(N/A) एक विद्युत द्विध्रुव के कारण किसी बिंदु पर विद्युत विभव $V$ का समीकरण है: $V = k \left( \frac{\vec{p} \cdot \hat{r}}{r^2} \right) = \frac{k p \cos \theta}{r^2}$,जहाँ $k = \frac{1}{4 \pi \epsilon_0}$,$\vec{p}$ द्विध्रुव आघूर्ण है,और $\theta$ स्थिति सदिश $\vec{r}$ तथा द्विध्रुव आघूर्ण $\vec{p}$ के बीच का कोण है।
महत्वपूर्ण विशेषताएँ:
$(i)$ विद्युत द्विध्रुव के कारण विभव,बिंदु के स्थिति सदिश $\vec{r}$ और द्विध्रुव आघूर्ण $\vec{p}$ के बीच के कोण $\theta$ पर निर्भर करता है।
$(ii)$ विद्युत द्विध्रुव विभव दूरी के साथ $\frac{1}{r^2}$ के रूप में घटता है,जबकि बिंदु आवेश का विभव $\frac{1}{r}$ के रूप में घटता है।
विशेष मामले:
$(1)$ अक्षीय रेखा पर स्थित बिंदु के लिए: $\theta = 0^\circ$ या $180^\circ$,अतः $V_a = \pm \frac{k p}{r^2}$.
$(2)$ निरक्षीय तल (equatorial plane) पर स्थित बिंदु के लिए: $\theta = 90^\circ$,अतः $V_e = 0$.