Hindi

Mix Examples-General Organic Chemistry Questions in Hindi

Class 11 Chemistry · 8-2.Organic Chemistry : Isomerism · Mix Examples-General Organic Chemistry

324+

Questions

Hindi

Language

100%

With Solutions

Showing 50 of 324 questions in Hindi

1
EasyMCQ
आइसोमर्स (Isomers) में अनिवार्य रूप से समान क्या होता है?
A
संरचनात्मक सूत्र (Structural formula)
B
रासायनिक गुण (Chemical properties)
C
आणविक सूत्र (Molecular formula)
D
भौतिक गुण (Physical properties)

Solution

(C) आइसोमर्स उन यौगिकों के रूप में परिभाषित किए जाते हैं जो समान $Molecular \ formula$ रखते हैं लेकिन अंतरिक्ष में परमाणुओं की व्यवस्था या उनकी कनेक्टिविटी में भिन्न होते हैं।
चूंकि वे समान $Molecular \ formula$ साझा करते हैं,इसलिए उनमें परमाणुओं की संख्या और प्रकार समान होते हैं।
2
DifficultMCQ
$C_4H_8$ के अधिकतम समावयवियों (isomers) की संख्या है
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$6$

Solution

(D) आणविक सूत्र $C_4H_8$ की असंतृप्ति की मात्रा (degree of unsaturation) $1$ है। यह या तो एक द्वि-आबंध या एक वलय (ring) की उपस्थिति को दर्शाता है।
संभावित समावयवी इस प्रकार हैं:
$1.$ $CH_2=CH-CH_2-CH_3$ ($1$-ब्यूटीन)
$2.$ $cis-CH_3-CH=CH-CH_3$ (cis$-2-$ब्यूटीन)
$3.$ $trans-CH_3-CH=CH-CH_3$ (trans$-2-$ब्यूटीन)
$4.$ $CH_2=C(CH_3)_2$ ($2$-मिथाइलप्रोपीन)
$5.$ साइक्लोब्यूटेन (चार-सदस्यीय वलय)
$6.$ मिथाइलसाइक्लोप्रोपेन (तीन-सदस्यीय वलय)
अतः,कुल $6$ समावयवी हैं।
3
DifficultMCQ
यौगिक $C_{4}H_{10}O$ निम्नलिखित में से किस प्रकार की समावयवता प्रदर्शित कर सकता है?
A
मध्यवयवता (Metamerism)
B
क्रियात्मक समूह समावयवता
C
स्थान समावयवता
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) आणविक सूत्र $C_{4}H_{10}O$ अल्कोहल और ईथर दोनों को दर्शाता है।
$1$. स्थान समावयवता: $CH_{3}CH_{2}CH_{2}CH_{2}OH$ (ब्यूटेन-$1$-ऑल) और $CH_{3}CH(OH)CH_{2}CH_{3}$ (ब्यूटेन-$2$-ऑल) स्थान समावयवी हैं।
$2$. क्रियात्मक समूह समावयवता: $CH_{3}CH_{2}CH_{2}CH_{2}OH$ (एक अल्कोहल) और $CH_{3}CH_{2}OCH_{2}CH_{3}$ (एक ईथर) क्रियात्मक समावयवी हैं।
$3$. मध्यवयवता: $CH_{3}OCH_{2}CH_{2}CH_{3}$ (मिथाइल प्रोपाइल ईथर) और $CH_{3}CH_{2}OCH_{2}CH_{3}$ (डाईइथाइल ईथर) मध्यवयवी हैं क्योंकि ऑक्सीजन परमाणु के चारों ओर एल्काइल समूहों का वितरण अलग-अलग है।
अतः,यह यौगिक इन सभी प्रकार की समावयवता को प्रदर्शित कर सकता है।
4
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म त्रिविम समावयवता (stereoisomerism) को दर्शाता है?
A
ज्यामितीय समावयवता,स्थिति समावयवता
B
ज्यामितीय समावयवता,संरूपणीय समावयवता
C
प्रकाशिक समावयवता,ज्यामितीय समावयवता
D
प्रकाशिक समावयवता,मध्यवयवता

Solution

(C) त्रिविम समावयवता (stereoisomerism) समावयवता का एक प्रकार है जिसमें अणुओं का आणविक सूत्र और संरचना समान होती है,लेकिन अंतरिक्ष में उनके परमाणुओं का अभिविन्यास भिन्न होता है।
त्रिविम समावयवता को मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
$1$. ज्यामितीय समावयवता (cis-trans समावयवता)।
$2$. प्रकाशिक समावयवता (enantiomers और diastereomers)।
अतः,त्रिविम समावयवता को दर्शाने वाला युग्म $Optical \ isomerism$ और $geometrical \ isomerism$ है।
5
DifficultMCQ
$LiAlH_4$ के साथ अपचयन (reduction) करने पर निम्नलिखित में से कौन अपनी असममितता (asymmetry) नहीं खोएगा?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) यदि किसी क्रियात्मक समूह के अपचयन से प्राप्त उत्पाद में केंद्रीय कार्बन परमाणु दो समान समूहों से जुड़ जाता है,तो असममितता समाप्त हो जाती है और वह अकिरल (achiral) हो जाता है।
$LiAlH_4$ एल्डिहाइड $(-CHO)$ का प्राथमिक अल्कोहल $(-CH_2OH)$ में,कार्बोक्सिलिक एसिड $(-COOH)$ का प्राथमिक अल्कोहल $(-CH_2OH)$ में और नाइट्राइल $(-CN)$ का प्राथमिक एमाइन $(-CH_2NH_2)$ में अपचयन करता है।
विकल्पों का विश्लेषण करने पर:
$(A)$ केंद्रीय कार्बन $-CHO$,$-CH_2OH$,$-CH_2CH_3$ और $-CH=CH_2$ से जुड़ा है। अपचयन के बाद,$-CHO$,$-CH_2OH$ में बदल जाता है। केंद्रीय कार्बन अब दो समान $-CH_2OH$ समूहों से जुड़ा होने के कारण असममितता खो देता है।
$(B)$ केंद्रीय कार्बन $-CHO$,$-CH_3$,$-CH_2CH_3$ और $-OCH=CH_2$ से जुड़ा है। अपचयन के बाद,$-CHO$,$-CH_2OH$ में बदल जाता है। जुड़े हुए चार समूह $-CH_2OH$,$-CH_3$,$-CH_2CH_3$ और $-OCH=CH_2$ हैं। ये चारों समूह अलग-अलग हैं,इसलिए यह किरल बना रहता है (असममितता नहीं खोता है)।
$(C)$ केंद्रीय कार्बन $-COOH$,$-CH_2OH$,$-CH_3$ और $-C\equiv CH$ से जुड़ा है। अपचयन के बाद,$-COOH$,$-CH_2OH$ में बदल जाता है। केंद्रीय कार्बन दो समान $-CH_2OH$ समूहों से जुड़ा होने के कारण असममितता खो देता है।
$(D)$ केंद्रीय कार्बन $-CHO$,$-CH_3$,$-C\equiv N$ और $-CH_2NH_2$ से जुड़ा है। अपचयन के बाद,$-CHO$,$-CH_2OH$ में और $-C\equiv N$,$-CH_2NH_2$ में बदल जाता है। केंद्रीय कार्बन $-CH_2OH$,$-CH_3$,$-CH_2NH_2$ और $-CH_2NH_2$ से जुड़ा है। दो समान $-CH_2NH_2$ समूहों के कारण यह असममितता खो देता है।
अतः,सही विकल्प $(B)$ है।
6
MediumMCQ
$C_4H_8$ के लिए संभव ओपन चेन संरचनाओं की अधिकतम संख्या क्या है?
A
$2$
B
$4$
C
$3$
D
$1$

