(N/A) हाइड्रोलिक ब्रेक पास्कल के नियम के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
जब वाहन चालक ब्रेक पेडल पर $F_1$ बल लगाता है,तो छोटे अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $A_1$ वाला मास्टर पिस्टन मास्टर सिलेंडर में प्रवेश करता है। यह क्रिया ब्रेक ऑयल को ट्यूबों के माध्यम से व्हील सिलेंडर में धकेलती है।
व्हील सिलेंडर में दो पिस्टन होते हैं जिनका अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $A_2$ बहुत बड़ा होता है। पास्कल के नियम के अनुसार,द्रव में लगाया गया दाब समान रूप से संचरित होता है। चूंकि $A_2 \gg A_1$ है,इसलिए व्हील पिस्टन पर बहुत बड़ा बल $F_2$ कार्य करता है,जहाँ $F_2 = F_1 \times (A_2 / A_1)$ होता है।
यह बड़ा बल $F_2$ ब्रेक शूज़ को बाहर की ओर धकेलता है,जिससे वे घूमते हुए व्हील रिम के संपर्क में आते हैं और ब्रेक लग जाता है।
जब चालक ब्रेक पेडल से पैर हटाता है,तो एक रिस्टोरिंग स्प्रिंग ब्रेक शूज़ को उनकी मूल स्थिति में वापस खींच लेती है,जिससे व्हील रिम मुक्त हो जाता है। जैसे ही पिस्टन अपनी प्रारंभिक स्थिति में वापस आते हैं,ब्रेक ऑयल वापस मास्टर सिलेंडर में चला जाता है।