(N/A) साबुन उद्योग का उप-उत्पाद ग्लिसरॉल है।
साबुन लंबी श्रृंखला वाले फैटी एसिड जैसे स्टीयरिक एसिड,ओलिक एसिड और पामिटिक एसिड के सोडियम या पोटेशियम लवण होते हैं।
साबुन का निर्माण वसा (फैटी एसिड का ग्लिसरील एस्टर) को जलीय सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म करके किया जाता है। इस अभिक्रिया को साबुनीकरण (saponification) कहा जाता है।
रासायनिक अभिक्रिया इस प्रकार है:
$CH_2OCOC_{17}H_{35}-CHOCOC_{17}H_{35}-CH_2OCOC_{17}H_{35} + 3NaOH \rightarrow 3C_{17}H_{35}COONa + CH_2OH-CHOH-CH_2OH$
इस अभिक्रिया में,फैटी एसिड के एस्टर का जल-अपघटन होता है और प्राप्त साबुन कोलाइडल रूप में रहता है। इसमें $NaCl$ मिलाकर इसे घोल से अवक्षेपित किया जाता है।