ
डार्विन का विकासवाद का सिद्धांत मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस अवधारणा पर आधारित था?
A
योग्यतम की उत्तरजीविता (Survival of the fittest)
B
प्राकृतिक चयन (Natural selection)
C
उत्परिवर्तन (Mutation)
D
रूपांतरण के साथ वंशानुक्रम (Descent with modifications)

Solution

(B) चार्ल्स डार्विन का विकासवाद का सिद्धांत,जैसा कि उनकी पुस्तक 'ऑन द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज' में प्रस्तुत किया गया है,मौलिक रूप से $Natural \ selection$ (प्राकृतिक चयन) के सिद्धांत पर आधारित है।
हालाँकि 'योग्यतम की उत्तरजीविता' एक वाक्यांश है जो अक्सर उनके सिद्धांत से जुड़ा होता है (जिसे हर्बर्ट स्पेंसर द्वारा गढ़ा गया था),और 'रूपांतरण के साथ वंशानुक्रम' विकास के पैटर्न का वर्णन करता है,लेकिन विकास कैसे होता है,इसे समझाने वाली मुख्य प्रक्रिया $Natural \ selection$ है।
उत्परिवर्तन (Mutation) डार्विन के मूल सिद्धांत का हिस्सा नहीं था,क्योंकि उस समय आनुवंशिकता और आनुवंशिक भिन्नता की प्रक्रिया अज्ञात थी।
31
MediumMCQ
नियो-डार्विनियन सिद्धांत के अनुसार,नई प्रजातियों की उत्पत्ति के लिए निम्नलिखित में से कौन जिम्मेदार है?
A
उत्परिवर्तन (Mutations)
B
उपयोगी विभिन्नताएँ
C
उत्परिवर्तन और प्राकृतिक चयन
D
संकरण (Hybridization)

Solution

(C) नियो-डार्विनियन सिद्धांत,जिसे विकास का आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत भी कहा जाता है,डार्विन की प्राकृतिक चयन की अवधारणा को आनुवंशिकी के सिद्धांतों के साथ एकीकृत करता है।
इस सिद्धांत के अनुसार,नई प्रजातियों की उत्पत्ति किसी एक कारक के कारण नहीं होती है,बल्कि यह आनुवंशिक विभिन्नताओं (मुख्य रूप से उत्परिवर्तन,पुनर्संयोजन और जीन प्रवाह के कारण) और प्राकृतिक चयन के बीच की परस्पर क्रिया का परिणाम है।
उत्परिवर्तन नए एलील (alleles) बनाकर विकास के लिए कच्चा माल प्रदान करते हैं,जबकि प्राकृतिक चयन इन विभिन्नताओं पर कार्य करता है और उन जीवों का पक्ष लेता है जो पर्यावरण के लिए बेहतर अनुकूलित होते हैं,जो अंततः प्रजातीकरण (speciation) की ओर ले जाता है।
32
EasyMCQ
'पैनजेनेसिस का सिद्धांत' (Theory of Pangenesis) किसने दिया था?
A
लेमार्क
B
वॉलेस
C
हेकेल
D
डार्विन

Solution

(D) 'पैनजेनेसिस का सिद्धांत' $1868$ में $\text{चार्ल्स } \text{डार्विन}$ द्वारा प्रस्तावित किया गया था। इस सिद्धांत के अनुसार, शरीर का प्रत्येक भाग 'जेम्यूल्स' (gemmules) या 'पैनजीन्स' (pangenes) नामक सूक्ष्म कण उत्पन्न करता है, जो युग्मकों के माध्यम से संतानों में स्थानांतरित होते हैं। ये कण शरीर के विशिष्ट अंगों के विकास के लिए आनुवंशिक जानकारी ले जाते हैं।
33
MediumMCQ
रेप्लिका प्लेटिंग प्रयोग निम्नलिखित में से किस अवधारणा को सिद्ध करने के लिए किया गया था?
A
पूर्व-अनुकूली उत्परिवर्तन (Pre-adaptive mutation)
B
विभिन्नताएँ (Variations)
C
पृथक्करण (Isolations)
D
प्रजनन उत्परिवर्तन (Reproductive mutation)

