(N/A) एक बीज में एक से अधिक भ्रूण की उपस्थिति को बहुभ्रूणता कहा जाता है।
कई खट्टे फलों (सिट्रस) और आम की किस्मों में,भ्रूणपोष के चारों ओर स्थित कुछ बीजांडकाय (nucellar) कोशिकाएं विभाजित होने लगती हैं,भ्रूणपोष में प्रवेश करती हैं और भ्रूण में विकसित हो जाती हैं। ऐसी प्रजातियों में प्रत्येक बीजांड में कई भ्रूण होते हैं।
बहुभ्रूणता पादप प्रजनन और बागवानी में एक प्रमुख भूमिका निभाती है।
इन भ्रूणों से प्राप्त पौधे आमतौर पर वायरस-मुक्त होते हैं और बहुत तेजी से बढ़ते हैं।
कई फलों और सब्जियों की फसलों को इस विधि का उपयोग करके उगाया जाता है,क्योंकि ये बीजांडकाय भ्रूण ऐसे क्लोन उत्पन्न करते हैं जो जनक पौधे के वांछनीय गुणों को बनाए रखते हैं,जिससे संकर फसलों में उच्च उत्पादकता और एकरूपता प्राप्त होती है।