(N/A) भौतिक राशियों के मापन में होने वाली त्रुटियों को निम्नलिखित रूप में वर्गीकृत किया जाता है:
$(a)$ क्रमबद्ध त्रुटि (Systematic Error)
$(b)$ यादृच्छिक त्रुटि (Random Error)
$(a)$ क्रमबद्ध त्रुटि:
क्रमबद्ध त्रुटियाँ वे होती हैं जो एक ही दिशा में,या तो धनात्मक या ऋणात्मक होती हैं। ये त्रुटियाँ ज्ञात स्रोतों के कारण उत्पन्न होती हैं।
$(i)$ यंत्रगत त्रुटि (Instrumental Error): ये मापन यंत्र की अपूर्ण डिजाइन या अंशांकन (calibration) या यंत्र में शून्य त्रुटि के कारण उत्पन्न होती हैं। उदाहरण के लिए,यदि थर्मामीटर का अंशांकन सही नहीं है,तो यह $STP$ पर $100^{\circ}C$ के बजाय $104^{\circ}C$ पढ़ सकता है।
$(ii)$ प्रयोगात्मक तकनीक या प्रक्रिया में अपूर्णता: ये त्रुटियाँ प्रयोगात्मक सेटअप में खामियों के कारण होती हैं। उदाहरण के लिए,यदि थर्मामीटर को शरीर के संपर्क में ठीक से नहीं रखा गया है,तो यह शरीर का वास्तविक तापमान नहीं मापेगा।
$(iii)$ व्यक्तिगत त्रुटि (Personal Error): ये व्यक्तिगत पूर्वाग्रह,उपकरणों की उचित सेटिंग की कमी या लापरवाही के कारण उत्पन्न होती हैं। उदाहरण के लिए,यदि स्केल पढ़ते समय प्रेक्षक का सिर सही स्थिति में नहीं है,तो लंबन (parallax) त्रुटि हो सकती है।
क्रमबद्ध त्रुटियों को प्रयोगात्मक तकनीकों में सुधार करके,बेहतर उपकरणों का चयन करके और व्यक्तिगत पूर्वाग्रह को हटाकर कम किया जा सकता है।
$(b)$ यादृच्छिक त्रुटि:
जो त्रुटियाँ चिह्न और आकार के संबंध में अनियमित और यादृच्छिक रूप से होती हैं,उन्हें यादृच्छिक त्रुटि कहा जाता है। ये प्रयोगात्मक स्थितियों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव के कारण उत्पन्न होती हैं (जैसे तापमान,वोल्टेज आपूर्ति)। उदाहरण के लिए,जब एक ही व्यक्ति एक ही अवलोकन को दोहराता है,तो उसे हर बार अलग-अलग रीडिंग मिल सकती है। ये धनात्मक या ऋणात्मक हो सकती हैं और बड़ी संख्या में अवलोकनों का अंकगणितीय माध्य लेकर इन्हें कम किया जा सकता है।