Solution

(B) आणविक सूत्र $C_4H_8$ ओपन चेन संरचनाओं के लिए एल्कीन के अनुरूप है।
संभावित समावयवी (isomers) हैं:
$1.$ $CH_2=CH-CH_2-CH_3$ (ब्यूट-$1$-ईन)
$2.$ $CH_3-CH=CH-CH_3$ (ब्यूट-$2$-ईन,जो $cis$ और $trans$ ज्यामितीय समावयवी के रूप में मौजूद है)
$3.$ $CH_2=C(CH_3)-CH_3$ ($2$-मिथाइलप्रोपिन)
कुल ओपन चेन संरचनाएं = $1$ (ब्यूट-$1$-ईन) + $2$ ($cis$ और $trans$ ब्यूट-$2$-ईन) + $1$ ($2$-मिथाइलप्रोपिन) = $4$.
7
EasyMCQ
प्रकाशिक और ज्यामितीय समावयवता के बीच एक समानता यह है कि
A
प्रत्येक दिए गए यौगिक के लिए समान संख्या में समावयवी बनाता है
B
यदि किसी यौगिक में एक मौजूद है तो दूसरा भी होता है
C
दोनों त्रिविम समावयवता (stereoisomerism) में शामिल हैं
D
उनमें कोई समानता नहीं है

Solution

(C) प्रकाशिक समावयवता और ज्यामितीय समावयवता दोनों त्रिविम समावयवता के प्रकार हैं,जहाँ परमाणुओं की संयोजकता समान होती है लेकिन उनकी त्रिविम व्यवस्था भिन्न होती है।
8
EasyMCQ
यदि एक कार्बन परमाणु $-H, -OH, -COOH$ और $-OCO^{-}C_2H_5$ समूहों से जुड़ा है,तो यौगिक में कायरल $C$ परमाणुओं की संख्या है:
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(A) एक कायरल कार्बन परमाणु वह होता है जो चार अलग-अलग समूहों या परमाणुओं से जुड़ा होता है।
दी गई संरचना में,केंद्रीय कार्बन परमाणु चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा है: $-H$,$-OH$,$-COOH$,और $-OCOCH_2CH_3$।
चूंकि केंद्रीय कार्बन से जुड़े चारों समूह भिन्न हैं,इसलिए यह कार्बन परमाणु कायरल है।
संरचना में कोई अन्य कार्बन परमाणु नहीं है जो कायरल हो सकता है।
अतः,यौगिक में कायरल $C$ परमाणुओं की कुल संख्या $1$ है।
9
MediumMCQ
निम्नलिखित में से यौगिकों का कौन सा युग्म इनैन्टीओमर्स (enantiomers) है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) इनैन्टीओमर्स वे स्टीरियोआइसोमर्स हैं जो एक-दूसरे के गैर-अध्यारोपणीय (non-superimposable) दर्पण प्रतिबिंब होते हैं।
विकल्प $(B)$ में,दोनों संरचनाएं एक-दूसरे की दर्पण प्रतिबिंब हैं और गैर-अध्यारोपणीय हैं,जो उन्हें इनैन्टीओमर्स के रूप में परिभाषित करती हैं।
अन्य विकल्प या तो समान यौगिकों,डायस्टेरियोमर्स या संरचनात्मक आइसोमर्स को दर्शाते हैं।
10
AdvancedMCQ
आण्विक सूत्र $C_4H_7Cl$ वाले एसाइक्लिक आइसोमर्स (स्टीरियोआइसोमर्स सहित) की कुल संख्या कितनी है?
A
$11$
B
$12$
C
$9$
D
$10$

Solution

(B) $C_4H_7Cl$ के लिए असंतृप्ति की मात्रा $(DU)$ $1$ है। चूंकि आइसोमर्स एसाइक्लिक हैं,इसलिए उनमें एक द्वि-आबंध होना चाहिए।
आइसोमर्स इस प्रकार हैं:
$1.$ $Cl-CH=CH-CH_2-CH_3$ ($1$-क्लोरोब्यूट-$1$-ईन): $2$ आइसोमर्स ($cis$ और $trans$).
$2.$ $CH_2=C(Cl)-CH_2-CH_3$ ($2$-क्लोरोब्यूट-$1$-ईन): $1$ आइसोमर.
$3.$ $CH_2=CH-CH(Cl)-CH_3$ ($3$-क्लोरोब्यूट-$1$-ईन): $2$ आइसोमर्स (कायरल केंद्र,$R$ और $S$).
$4.$ $CH_2=CH-CH_2-CH_2-Cl$ ($4$-क्लोरोब्यूट-$1$-ईन): $1$ आइसोमर.
$5.$ $Cl-CH_2-CH=CH-CH_3$ ($1$-क्लोरोब्यूट-$2$-ईन): $2$ आइसोमर्स ($cis$ और $trans$).
$6.$ $CH_3-C(Cl)=CH-CH_3$ ($2$-क्लोरोब्यूट-$2$-ईन): $2$ आइसोमर्स ($cis$ और $trans$).
$7.$ $Cl-CH=C(CH_3)_2$ ($1$-क्लोरो-$2$-मिथाइलप्रोप-$1$-ईन): $1$ आइसोमर.
$8.$ $CH_2=C(CH_3)-CH_2-Cl$ ($3$-क्लोरो-$2$-मिथाइलप्रोप-$1$-ईन): $1$ आइसोमर.
कुल = $2 + 1 + 2 + 1 + 2 + 2 + 1 + 1 = 12$.
11
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म त्रिविम समावयवता (stereoisomerism) को दर्शाता है?
A
श्रृंखला समावयवता और घूर्णन समावयवता
B
संरचनात्मक समावयवता और ज्यामितीय समावयवता
C
बंध समावयवता और ज्यामितीय समावयवता
D
प्रकाशिक समावयवता और ज्यामितीय समावयवता

Solution

(D) त्रिविम समावयवता तब होती है जब समावयवियों का संरचनात्मक सूत्र समान होता है लेकिन अणु के भीतर परमाणुओं या समूहों की सापेक्ष व्यवस्था अंतरिक्ष में भिन्न होती है।
त्रिविम समावयवता मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:
$(i)$ ज्यामितीय समावयवता
$(ii)$ प्रकाशिक समावयवता
$(iii)$ संरूपण समावयवता।
अतः,प्रकाशिक समावयवता और ज्यामितीय समावयवता दोनों त्रिविम समावयवता के प्रकार हैं।
12
EasyMCQ
जब आइसोमर्स (समावयवी) का संरचनात्मक सूत्र समान होता है लेकिन परमाणुओं या समूहों की सापेक्ष व्यवस्था में भिन्न होते हैं,तो उन्हें ........ कहा जाता है।
A
मेसोमर्स
B
स्टीरियोआइसोमर्स (त्रिविम समावयवी)
C
ऑप्टिकल आइसोमर्स (प्रकाशिक समावयवी)
D
जियोमेट्रिकल मेसोमर्स

Solution

(B) वे समावयवी जिनका संरचनात्मक सूत्र समान होता है लेकिन त्रिविम (three-dimensional) स्थान में परमाणुओं या समूहों की व्यवस्था में भिन्न होते हैं,उन्हें $Stereoisomers$ कहा जाता है।
13
MediumMCQ
ब्यूटीन $(C_4H_8)$ के संभावित समावयवियों (isomers) की संख्या है
A
$3$
B
$2$
C
$4$
D
$5$