Solution

(A) रेप्लिका प्लेटिंग प्रयोग,जिसे एस्थर और जोशुआ लेडरबर्ग द्वारा $1952$ में किया गया था,को बैक्टीरिया में पूर्व-अनुकूली उत्परिवर्तनों के अस्तित्व को प्रदर्शित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
इस प्रयोग में,उन्होंने दिखाया कि एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरियल कॉलोनियां एंटीबायोटिक के संपर्क में आने से पहले ही मूल कल्चर में मौजूद थीं।
यह सिद्ध करता है कि उत्परिवर्तन पर्यावरण (एंटीबायोटिक) द्वारा प्रेरित होने के बजाय स्वतःस्फूर्त और यादृच्छिक रूप से होते हैं,इस प्रकार यह पूर्व-अनुकूली उत्परिवर्तन की अवधारणा का समर्थन करता है।
34
MediumMCQ
रेप्लिका प्लेटिंग प्रयोग करके,लेडरबर्ग ने किसका समर्थन किया?
A
जीन उत्परिवर्तन सिद्धांत
B
प्राकृतिक चयन सिद्धांत
C
लैमार्क का सिद्धांत
D
डार्विन का सिद्धांत

Solution

(B) एस्थर और जोशुआ लेडरबर्ग द्वारा किए गए रेप्लिका प्लेटिंग प्रयोग ने प्रदर्शित किया कि जीवाणु आबादी में एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी म्यूटेंट एंटीबायोटिक के संपर्क में आने से पहले ही स्वतः उत्पन्न हो जाते हैं।
इस प्रयोग ने उत्परिवर्तनों के पूर्व-अस्तित्व के लिए प्रयोगात्मक प्रमाण प्रदान किए,जो डार्विन द्वारा प्रस्तावित प्राकृतिक चयन की अवधारणा का समर्थन करते हैं।
इससे यह सिद्ध हुआ कि पर्यावरण उत्परिवर्तनों को प्रेरित नहीं करता है,बल्कि उन पहले से मौजूद उत्परिवर्तनों का चयन करता है जो जीवित रहने के लिए फायदेमंद होते हैं।
35
MediumMCQ
अस्तित्व के लिए संघर्ष है:
A
अंतःजातीय (Intraspecific)
B
अंतरजातीय (Interspecific)
C
पर्यावरणीय
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) $Charles \ Darwin$ द्वारा प्रस्तावित अस्तित्व के लिए संघर्ष,सीमित संसाधनों के लिए जीवों के बीच प्रतिस्पर्धा को संदर्भित करता है।
यह मुख्य रूप से तीन रूपों में होता है:
$1$. $Intraspecific$ $struggle$ (एक ही प्रजाति के सदस्यों के बीच प्रतिस्पर्धा)।
$2$. $Interspecific$ $struggle$ (विभिन्न प्रजातियों के सदस्यों के बीच प्रतिस्पर्धा)।
$3$. $Environmental$ $struggle$ (सूखा,अत्यधिक तापमान या प्राकृतिक आपदाओं जैसी कठोर पर्यावरणीय परिस्थितियों के खिलाफ संघर्ष)।
इसलिए,ये सभी रूप अस्तित्व के लिए संघर्ष में योगदान करते हैं।
36
MediumMCQ
प्राकृतिक चयन द्वारा विकासवाद के सिद्धांत को बनाने में,डार्विन किससे अत्यधिक प्रभावित थे?
A
ह्यूगो डी व्रीस के उत्परिवर्तन
B
माल्थस का जनसंख्या नियंत्रण का विचार
C
पर्यावरणीय कारक
D
लैमार्क द्वारा अर्जित लक्षण

Solution

(B) चार्ल्स डार्विन जनसंख्या नियंत्रण पर थॉमस माल्थस द्वारा लिखे गए निबंध से काफी प्रभावित थे। माल्थस ने प्रस्तावित किया था कि जनसंख्या ज्यामितीय रूप से बढ़ती है जबकि खाद्य संसाधन अंकगणितीय रूप से बढ़ते हैं,जिससे अस्तित्व के लिए संघर्ष उत्पन्न होता है। डार्विन ने 'अस्तित्व के लिए संघर्ष' की इस अवधारणा को अपने प्राकृतिक चयन के सिद्धांत में लागू किया,जहाँ अनुकूल विविधताओं वाले जीवों के जीवित रहने और प्रजनन करने की संभावना अधिक होती है।
37
MediumMCQ
प्रजातियों का विकास प्रजातियों के उन अनुकूलित परिवर्तनों के कुल योग पर आधारित है जिन्हें किसके द्वारा संरक्षित किया जाता है?
A
मानव संरक्षण
B
प्रजातीकरण
C
प्राकृतिक चयन
D
अलगाव

