(N/A) मान लीजिए कि एक विद्युत द्विध्रुव है जिसमें $+q$ और $-q$ आवेश $2a$ की दूरी पर स्थित हैं। द्विध्रुव के केंद्र $O$ से $r$ दूरी पर उसकी अक्ष पर एक बिंदु $P$ है।
बिंदु $P$ की $+q$ आवेश से दूरी $(r - a)$ है और $-q$ आवेश से दूरी $(r + a)$ है।
बिंदु $P$ पर कुल विद्युत विभव $V$ दोनों आवेशों के कारण उत्पन्न विभव का बीजगणितीय योग है:
$V = V_{+q} + V_{-q}$
$V = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \left( \frac{q}{r-a} - \frac{q}{r+a} \right)$
$V = \frac{q}{4\pi\epsilon_0} \left( \frac{r+a - (r-a)}{r^2 - a^2} \right)$
$V = \frac{q}{4\pi\epsilon_0} \left( \frac{2a}{r^2 - a^2} \right)$
चूंकि द्विध्रुव आघूर्ण $p = q \times 2a$ है,इसलिए हम लिख सकते हैं:
$V = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{p}{r^2 - a^2}$
एक छोटे द्विध्रुव के लिए जहाँ $r \gg a$ है,समीकरण सरल होकर निम्न हो जाता है:
$V = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{p}{r^2}$