Solution

(C) ब्यूटीन $(C_4H_8)$ के समावयवी इस प्रकार हैं:
$1$. $CH_2=CH-CH_2-CH_3$ (ब्यूट-$1$-ईन)
$2$. $CH_3-CH=CH-CH_3$ (ब्यूट-$2$-ईन,जो ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है जैसे कि सिस और ट्रांस रूप)
$3$. $CH_2=C(CH_3)_2$ ($2$-मिथाइलप्रोप-$1$-ईन)
चूंकि ब्यूट-$2$-ईन दो ज्यामितीय समावयवियों (सिस और ट्रांस) के रूप में मौजूद होता है,इसलिए संरचनात्मक और ज्यामितीय समावयवियों की कुल संख्या $4$ है.
14
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा फिशर प्रक्षेपण सूत्र $D$-ग्लिसराल्डिहाइड के समान है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) -ग्लिसराल्डिहाइड को फिशर प्रक्षेपण में ऊपर $CHO$ समूह,नीचे $CH_2OH$ समूह और कायरल कार्बन के दाईं ओर $OH$ समूह के साथ दर्शाया जाता है।
कागज के तल में फिशर प्रक्षेपण को $180^{\circ}$ घुमाने पर विन्यास अपरिवर्तित रहता है।
विकल्प $(C)$ में दिखाए गए ढांचे में $CHO$ ऊपर,$OH$ बाईं ओर,$CH_2OH$ दाईं ओर और $H$ नीचे है। यदि हम इस ढांचे में दो बार अदला-बदली (swaps) करते हैं,तो यह $D$-ग्लिसराल्डिहाइड के मानक ढांचे के समान सिद्ध होता है।
15
MediumMCQ
निम्नलिखित तीन संभावित आइसोमर्स (isomers) के जोड़ों की जांच करें। अब बताएं कि क्या ये जोड़े समान यौगिकों को दर्शाते हैं या अलग-अलग आइसोमर्स को।
Question diagram
A
तीनों जोड़े अलग-अलग यौगिकों को दर्शाते हैं
B
$Ia$ और $Ib$ समान हैं; $IIa$ और $IIb$ समान हैं; और $IIIa$ और $IIIb$ समान हैं
C
$Ia$ और $Ib$ आइसोमर्स हैं; $IIa$ और $IIb$ समान हैं; और $IIIa$ और $IIIb$ आइसोमर्स हैं
D
$Ia$ और $Ib$ समान हैं; $IIa$ और $IIb$ समान हैं; और $IIIa$ और $IIIb$ आइसोमर्स हैं

Solution

(D) $Ia$ और $Ib$: दोनों $1, 2-$डाइक्लोरोबेंजीन हैं। अतः,वे समान यौगिक हैं।
$IIa$ और $IIb$: दोनों $1, 3-$डाइमिथाइलबेंजीन हैं। अतः,वे समान यौगिक हैं।
$IIIa$ और $IIIb$: $IIIa$ $1, 4-$बेंजीनडाइकार्बोक्सिलिक एसिड (टेरेफ्थैलिक एसिड) है और $IIIb$ $1, 3-$बेंजीनडाइकार्बोक्सिलिक एसिड (आइसोफ्थैलिक एसिड) है। अतः,वे स्थिति आइसोमर्स (position isomers) हैं।
16
MediumMCQ
कीटो-इनोल चलावयवता (tautomerism) किसमें पाई जाती है?
A
$C_6H_5-CHO$
B
$C_6H_5-CO-CH_2-CO-CH_3$
C
$C_6H_5-CO-CH_3$
D
$(b)$ और $(c)$ दोनों

Solution

(D) कीटो-इनोल चलावयवता के लिए कार्बोनिल समूह $(C=O)$ के बगल में कम से कम एक $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु का होना आवश्यक है।
$1. \ C_6H_5-CO-CH_3$ (एसिटोफेनोन) में मिथाइल समूह पर तीन $\alpha$-हाइड्रोजन होते हैं,जो इनोल रूप बनाते हैं: $C_6H_5-C(OH)=CH_2$.
$2. \ C_6H_5-CO-CH_2-CO-CH_3$ में दो कार्बोनिल समूहों के बीच सक्रिय मेथिलीन हाइड्रोजन होते हैं,जो चलावयवता द्वारा इनोल रूप बनाते हैं: $C_6H_5-CO-CH=C(OH)-CH_3$.
$3. \ C_6H_5-CHO$ (बेंजाल्डिहाइड) में कोई $\alpha$-हाइड्रोजन नहीं होता है,इसलिए यह कीटो-इनोल चलावयवता नहीं दर्शाता है।
अतः,$(b)$ और $(c)$ दोनों कीटो-इनोल चलावयवता प्रदर्शित करते हैं।
17
EasyMCQ
कार्बन की चतुष्फलकीय प्रकृति सबसे पहले किसके द्वारा दी गई थी?
A
केकुले
B
ले बेल और वान्ट हॉफ
C
पॉलिंग
D
आर्मस्ट्रांग और बेयर

Solution

(B) कार्बन की चतुष्फलकीय प्रकृति की अवधारणा सबसे पहले $1874$ में $J.H. \text{ van't Hoff}$ और $J.A. \text{ Le Bel}$ द्वारा स्वतंत्र रूप से दी गई थी,ताकि त्रिविम समावयवता (stereoisomerism) की घटना को समझाया जा सके।
18
MediumMCQ
पेंटेनोन द्वारा निम्नलिखित में से किस प्रकार की समावयवता (isomerism) प्रदर्शित की जाती है?
A
श्रृंखला समावयवता (Chain isomerism)
B
स्थान समावयवता (Position isomerism)
C
क्रियात्मक समूह समावयवता (Functional isomerism)
D
ये सभी

Solution

(D) पेंटेनोन $(C_5H_{10}O)$ विभिन्न प्रकार की समावयवता प्रदर्शित करता है:
$1$. श्रृंखला समावयवता: यह पेंटेन$-2-$ओन और $3-$मिथाइलब्यूटेन$-2-$ओन के रूप में मौजूद हो सकता है।
$2$. स्थान समावयवता: यह पेंटेन$-2-$ओन और पेंटेन$-3-$ओन के रूप में मौजूद हो सकता है।
$3$. क्रियात्मक समूह समावयवता: पेंटेनोन जैसे कीटोन एल्डिहाइड (जैसे,पेंटेनल) और अन्य क्रियात्मक समूहों के साथ क्रियात्मक समूह समावयवता प्रदर्शित करते हैं।
अतः,पेंटेनोन द्वारा ये सभी प्रकार की समावयवता प्रदर्शित की जाती है।
19
MediumMCQ
एसीटोन और एसीटैल्डिहाइड हैं
A
स्थान समावयवी
B
क्रियात्मक समावयवी
C
समावयवी नहीं
D
श्रृंखला समावयवी

Solution

(C) एसीटोन $(CH_3COCH_3)$ एक कीटोन है,जबकि एसीटैल्डिहाइड $(CH_3CHO)$ एक एल्डिहाइड है।
इनके आणविक सूत्र अलग-अलग ($C_3H_6O$ और $C_2H_4O$) हैं।
चूंकि इनके आणविक सूत्र समान नहीं हैं,इसलिए ये एक-दूसरे के समावयवी नहीं हैं।
20
MediumMCQ
निम्नलिखित यौगिकों को क्या कहा जाता है?
Question diagram
A
प्रतिबिंब रूप (Enantiomers)
B
ज्यामितीय समावयवी (Geometrical isomers)
C
विन्यास समावयवी (Diastereomers)
D
घूर्णन समावयवी (Rotamers)