Solution

(C) चार्ल्स डार्विन द्वारा प्रस्तावित विकासवाद के सिद्धांत के अनुसार,प्राकृतिक चयन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा अनुकूलित परिवर्तनों को संरक्षित किया जाता है। जिन जीवों में अनुकूल विविधताएं होती हैं जो उनके पर्यावरण के लिए अधिक उपयुक्त होती हैं,उनके जीवित रहने और प्रजनन करने की संभावना अधिक होती है। ये अनुकूलित लक्षण अगली पीढ़ी में स्थानांतरित हो जाते हैं,जिससे समय के साथ प्रजातियों का विकास होता है।
38
MediumMCQ
डार्विन के सिद्धांत में सबसे अधिक विश्वसनीय पहलू कौन सा है?
A
माल्थस का जनसंख्या पर निबंध
B
संतति का अत्यधिक उत्पादन
C
जातियों का निर्माण
D
योग्यतम की उत्तरजीविता (Survival of the fittest)

Solution

(D) डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत का सबसे विश्वसनीय और केंद्रीय पहलू 'योग्यतम की उत्तरजीविता' (Survival of the fittest) है।
डार्विन ने देखा कि जिन जीवों में अपने पर्यावरण के अनुकूल विभिन्नताएँ होती हैं,उनके जीवित रहने और प्रजनन करने की संभावना अधिक होती है।
यह प्रक्रिया पीढ़ियों तक लाभकारी लक्षणों के संचय की ओर ले जाती है,जिसके परिणामस्वरूप अंततः आबादी का पर्यावरण के प्रति अनुकूलन होता है और नई जातियों का विकास होता है।
39
EasyMCQ
"Survival of the fittest" (योग्यतम की उत्तरजीविता) का विचार किसके द्वारा दिया गया था?
A
डार्विन
B
हर्बर्ट स्पेंसर
C
माल्थस
D
लायल

Solution

(B) "Survival of the fittest" वाक्यांश दार्शनिक $Herbert \ Spencer$ द्वारा चार्ल्स डार्विन की पुस्तक $On \ the \ Origin \ of \ Species$ को पढ़ने के बाद गढ़ा गया था। हालांकि डार्विन ने प्राकृतिक चयन के सिद्धांत को लोकप्रिय बनाया, लेकिन इस विशिष्ट शब्दावली को $Spencer$ द्वारा इस प्रक्रिया का वर्णन करने के लिए पेश किया गया था।
40
EasyMCQ
प्राकृतिक चयन (Natural selection) का सही अर्थ क्या है?
A
अक्षम जीवों का विनाश
B
योग्यतम की उत्तरजीविता (Survival of the fittest)
C
विभिन्नता
D
अस्तित्व के लिए संघर्ष

Solution

(B) प्राकृतिक चयन विकास की एक प्रमुख प्रक्रिया है,जिसे चार्ल्स डार्विन द्वारा प्रस्तावित किया गया था। यह उस प्रक्रिया का वर्णन करता है जिसमें जो जीव अपने पर्यावरण के प्रति बेहतर अनुकूलित होते हैं,वे जीवित रहते हैं और अधिक संतान उत्पन्न करते हैं। इस अवधारणा को 'योग्यतम की उत्तरजीविता' (Survival of the fittest) के रूप में जाना जाता है।
41
EasyMCQ
विकासवादी परिवर्तन की मूलभूत प्रक्रिया के रूप में प्राकृतिक चयन का विचार किसके द्वारा और कब प्राप्त किया गया था?
A
$1900$ में चार्ल्स डार्विन और अल्फ्रेड रसेल वालेस द्वारा स्वतंत्र रूप से।
B
$1866$ में चार्ल्स डार्विन द्वारा।
C
$1901$ में अल्फ्रेड रसेल वालेस द्वारा।
D
$1858$ में चार्ल्स डार्विन और अल्फ्रेड रसेल वालेस द्वारा स्वतंत्र रूप से।

Solution

(D) चार्ल्स डार्विन और अल्फ्रेड रसेल वालेस ने स्वतंत्र रूप से विकासवादी परिवर्तन के तंत्र के रूप में प्राकृतिक चयन के सिद्धांत का प्रस्ताव रखा था।
उन्होंने $1858$ में लंदन की लिनियन सोसाइटी के समक्ष अपने निष्कर्षों को संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया था।
इसके बाद,चार्ल्स डार्विन ने $1859$ में अपनी ऐतिहासिक पुस्तक 'ऑन द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज बाय मीन्स ऑफ नेचुरल सिलेक्शन' प्रकाशित की थी।
42
MediumMCQ
डार्विन के प्राकृतिक चयन सिद्धांत पर आपत्ति जताई जाती है,क्योंकि यह:
A
धीमे और छोटे परिवर्तनों पर जोर देता है
B
अंतरजातीय प्रतिस्पर्धा पर जोर देता है
C
समझाता है कि प्राकृतिक आपदाएं सालाना भारी संख्या में जान लेती हैं
D
कुछ वंशानुगत लक्षणों के अनुकूलन की व्याख्या करता है

