(B, C) और $(c)$ सरल आवर्त गति $(SHM)$ हैं और $(a)$ और $(d)$ आवर्त गति हैं,लेकिन सरल आवर्त गति नहीं हैं।
$(a)$ पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना एक आवर्त गति है क्योंकि यह समान समय अंतराल में अपनी स्थिति को दोहराती है। हालाँकि,यह सरल आवर्त गति नहीं है क्योंकि इसमें एक निश्चित संतुलन बिंदु के चारों ओर आगे-पीछे की गति शामिल नहीं है।
$(b)$ $U$-ट्यूब में दोलन करता पारे का स्तंभ सरल आवर्त गति करता है। पारा एक निश्चित संतुलन स्थिति के चारों ओर एक ही पथ पर आगे-पीछे गति करता है,जो सरल आवर्त गति की शर्तों को पूरा करता है।
$(c)$ जब बॉल बेयरिंग को एक चिकने वक्र कटोरे में सबसे निचले बिंदु से थोड़ा ऊपर से छोड़ा जाता है,तो यह संतुलन स्थिति के चारों ओर आगे-पीछे दोलन करती है। छोटे विस्थापन के लिए,प्रत्यानयन बल विस्थापन के समानुपाती होता है,इसलिए यह सरल आवर्त गति है।
$(d)$ बहुपरमाणुक अणु के कंपन आवर्त गति हैं लेकिन सरल आवर्त गति नहीं हैं। एक बहुपरमाणुक अणु में दोलन की कई प्राकृतिक आवृत्तियाँ होती हैं,और इसका कुल कंपन कई अलग-अलग सरल आवर्त गतियों का अध्यारोपण (superposition) है।