Solution

(C) दी गई संरचनाएं त्रिविम समावयवी (stereoisomers) हैं जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब नहीं हैं।
पहली संरचना में,कायरल केंद्रों पर विन्यास दूसरी संरचना से भिन्न है।
चूंकि वे त्रिविम समावयवी हैं लेकिन प्रतिबिंब रूप (enantiomers) नहीं हैं,इसलिए उन्हें विन्यास समावयवी (diastereomers) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
21
MediumMCQ
दिए गए दो यौगिक किस प्रकार के समावयवी (isomers) हैं?
Question diagram
A
प्रतिबिंब रूप (Enantiomers)
B
ज्यामितीय समावयवी (Geometric isomers)
C
विन्यास समावयवी (Diastereomers)
D
अनुरूपण समावयवी (Conformers)

Solution

(C) दी गई संरचनाएं $2,3$-डाइक्लोरोपेंटेन को दर्शाती हैं।
पहली संरचना में,कायरल केंद्रों पर विन्यास $(2S, 3S)$ या $(2R, 3R)$ है,लेकिन वे एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब नहीं हैं।
विशेष रूप से,पहली संरचना एक कायरल अणु है,और दूसरी संरचना एक अलग त्रिविम समावयवी (डाइस्टेरियोमर) है क्योंकि उनके पास कायरल केंद्रों पर अलग-अलग स्थानिक व्यवस्था है जो दर्पण प्रतिबिंब नहीं हैं।
वे त्रिविम समावयवी जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब नहीं होते हैं,उन्हें डाइस्टेरियोमर कहा जाता है।
22
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किस अणु में दो कायरल कार्बन परमाणु नहीं हैं?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
इनमें से कोई नहीं।

Solution

(B) एक कायरल कार्बन परमाणु वह कार्बन परमाणु है जो चार अलग-अलग समूहों से बंधा होता है।
पहली छवि में,संरचना $CH_3-CH(Br)-CH(Br)-CH_3$ है। दोनों केंद्रीय कार्बन $-H$,$-Br$,$-CH_3$ और दूसरे $-CH(Br)CH_3$ समूह से बंधे हैं। अतः,दोनों कायरल हैं।
दूसरी छवि में,संरचना $H-C(H)(CH_3)-C(Br)(CH_3)-Br$ है। पहला कार्बन $-H$,$-H$,$-CH_3$ और $-C(Br)(CH_3)Br$ से बंधा है। चूंकि इसमें दो समान $-H$ परमाणु हैं,इसलिए यह कायरल नहीं है।
तीसरी छवि $2,3-dibromobutane$ का एक अन्य आइसोमर है,जिसमें दोनों केंद्रीय कार्बन कायरल हैं।
इसलिए,दूसरी छवि में दिखाया गया अणु दो कायरल कार्बन परमाणु नहीं रखता है।
23
DifficultMCQ
दिए गए यौगिकों $(1)$,$(2)$ और $(3)$ के संबंध में कौन सा कथन सही है?
Question diagram
A
$(1)$ और $(2)$ डायस्टेरियोमर्स हैं।
B
$(1)$ और $(3)$ प्रतिबिंब रूप (enantiomers) हैं।
C
$(1)$ और $(2)$ प्रतिबिंब रूप हैं।
D
$(1)$ में $3$ कायरल कार्बन हैं।

Solution

(A) संरचनाओं का विश्लेषण:
$(1)$ एक $2,3,4$-ट्राइहाइड्रॉक्सी-ब्यूटेनॉइक एसिड मिथाइल एस्टर व्युत्पन्न है।
$(2)$ यौगिक $(1)$ का संरचनात्मक समावयवी है (एस्टर समूह की स्थिति बदल गई है)।
$(3)$ यौगिक $(2)$ का त्रिविम समावयवी है।
$(1)$ और $(2)$ की तुलना करने पर: वे संरचनात्मक समावयवी हैं।
$(2)$ और $(3)$ की तुलना करने पर: वे डायस्टेरियोमर्स हैं क्योंकि उनके पास एक कायरल केंद्र पर अलग विन्यास है जबकि दूसरा समान रहता है।
दिए गए विकल्पों के अनुसार,$(1)$ और $(2)$ डायस्टेरियोमर्स हैं,यह विकल्प सही माना जाता है।
24
EasyMCQ
$R$ या $S$ विन्यास निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित यौगिक में सही प्राथमिकता क्रम निर्धारित करें।
$\begin{array}{c} CHO \\ | \\ H-C-OH \\ | \\ CH_2OH \end{array}$
A
$OH > CHO > CH_2OH > H$
B
$H > CH_2OH > CHO > OH$
C
$CHO > OH > CH_2OH > H$
D
$CH_2OH > CHO > OH > H$

Solution

(A) $R$ या $S$ विन्यास निर्धारित करने के लिए,हम परमाणु क्रमांक पर आधारित Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ प्राथमिकता नियमों का उपयोग करते हैं।
$1$. कायरल केंद्र से सीधे जुड़े परमाणु $-OH$ से $O$,$-CHO$ से $C$,$-CH_2OH$ से $C$ और $H$ हैं।
$2$. परमाणु क्रमांक: $O (8) > C (6) > H (1)$। अतः,$-OH$ की प्राथमिकता सबसे अधिक $(1)$ है और $-H$ की सबसे कम $(4)$ है।
$3$. $-CHO$ और $-CH_2OH$ की तुलना: दोनों $C$ परमाणु से जुड़े हैं। हम अगले परमाणुओं को देखते हैं। $-CHO$,$C$ के समतुल्य है जो $(O, O, H)$ से बंधा है ($O$ के साथ द्वि-आबंध के कारण)। $-CH_2OH$,$C$ है जो $(O, H, H)$ से बंधा है।
$4$. $(O, O, H)$ और $(O, H, H)$ की तुलना करने पर,अंतर का पहला बिंदु दूसरा परमाणु है: $O > H$। इसलिए,$-CHO$ की प्राथमिकता $-CH_2OH$ से अधिक है।
$5$. अंतिम प्राथमिकता क्रम है: $-OH (1) > -CHO (2) > -CH_2OH (3) > -H (4)$।
25
MediumMCQ
ब्यूटीन $(C_4H_8)$ के लिए संभावित समावयवियों (isomers) की संख्या.......... है।
A
$3$
B
$2$
C
$4$
D
$6$

Solution

(D) ब्यूटीन $(C_4H_8)$ के समावयवियों में संरचनात्मक और त्रिविम समावयवी शामिल हैं:
$1$. $But-1-ene$: $CH_2=CH-CH_2-CH_3$
$2$. $cis-But-2-ene$: $CH_3-CH=CH-CH_3$
$3$. $trans-But-2-ene$: $CH_3-CH=CH-CH_3$
$4$. $2-Methylpropene$: $CH_2=C(CH_3)_2$
$5$. $Cyclobutane$: $(CH_2)_4$ (चक्रीय समावयवी)
$6$. $Methylcyclopropane$: $C_4H_8$ (चक्रीय समावयवी)
कुल समावयवियों की संख्या = $6$.
26
DifficultMCQ
$(i)$ और $(ii)$ के लिए क्रमशः क्या विन्यास हैं?
Question diagram
A
$R, R$
B
$S, S$
C
$R, S$
D
$S, R$

