गोल्गी उपकरण,जिसका वर्णन सबसे पहले कैमिलो गोल्गी द्वारा $1898$ में किया गया था,एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है जो सुकेंद्रकी (eukaryotic) कोशिकाओं में पाया जाता है।
यह कई चपटी,डिस्क के आकार की थैलियों या सिस्टर्नी (cisternae) से बना होता है,जो एक-दूसरे के समानांतर व्यवस्थित होती हैं।
ये सिस्टर्नी केंद्रक के पास संकेंद्रित रूप से व्यवस्थित होती हैं,जिनमें स्पष्ट उत्तल 'सिस' (निर्माणकारी) मुख और अवतल 'ट्रांस' (परिपक्व) मुख होता है।
गोल्गी उपकरण मुख्य रूप से प्रोटीन और लिपिड जैसे पदार्थों को पैक करने का कार्य करता है,जिन्हें या तो कोशिका के भीतर के लक्ष्यों तक पहुँचाया जाता है या कोशिका के बाहर स्रावित किया जाता है।
यह ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड्स के निर्माण के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थल है।