(N/A) जब कोई अम्ल किसी धातु के साथ अभिक्रिया करता है तो सामान्यतः हाइड्रोजन गैस $(H_2)$ मुक्त होती है।
उदाहरण: जब जिंक के दाने तनु सल्फ्यूरिक अम्ल $(H_2SO_4)$ के साथ अभिक्रिया करते हैं,तो जिंक सल्फेट $(ZnSO_4)$ और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
रासायनिक समीकरण इस प्रकार है:
$Zn(s) + H_2SO_4(aq) \to ZnSO_4(aq) + H_2(g) \uparrow$
हाइड्रोजन गैस की जाँच:
हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति की जाँच करने के लिए,उत्पन्न गैस को साबुन के घोल से गुजारें। साबुन के घोल में बुलबुले बनते हैं,जिनमें हाइड्रोजन गैस होती है। जब इन साबुन के बुलबुलों के पास जलती हुई मोमबत्ती लाई जाती है,तो गैस 'पॉप' ध्वनि के साथ जलती है,जो हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति की पुष्टि करती है।