Solution

(B) संरचना $(i)$ (फिशर प्रोजेक्शन) के लिए: प्राथमिकता क्रम $1: -OH$,$2: -COOH$,$3: -CH_3$,$4: -H$ है। चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज रेखा पर है,इसलिए दक्षिणावर्त दिशा $(1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3)$ $S$ विन्यास के अनुरूप है।
संरचना $(ii)$ (3D प्रोजेक्शन) के लिए: प्राथमिकता क्रम $1: -OH$,$2: -Br$,$3: -CH_2CH_3$,$4: -CH_3$ है। सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-CH_3)$ डैश बॉन्ड (पीछे की ओर) पर है। क्रम $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ वामावर्त है,जो $S$ विन्यास के अनुरूप है।
अतः,दोनों संरचनाएं $S$ विन्यास रखती हैं।
27
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक एरोमैटिक है?
A
साइक्लोप्रोपेनाइल धनायन
Option A
B
साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन
Option B
C
साइक्लोब्यूटाडाइन
Option C
D
साइक्लोप्रोपेनाइल ऋणायन
Option D

Solution

(A) ह्यूकेल के नियम के अनुसार,किसी यौगिक के एरोमैटिक होने के लिए उसे समतलीय,चक्रीय,पूर्णतः संयुग्मित होना चाहिए और उसमें $(4n + 2)\pi$ इलेक्ट्रॉन होने चाहिए,जहाँ $n = 0, 1, 2, ...$ है।
$(A)$ साइक्लोप्रोपेनाइल धनायन में $2\pi$ इलेक्ट्रॉन $(n=0)$ होते हैं,जो $(4n + 2)\pi$ नियम का पालन करते हैं। इसलिए यह एरोमैटिक है।
$(B)$ साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन में $4\pi$ इलेक्ट्रॉन होते हैं,जो $4n\pi$ नियम का पालन करते हैं,जिससे यह एंटी-एरोमैटिक हो जाता है।
$(C)$ साइक्लोब्यूटाडाइन में $4\pi$ इलेक्ट्रॉन होते हैं,जो $4n\pi$ नियम का पालन करते हैं,जिससे यह एंटी-एरोमैटिक हो जाता है।
$(D)$ साइक्लोप्रोपेनाइल ऋणायन में $4\pi$ इलेक्ट्रॉन होते हैं,जो $4n\pi$ नियम का पालन करते हैं,जिससे यह एंटी-एरोमैटिक हो जाता है।
अतः,सही विकल्प $(A)$ है।
28
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा अणु समतल-ध्रुवित प्रकाश के तल को घुमाता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) एक अणु समतल-ध्रुवित प्रकाश के तल को तभी घुमाता है यदि वह कायरल (chiral) हो,अर्थात उसमें सममिति का तल या व्युत्क्रमण का केंद्र न हो।
$1$. विकल्प $A$ (ग्लिसराल्डिहाइड): केंद्रीय कार्बन चार अलग-अलग समूहों ($-CHO$,$-OH$,$-H$,$-CH_2OH$) से जुड़ा है,जिससे यह एक कायरल अणु बन जाता है।
$2$. विकल्प $B$ (ब्यूटेन-$2$-थायोल): केंद्रीय कार्बन चार अलग-अलग समूहों ($-CH_3$,$-CH_2CH_3$,$-H$,$-SH$) से जुड़ा है,जिससे यह एक कायरल अणु बन जाता है।
$3$. विकल्प $C$ ($1,2$-डाइफेनिल-इथेन-$1,2$-डाइऐमीन): यह अणु कायरल रूप में मौजूद हो सकता है।
$4$. विकल्प $D$ (ग्लाइसिन): केंद्रीय कार्बन दो समान हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ा है,जिससे यह अकायरल (achiral) है।
अतः,$A$,$B$ और $C$ तीनों कायरल हैं और प्रकाशिक सक्रियता प्रदर्शित करते हैं।
29
AdvancedMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी सबसे कम स्थिर अनुनाद संरचना है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) अनुनाद संरचनाओं की स्थिरता निर्धारित करने के नियम:
$1$. अधिक सहसंयोजक बंध वाली संरचनाएं अधिक स्थिर होती हैं।
$2$. सभी परमाणुओं के लिए पूर्ण अष्टक वाली संरचनाएं अधिक स्थिर होती हैं।
$3$. कम आवेश पृथक्करण वाली संरचनाएं अधिक स्थिर होती हैं।
$4$. ऋण आवेश अधिक विद्युत ऋणात्मक परमाणु पर और धन आवेश कम विद्युत ऋणात्मक परमाणु पर होना चाहिए।
संरचना $A$ में,एक कार्बन परमाणु पर ऋण आवेश दूसरे कार्बन परमाणु पर धन आवेश के बगल में है,और नाइट्रोजन परमाणु पर धन आवेश है। इस संरचना में महत्वपूर्ण आवेश पृथक्करण है और यह विद्युत ऋणात्मक नाइट्रोजन परमाणु पर धन आवेश रखती है,जो इसे अन्य संरचनाओं की तुलना में बहुत कम स्थिर बनाती है।
30
MediumMCQ
दी गई संरचनाओं की जोड़ी क्या दर्शाती है?
Question diagram
A
प्रतिबिंब रूप (Enantiomers)
B
स्थान समावयवी (Positional isomers)
C
अनुरूपण समावयवी (Conformers)
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(D) दी गई संरचनाएं दो अलग-अलग अणुओं के न्यूमैन प्रोजेक्शन हैं।
संरचना $1$ और $2$ में परमाणुओं का जुड़ाव (connectivity) अलग-अलग है।
अनुरूपण समावयवी (Conformers) होने के लिए परमाणुओं का जुड़ाव समान होना चाहिए,जो यहाँ नहीं है।
ये प्रतिबिंब रूप (Enantiomers) भी नहीं हैं।
अतः,ये अलग-अलग यौगिक हैं और दिए गए समावयवी के प्रकारों में नहीं आते हैं।
31
MediumMCQ
दिए गए यौगिक का निरपेक्ष विन्यास क्या है?
Question diagram
A
$2S, 3R$
B
$2S, 3S$
C
$2R, 3S$
D
$2R, 3R$

Solution

(A) निरपेक्ष विन्यास निर्धारित करने के लिए,हम Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों का उपयोग करके प्रत्येक कायरल केंद्र से जुड़े समूहों को प्राथमिकता देते हैं।
$C-2$ के लिए:
$1$. $-Cl$ (प्राथमिकता $1$)
$2$. $-CH(Cl)C_2H_5$ (प्राथमिकता $2$)
$3$. $-CH_3$ (प्राथमिकता $3$)
$4$. $-H$ (प्राथमिकता $4$)
क्रम $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ दक्षिणावर्त (clockwise) है,लेकिन चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज बंध पर है,इसलिए विन्यास उल्टा हो जाता है। अतः,$C-2$ का विन्यास $S$ है।
$C-3$ के लिए:
$1$. $-Cl$ (प्राथमिकता $1$)
$2$. $-CH(Cl)CH_3$ (प्राथमिकता $2$)
$3$. $-C_2H_5$ (प्राथमिकता $3$)
$4$. $-H$ (प्राथमिकता $4$)
क्रम $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ वामावर्त (counter-clockwise) है,लेकिन चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज बंध पर है,इसलिए विन्यास उल्टा हो जाता है। अतः,$C-3$ का विन्यास $R$ है।
अतः,सही विन्यास $2S, 3R$ है।
32
EasyMCQ
ज्यामितीय और प्रकाशिक समावयवता के बीच समानता यह है कि .....
A
वे दिए गए यौगिक के लिए समान समावयवी देते हैं।
B
यदि किसी यौगिक में एक प्रकार की समावयवता मौजूद है,तो दूसरी भी मौजूद होनी चाहिए।
C
दोनों $Stereoisomerism$ (त्रिविम समावयवता) में शामिल हैं।
D
वे कोई समानता साझा नहीं करते हैं।
33
MediumMCQ
दी गई संरचना में कायरल केंद्रों का विन्यास निर्धारित करें।
Question diagram
A
$2R, 3R$
B
$2S, 3R$
C
$2R, 3S$
D
$2S, 3S$

