(N/A) परावैद्युत को उनके अणुओं की प्रकृति के आधार पर दो प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
$(1)$ ध्रुवीय परावैद्युत (Polar Dielectric): एक ध्रुवीय अणु में,धनात्मक आवेश का केंद्र और ऋणात्मक आवेश का केंद्र एक-दूसरे के संपाती नहीं होते हैं। ऐसे अणुओं में बाहरी विद्युत क्षेत्र की अनुपस्थिति में भी स्थायी द्विध्रुव आघूर्ण (dipole moment) होता है। उदाहरण: $H_{2}O$,$HCl$.
$(2)$ अध्रुवीय परावैद्युत (Non-polar Dielectric): एक अध्रुवीय अणु में,धनात्मक आवेश का केंद्र और ऋणात्मक आवेश का केंद्र एक-दूसरे के संपाती होते हैं। ऐसे अणुओं में बाहरी विद्युत क्षेत्र की अनुपस्थिति में कोई स्थायी द्विध्रुव आघूर्ण नहीं होता है। उदाहरण: $O_{2}$,$H_{2}$,$CO_{2}$.