(N/A) गुरुत्वीय त्वरण वह त्वरण है जो किसी वस्तु में तब उत्पन्न होता है जब उसे केवल गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में स्वतंत्र रूप से गिरने दिया जाता है। किसी ग्रह की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण $(g)$ का सूत्र $g = \frac{GM}{R^2}$ है,जहाँ $M$ ग्रह का द्रव्यमान है और $R$ उसकी त्रिज्या है।
दिया गया है:
ग्रह का द्रव्यमान $(M_P)$ = $\frac{M_E}{2}$
ग्रह की त्रिज्या $(R_P)$ = $\frac{R_E}{2}$
पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण $(g_E)$ = $9.8 \, m/s^2$
अनुपात का उपयोग करते हुए:
$\frac{g_P}{g_E} = \frac{GM_P / R_P^2}{GM_E / R_E^2} = \frac{M_P}{M_E} \times (\frac{R_E}{R_P})^2$
मान रखने पर:
$\frac{g_P}{g_E} = \frac{M_E / 2}{M_E} \times (\frac{R_E}{R_E / 2})^2 = \frac{1}{2} \times (2)^2 = \frac{1}{2} \times 4 = 2$
अतः,$g_P = 2 \times g_E = 2 \times 9.8 \, m/s^2 = 19.6 \, m/s^2$.