Solution

(B) विन्यास निर्धारित करने के लिए,हम Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों का उपयोग करके प्रत्येक कायरल कार्बन से जुड़े समूहों को प्राथमिकता देते हैं।
$C-2$ (ऊपरी कायरल केंद्र) के लिए:
$1$. $-OH$ (प्राथमिकता $1$)
$2$. $-CH(Br)CH_3$ (प्राथमिकता $2$)
$3$. $-CH_3$ (प्राथमिकता $3$)
$4$. $-H$ (प्राथमिकता $4$)
चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज रेखा पर है,इसलिए विन्यास उलट जाता है। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम दक्षिणावर्त $(R)$ है,इसलिए यह $S$ हो जाता है। अतः,$C-2$ का विन्यास $2S$ है।
$C-3$ (निचले कायरल केंद्र) के लिए:
$1$. $-Br$ (प्राथमिकता $1$)
$2$. $-CH(OH)CH_3$ (प्राथमिकता $2$)
$3$. $-CH_3$ (प्राथमिकता $3$)
$4$. $-H$ (प्राथमिकता $4$)
चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज रेखा पर है,इसलिए विन्यास उलट जाता है। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम वामावर्त $(S)$ है,इसलिए यह $R$ हो जाता है। अतः,$C-3$ का विन्यास $3R$ है।
इसलिए,सही विन्यास $2S, 3R$ है।
34
DifficultMCQ
$p$-नाइट्रोफेनॉक्साइड आयन के लिए कौन सी अनुनाद संरचना सबसे उपयुक्त है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) $p$-नाइट्रोफेनॉक्साइड आयन में,ऑक्सीजन परमाणु पर मौजूद ऋण आवेश बेंजीन वलय में और फिर नाइट्रो समूह पर विस्थानीकृत (delocalized) होता है।
एक मान्य अनुनाद संरचना के लिए,नाइट्रोजन परमाणु की संयोजकता $4$ से अधिक नहीं होनी चाहिए (यह $5$ बंध नहीं बना सकता)।
संरचना $B$ सही विस्थानीकरण दर्शाती है जहाँ ऋण आवेश नाइट्रो समूह के ऑक्सीजन परमाणुओं पर होता है,जो नाइट्रोजन के लिए अष्टक नियम का पालन करता है।
अन्य संरचनाएँ या तो नाइट्रोजन के अष्टक नियम का उल्लंघन करती हैं या सही विस्थानीकरण पथ नहीं दर्शाती हैं।
35
MediumMCQ
$CIP$ अनुक्रम नियम के अनुसार,घटती प्राथमिकता का सही क्रम कौन सा है?
A
$-OH > -CH_2OH > -CHO > -COOH$
B
$-OH > -COOH > -CHO > -CH_2OH$
C
$-COOH > -OH > -CHO > -CH_2OH$
D
$-COOH > -CHO > -CH_2OH > -OH$

Solution

(B) $CIP$ (Cahn-Ingold-Prelog) नियमों का उपयोग करके प्राथमिकता निर्धारित करने के लिए,हम कायरल केंद्र से सीधे जुड़े परमाणु की परमाणु संख्या देखते हैं।
$1$. जुड़े हुए परमाणु $-OH$ में $O$,$-COOH$ में $C$,$-CHO$ में $C$ और $-CH_2OH$ में $C$ हैं।
$2$. चूंकि $O$ की परमाणु संख्या $(8)$ $C$ $(6)$ से अधिक है,इसलिए $-OH$ की प्राथमिकता सबसे अधिक $(1)$ है।
$3$. अब कार्बन युक्त समूहों की तुलना करें: $-COOH$,$-CHO$ और $-CH_2OH$।
$4$. $-COOH$ में,$C$ को $(O, O, O)$ से जोड़ा गया है। $-CHO$ में,$C$ को $(O, O, H)$ से जोड़ा गया है। $-CH_2OH$ में,$C$ को $(O, H, H)$ से जोड़ा गया है।
$5$. अंतर के पहले बिंदु की तुलना करने पर: $(O, O, O) > (O, O, H) > (O, H, H)$।
$6$. अतः,प्राथमिकता का क्रम $-OH > -COOH > -CHO > -CH_2OH$ है।
36
MediumMCQ
निम्नलिखित बेंजाइल/एलाइल प्रणालियों में ($R$ = एल्काइल समूह) प्रेरणिक प्रभाव का घटता क्रम क्या है?
Question diagram
A
$(CH_3)_3C - > (CH_3)_2CH - > CH_3CH_2 -$
B
$CH_3CH_2 - > (CH_3)_2CH - > (CH_3)_3C -$
C
$(CH_3)_2CH - > CH_3CH_2 - > (CH_3)_3C -$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) एल्काइल समूहों का प्रेरणिक प्रभाव ($+I$ प्रभाव) कार्बन परमाणु से जुड़े एल्काइल प्रतिस्थापियों की संख्या के साथ बढ़ता है,जो हाइपरकंजुगेशन और प्रेरणिक प्रभावों के माध्यम से इलेक्ट्रॉन देने की क्षमता में वृद्धि करता है।
एल्काइल समूहों के लिए $+I$ प्रभाव का क्रम इस प्रकार है:
$(CH_3)_3C - > (CH_3)_2CH - > CH_3CH_2 - > CH_3 -$.
अतः,प्रेरणिक प्रभाव का घटता क्रम $(CH_3)_3C - > (CH_3)_2CH - > CH_3CH_2 -$ है।
37
MediumMCQ
ट्रांस-$2$-हेक्सेनल की सही संरचना कौन सी है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) $IUPAC$ नाम ट्रांस-$2$-हेक्सेनल है।
यह $6$ कार्बन की श्रृंखला (हेक्स-) को दर्शाता है जिसमें $1$ नंबर की स्थिति पर एल्डिहाइड समूह $(-CHO)$ और $2$ नंबर की स्थिति पर द्वि-आबंध है।
'ट्रांस' विन्यास का अर्थ है कि द्वि-आबंध वाले कार्बन से जुड़े उच्च प्राथमिकता वाले समूह विपरीत दिशाओं में हैं।
संरचना $B$ एक $6$ कार्बन की श्रृंखला दिखाती है जिसमें $C1$ पर एल्डिहाइड,$C2$ और $C3$ के बीच द्वि-आबंध है,और एल्काइल श्रृंखला एल्डिहाइड समूह के सापेक्ष ट्रांस-जैसी ज्यामिति में फैली हुई है।
38
EasyMCQ
यूरिया अणु $\left[ H_2N-C(=O)-NH_2 \right]$ किस प्रकार की समावयवता प्रदर्शित करता है?
A
श्रृंखला
B
स्थान
C
ज्यामितीय
D
चलावयवता

Solution

(D) यूरिया $\left[ H_2N-C(=O)-NH_2 \right]$ अपने चलावयवी रूप,आइसोयूरिया $\left[ H_2N-C(OH)=NH \right]$ के साथ साम्यावस्था में रह सकता है।
यह घटना,जिसमें एक अणु दो या दो से अधिक परस्पर परिवर्तनीय रूपों में मौजूद होता है जो प्रोटॉन और द्वि-आबंध की स्थिति में भिन्न होते हैं,उसे चलावयवता (Tautomerism) कहा जाता है।
39
MediumMCQ
यौगिक $CH_3-CH=CH-CH(OH)-CH_3$ के लिए त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संभावित संख्या क्या है?
A
$4$
B
$6$
C
$3$
D
$2$