Solution

(A) डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत की मुख्य आलोचना इसलिए की गई क्योंकि यह विविधताओं (variations) की उत्पत्ति की व्याख्या नहीं कर सका। हालांकि डार्विन ने इस बात पर जोर दिया कि विकास छोटे,निरंतर और वंशानुगत परिवर्तनों के संचय के माध्यम से होता है,लेकिन वे यह समझाने के लिए कोई तंत्र प्रदान करने में विफल रहे कि ये विविधताएं कैसे उत्पन्न होती हैं या वे कैसे विरासत में मिलती हैं। यह सिद्धांत 'योग्यतम की उत्तरजीविता' (survival of the fittest) पर केंद्रित था,लेकिन इसमें उस आनुवंशिक आधार की कमी थी (जिसे बाद में ह्यूगो डी व्रीस के उत्परिवर्तन सिद्धांत और आनुवंशिकी के संश्लेषण द्वारा समझाया गया) जो इन विविधताओं के स्रोत को स्पष्ट कर सके।
43
MediumMCQ
ह्यूगो डी व्रीस ने अपना उत्परिवर्तन सिद्धांत (mutation theory) प्रस्तावित करते समय निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक के सिद्धांत को नकार दिया था?
A
डार्विन
B
लैमार्क
C
हेकेल
D
मेंडल

Solution

(A) ह्यूगो डी व्रीस ने विकास का उत्परिवर्तन सिद्धांत (mutation theory) प्रस्तावित किया था।
उनका मानना था कि विकास एक असतत प्रक्रिया है जो बड़े,अचानक और वंशागत परिवर्तनों के कारण होती है जिन्हें उत्परिवर्तन (mutations) कहा जाता है।
यह दृष्टिकोण चार्ल्स डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत के बिल्कुल विपरीत था,जो इस बात पर जोर देता है कि विकास लंबी अवधि में छोटे,निरंतर और क्रमिक परिवर्तनों के संचय के माध्यम से होता है।
इसलिए,डी व्रीस ने डार्विन के क्रमिक विकास के सिद्धांत को नकार दिया था।
44
MediumMCQ
नियो-डार्विनवाद का मुख्य आधार क्या है?
A
अस्तित्व के लिए संघर्ष
B
विभिन्नताएँ
C
योग्यतम की उत्तरजीविता
D
जीन सिद्धांत

Solution

(B) नियो-डार्विनवाद का मुख्य आधार विभिन्नताओं का अध्ययन है। डार्विनवाद अनुकूलित लक्षणों की उत्पत्ति या वंशागति की क्रियाविधि को समझाने में असमर्थ था। नियो-डार्विनवाद,जिसे विकासवाद का आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत भी कहा जाता है,डार्विनियन चयन को आनुवंशिकी (मेंडेलियन आनुवंशिकी) के सिद्धांतों के साथ एकीकृत करता है ताकि विभिन्नता के स्रोतों जैसे कि उत्परिवर्तन,पुनर्संयोजन और आनुवंशिक विचलन को समझाया जा सके,जो विकास के लिए कच्चा माल प्रदान करते हैं।
45
MediumMCQ
डार्विन निम्नलिखित में से किसकी व्याख्या करने में विफल रहे थे?
A
योग्यतम की उत्तरजीविता
B
प्रतिस्पर्धा
C
विभिन्नता
D
उच्च प्रजनन दर

Solution

(C) चार्ल्स डार्विन का प्राकृतिक चयन का सिद्धांत यह समझाता है कि विकास कैसे योग्यतम की उत्तरजीविता,प्रतिस्पर्धा और उच्च प्रजनन दर के माध्यम से होता है। हालाँकि,डार्विन एक आबादी के भीतर व्यक्तियों के बीच विभिन्नताओं के स्रोत या उनकी उत्पत्ति की प्रक्रिया की व्याख्या नहीं कर सके। वे आनुवंशिकी के सिद्धांतों से अनभिज्ञ थे,जिन्हें बाद में ग्रेगर मेंडल और विकास के आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत के विकास द्वारा समझाया गया था।
46
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी अवधारणा चार्ल्स डार्विन को श्रेय दी जाती है?
A
उपार्जित लक्षणों की वंशागति
B
अंगों का उपयोग और अनुपयोग
C
युग्मित इकाइयों का नियम
D
अस्तित्व के लिए संघर्ष