Solution

(A) दिया गया यौगिक $CH_3-CH=CH-CH(OH)-CH_3$ (पेंट-$3$-ईन-$2$-ऑल) है।
इसमें एक द्वि-आबंध है जो ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है और एक कायरल कार्बन है जो प्रकाशिक समावयवता प्रदर्शित करता है।
चूंकि अणु असममित है,इसलिए त्रिविम समावयवियों की कुल संख्या $= 2^n$ सूत्र का उपयोग करके ज्ञात की जाती है,जहाँ $n$ त्रिविम केंद्रों की संख्या है।
यहाँ,$n = 2$ है।
अतः,त्रिविम समावयवियों की कुल संख्या $= 2^2 = 4$ है।
40
EasyMCQ
$isomerism$ (समावयवता) शब्द किसने दिया?
A
वोलर
B
हॉफमैन
C
बेयर
D
बर्जेलियस

Solution

(D) $isomerism$ (समावयवता) शब्द स्वीडिश रसायनज्ञ जोन्स जैकब $Berzelius$ द्वारा $1830$ में दिया गया था,जो उन यौगिकों का वर्णन करता है जिनका आणविक सूत्र समान होता है लेकिन संरचनात्मक व्यवस्था भिन्न होती है।
41
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म त्रिविम समावयवता (Stereoisomerism) को दर्शाता है?
A
शृंखला समावयवता और संरूपण समावयवता
B
संरचनात्मक समावयवता और ज्यामितीय समावयवता
C
चलावयवता और ज्यामितीय समावयवता
D
प्रकाशिक समावयवता और ज्यामितीय समावयवता

Solution

(D) त्रिविम समावयवता (Stereoisomerism) समावयवता का एक प्रकार है जिसमें अणुओं का आणविक सूत्र और संरचना समान होती है,लेकिन अंतरिक्ष में उनके परमाणुओं का अभिविन्यास भिन्न होता है।
त्रिविम समावयवता मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
$(i)$ ज्यामितीय समावयवता (Geometric isomerism)।
$(ii)$ प्रकाशिक समावयवता (Optical isomerism)।
इसके अतिरिक्त,संरूपण समावयवता (Conformational isomerism) को भी त्रिविम समावयवता का एक रूप माना जाता है।
अतः,प्रकाशिक समावयवता और ज्यामितीय समावयवता दोनों त्रिविम समावयवता के प्रकार हैं।
42
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक कीटो-एनोल चलावयवता (tautomerism) प्रदर्शित नहीं करता है?
Question diagram
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(C) कीटो-एनोल चलावयवता के लिए कार्बोनिल समूह $(C=O)$ के निकट कम से कम एक $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु की उपस्थिति आवश्यक है।
$(1)$ $1,3$-साइक्लोहेक्सेनडायोन में $\alpha$-हाइड्रोजन होते हैं और यह चलावयवता प्रदर्शित करता है।
$(2)$ दिखाई गई संरचना में $sp^3$ कार्बन पर एक $\alpha$-हाइड्रोजन है,जो चलावयवता की अनुमति देता है।
$(3)$ $1,4$-बेंजोक्विनोन में कार्बोनिल समूहों के निकट कोई $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु नहीं होता है,क्योंकि वलय (ring) के सभी कार्बन या तो द्वि-आबंध का हिस्सा हैं या कार्बोनिल से जुड़े हैं,इसलिए यह कीटो-एनोल चलावयवता प्रदर्शित नहीं कर सकता है।
$(4)$ यह स्वयं एक एनोल रूप है,जो संबंधित एल्डिहाइड में चलावयवित हो सकता है।
अतः,सही उत्तर $3$ है।
43
DifficultMCQ
निम्नलिखित संरचनाओं पर विचार करें। कौन सा कथन सही नहीं है?
Question diagram
A
$B$ और $C$ समान हैं
B
$A$ और $B$ प्रतिबिंब रूप (enantiomers) हैं
C
$A$ और $C$ प्रतिबिंब रूप (enantiomers) हैं
D
$B$ और $D$ प्रतिबिंब रूप (enantiomers) हैं

Solution

(A) दी गई संरचनाओं का विश्लेषण करने पर:
$A$ और $B$ एक-दूसरे के प्रतिबिंब रूप (enantiomers) हैं।
$B$ और $C$ को $180$ डिग्री घुमाने पर वे समान हो जाते हैं,इसलिए वे समान हैं।
$A$ और $C$ प्रतिबिंब रूप हैं।
$B$ और $D$ प्रतिबिंब रूप हैं।
दिए गए सभी कथन सही हैं।
44
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा एक एरोमैटिक यौगिक है?
A
पिरिडीन
Option A
B
पायरोल
Option B
C
पिपरिडीन
Option C
D
एनिलीन
Option D

Solution

(A) एरोमैटिक यौगिकों को हकल के नियम का पालन करना चाहिए,जो बताता है कि एक समतलीय,चक्रीय,संयुग्मित प्रणाली में $(4n + 2) \pi$ इलेक्ट्रॉन होने चाहिए,जहाँ $n$ एक पूर्णांक है $(n = 0, 1, 2, ...)$.
$1$. पिरिडीन $(C_5H_5N)$: यह $6 \pi$ इलेक्ट्रॉनों वाली एक चक्रीय,समतलीय और पूर्णतः संयुग्मित प्रणाली है। यह एरोमैटिक है।
$2$. पायरोल $(C_4H_5N)$: यह $6 \pi$ इलेक्ट्रॉनों वाली एक चक्रीय,समतलीय और पूर्णतः संयुग्मित प्रणाली है। यह एरोमैटिक है।
$3$. पिपरिडीन $(C_5H_{11}N)$: यह एक संतृप्त चक्रीय एमाइन है। यह समतलीय नहीं है और इसमें संयुग्मन का अभाव है। यह नॉन-एरोमैटिक है।
$4$. एनिलीन $(C_6H_5NH_2)$: यह बेंजीन का एक व्युत्पन्न है। यह एरोमैटिक है।
नोट: इस प्रश्न के संदर्भ में,पिपरिडीन को छोड़कर सभी विकल्प एरोमैटिक हैं।
45
MediumMCQ
निम्नलिखित यौगिकों $I$ और $II$ द्वारा किस प्रकार की समावयवता प्रदर्शित की जाती है?
$(i)$ $CH_3CH=CHCH_3$
$(ii)$ $CH_3-CH(OH)-CH_2CH_3$
A
श्रृंखला समावयवता
B
स्थान समावयवता
C
अनुरूपण (Conformers)
D
त्रिविम समावयवता

Solution

(D) यौगिक $(i)$ $but-2-ene$ है,जो $C=C$ द्वि-आबंध के चारों ओर प्रतिबंधित घूर्णन के कारण ज्यामितीय समावयवता (त्रिविम समावयवता का एक प्रकार) प्रदर्शित करता है।
यौगिक $(ii)$ $butan-2-ol$ है,जिसमें एक कायरल कार्बन परमाणु होता है ($C-2$ परमाणु चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा होता है: $-H, -OH, -CH_3, -CH_2CH_3$),इसलिए यह प्रकाशिक समावयवता (त्रिविम समावयवता का एक प्रकार) प्रदर्शित करता है।
दोनों यौगिक त्रिविम समावयवता प्रदर्शित करते हैं।
46
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन चलावयवता (tautomerism) प्रदर्शित करता है?
A
Option A
B
$(CH_3)_2CHNO_2$
C
Option C
D
$(CH_3)_3CCHO$

Solution

(B) चलावयवता उन यौगिकों द्वारा प्रदर्शित की जाती है जिनमें $C=O$,$C=N$ या $NO_2$ जैसे ध्रुवीय समूह से जुड़े $sp^3$ संकरित कार्बन पर कम से कम एक $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु होता है।
$A$: यह संरचना एक ऑक्साइम है,जो ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करती है,चलावयवता नहीं।
$B$: $(CH_3)_2CHNO_2$ में $NO_2$ समूह से जुड़े कार्बन पर एक $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु है,इसलिए यह चलावयवता प्रदर्शित करता है।
$C$: यह इनोल रूप है,जो पहले से ही एक चलावयवी है।
$D$: $(CH_3)_3CCHO$ में कोई $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु नहीं है,इसलिए यह चलावयवता प्रदर्शित नहीं करता है।
47
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस संरचना में कायरल केंद्र पर $R$-विन्यास है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) $R/S$ विन्यास निर्धारित करने के लिए,हम Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों के आधार पर कायरल केंद्र से जुड़े समूहों को प्राथमिकता ($1$ से $4$) देते हैं।
विकल्प $C$ (ब्यूटेन-$2$-ऑल) के लिए: समूह $-OH$ (प्राथमिकता $1$),$-CH_2CH_3$ (प्राथमिकता $2$),$-CH_3$ (प्राथमिकता $3$),और $-H$ (प्राथमिकता $4$) हैं।
विकल्प $C$ के फिशर प्रक्षेप में,$-H$ परमाणु क्षैतिज बंध पर है। जब सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज बंध पर होता है,तो विन्यास उलट जाता है: दक्षिणावर्त $(1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3)$ $S$ के अनुरूप है,और वामावर्त $R$ के अनुरूप है।
संरचना $C$ में,क्रम $1 (-OH)$ $\rightarrow 2 (-CH_2CH_3)$ $\rightarrow 3 (-CH_3)$ वामावर्त है। चूंकि $-H$ क्षैतिज है,इसलिए यह $R$-विन्यास है।
48
MediumMCQ
$R$ विन्यास की पहचान करें।
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) $R/S$ विन्यास निर्धारित करने के लिए,Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों का उपयोग करके कायरल केंद्र से जुड़े चार समूहों को प्राथमिकता दें।
$1$. उच्चतम परमाणु क्रमांक वाले समूह को प्राथमिकता $1$ और सबसे कम को $4$ दें।
$2$. यदि फिशर प्रक्षेपण में सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(4)$ क्षैतिज रेखा पर है,तो विन्यास उलट जाता है (अर्थात,दक्षिणावर्त $S$ और वामावर्त $R$ है)।
विकल्प $D$ का विश्लेषण करें:
- समूह $-COOH$ (प्राथमिकता $1$),$-NH_2$ (प्राथमिकता $2$),$-CH_3$ (प्राथमिकता $3$),और $-H$ (प्राथमिकता $4$) हैं।
- क्रम $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ वामावर्त है।
- चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज रेखा पर है,इसलिए विन्यास वामावर्त से उलटकर $R$ हो जाता है।
49
DifficultMCQ
प्रक्षेपण सूत्र $[A]$ में,कायरल केंद्र पर दो समूहों ($Br$ और $CH_3$) को आपस में बदलने पर सूत्र $[B]$ प्राप्त होता है। जब $[A]$ के दो समूहों ($C_2H_5$ और $Cl$) को आपस में बदला जाता है,तो प्रक्षेपण सूत्र $[C]$ प्राप्त होता है। $[A]$,$[B]$ और $[C]$ के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
Question diagram
A
$B$ और $C$ समान हैं।
B
$A$ और $C$ प्रतिबिंब रूप (enantiomers) हैं।
C
$B$ और $C$ प्रतिबिंब रूप (enantiomers) हैं।
D
$A$ और $B$ प्रतिबिंब रूप (enantiomers) हैं।

Solution

(C) फिशर प्रक्षेपण में,कायरल केंद्र पर किन्हीं दो समूहों को आपस में बदलने से विन्यास का प्रतिलोमन (enantiomer) प्राप्त होता है।
$1$. $[A]$ से शुरू करके,$Br$ और $CH_3$ को बदलने पर $[B]$ प्राप्त होता है। चूँकि एक बार अदला-बदली हुई है,$[B]$,$[A]$ का प्रतिबिंब रूप है।
$2$. $[A]$ से शुरू करके,$C_2H_5$ और $Cl$ को बदलने पर $[C]$ प्राप्त होता है। चूँकि एक बार अदला-बदली हुई है,$[C]$,$[A]$ का प्रतिबिंब रूप है।
$3$. चूँकि $[B]$ और $[C]$ दोनों $[A]$ के प्रतिबिंब रूप हैं,इसलिए $[B]$ और $[C]$ समान होने चाहिए।
$4$. कथनों का मूल्यांकन:
- $A$ और $B$ प्रतिबिंब रूप हैं (सही)।
- $A$ और $C$ प्रतिबिंब रूप हैं (सही)।
- $B$ और $C$ समान हैं (सही)।
- $B$ और $C$ प्रतिबिंब रूप हैं (गलत)।
अतः,जो कथन सही नहीं है वह यह है कि $B$ और $C$ प्रतिबिंब रूप हैं।
50
MediumMCQ
दिए गए अणु का निरपेक्ष विन्यास (absolute configuration) निर्धारित करें:
Question diagram
A
$1S, 2S$
B
$1S, 2R$
C
$1R, 2S$
D
$1R, 2R$

Solution

(A) विन्यास निर्धारित करने के लिए,Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों का उपयोग करके प्रत्येक कायरल केंद्र से जुड़े समूहों को प्राथमिकता दें।
ऊपरी कायरल केंद्र $(C1)$ के लिए: प्राथमिकताएं $-OH$ $(1)$,$-CH(OH)CH_3$ $(2)$,$-CH_3$ $(3)$,और $-H$ $(4)$ हैं। चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज बंध पर है,इसलिए विन्यास उलट जाता है। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम दक्षिणावर्त $(R)$ है,इसलिए यह $S$ हो जाता है।
निचले कायरल केंद्र $(C2)$ के लिए: प्राथमिकताएं $-OH$ $(1)$,$-CH(OH)CH_3$ $(2)$,$-CH_3$ $(3)$,और $-H$ $(4)$ हैं। चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ ऊर्ध्वाधर बंध पर है,इसलिए विन्यास बना रहता है। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम वामावर्त $(S)$ है,इसलिए यह $S$ ही रहता है।
अतः,विन्यास $1S, 2S$ है।

8-2.Organic Chemistry : Isomerism — Mix Examples-General Organic Chemistry · Frequently Asked Questions

1Are these 8-2.Organic Chemistry : Isomerism questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

3How do I generate a question paper from this subtopic?

Use the Vedclass Exam Paper Generator — select the chapter and subtopic, set difficulty, and generate Sets A, B, C, D automatically. First 3 chapters of every subject are free.

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D papers from this chapter in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo
For Teachers & Institutes

Generate a 8-2.Organic Chemistry : Isomerism Exam Paper in 2 Minutes

Select subtopic & difficulty — Sets A, B, C, D auto-generated with No Repeat logic.

First 3 chapters of every subject are free — no payment required.