Solution

(D) चार्ल्स डार्विन ने प्राकृतिक चयन का सिद्धांत प्रस्तावित किया था,जो कई प्रमुख अवलोकनों पर आधारित है। उनके सिद्धांत की मूलभूत अवधारणाओं में से एक 'अस्तित्व के लिए संघर्ष' है।
$1$. उपार्जित लक्षणों की वंशागति और अंगों का उपयोग और अनुपयोग जीन-बैप्टिस्ट लैमार्क (लैमार्कवाद) से जुड़ी अवधारणाएं हैं।
$2$. युग्मित इकाइयों का नियम (या पृथक्करण का नियम) मेंडेलियन आनुवंशिकी का एक सिद्धांत है।
$3$. डार्विन ने देखा कि आबादी पर्यावरण की क्षमता से अधिक संतान पैदा करती है,जिससे सीमित संसाधनों के लिए व्यक्तियों के बीच 'अस्तित्व के लिए संघर्ष' होता है,जो प्राकृतिक चयन को प्रेरित करता है।
47
MediumMCQ
डार्विनवाद में प्रजनन की अतिशयता (Prodigality of reproduction) का अर्थ क्या है?
A
प्रत्येक जीव असंख्य संतति उत्पन्न करता है
B
सफल जीव असंख्य संतति उत्पन्न करते हैं
C
केवल कुछ ही जीव प्रजनन करने में सक्षम होते हैं
D
केवल कुछ ही जीव जीवित रहने में सक्षम होते हैं

Solution

(A) प्रजनन की अतिशयता,जिसे 'ओवरप्रोडक्शन' के रूप में भी जाना जाता है,डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत की एक प्रमुख अवधारणा है।
यह इस अवलोकन को संदर्भित करता है कि सभी जीवित जीवों में पर्यावरण में उपलब्ध संसाधनों द्वारा समर्थित की जा सकने वाली संख्या से अधिक संतति उत्पन्न करने की जन्मजात प्रवृत्ति होती है।
यह अस्तित्व के लिए संघर्ष की ओर ले जाता है,जहाँ केवल वही जीव जीवित रहने और प्रजनन करने की संभावना रखते हैं जो अपने पर्यावरण के प्रति सबसे बेहतर अनुकूलित होते हैं।
48
MediumMCQ
डार्विन ने अपने 'प्राकृतिक चयन सिद्धांत' (Natural Selection Theory) में जैविक विकास में निम्नलिखित में से किसकी भूमिका पर विश्वास नहीं किया था?
A
असतत विभिन्नताएँ (Discontinuous variations)
B
परजीवी,शिकारी और प्राकृतिक दुश्मन
C
योग्यतम की उत्तरजीविता (Survival of the fittest)
D
अस्तित्व के लिए संघर्ष (Struggle for existence)

Solution

(A) डार्विन का 'प्राकृतिक चयन का सिद्धांत' मुख्य रूप से निरंतर विभिन्नताओं की अवधारणा पर आधारित है।
उनका मानना था कि छोटी,वंशानुगत और निरंतर विभिन्नताएँ विकास के लिए कच्चा माल हैं।
डार्विन ने अपने जैविक विकास के मूल सिद्धांत में असतत विभिन्नताओं (जिन्हें म्यूटेशन भी कहा जाता है) को एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में नहीं माना था।
इसलिए,सही उत्तर $A$ है।
49
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी घटना जैविक विकास में डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत का समर्थन करती है?
A
पारजीनी (transgenic) जानवरों का विकास
B
क्लोनिंग द्वारा 'डॉली' भेड़ का उत्पादन
C
कीटनाशक-प्रतिरोधी कीटों की व्यापकता
D
अंग प्रत्यारोपण के लिए 'स्टेम सेल' से अंगों का विकास

Solution

(C) डार्विन का प्राकृतिक चयन का सिद्धांत बताता है कि जिन जीवों में अपने पर्यावरण के अनुकूल विविधताएं होती हैं,उनके जीवित रहने और प्रजनन करने की संभावना अधिक होती है।
कीटनाशक-प्रतिरोधी कीटों के मामले में,कीटनाशकों का उपयोग एक चयनात्मक दबाव (selective pressure) के रूप में कार्य करता है।
जिन कीटों में आनुवंशिक विविधताओं के कारण कीटनाशक के प्रति प्रतिरोधक क्षमता होती है,वे जीवित रहते हैं,जबकि अन्य मर जाते हैं।
जीवित बचे कीट प्रजनन करते हैं और इन प्रतिरोधी जीन को अपनी संतानों में स्थानांतरित करते हैं,जिससे समय के साथ पूरी आबादी कीटनाशक के प्रति प्रतिरोधी हो जाती है।
यह प्राकृतिक चयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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