दो आवेश एक दूसरे से $‘d’$ दूरी पर है। यदि दोनों के मध्य $\frac{d}{2}$ मोटाई की तांबे की प्लेट रख दें तो प्रभावी बल होगा
$2F$
$F / 2$
$0$
$\sqrt 2 F$
यदि आवेशित कणों के मध्य की दूरी आधी कर दी जाती है, तो कणों के मध्य का बल होगा
चार आवेश $Q_1, Q_2, Q_3$, तथा $Q_4$, जिनका मान समान है, $x$ अक्ष के अनुदिश क्रमशः $x=-2 a,-a,+a$ तथा $+2 a$ पर रखे हैं। एक अन्य धनावेश $q,+y$ अक्ष पर $b > 0$ दूरी पर रखा है। आवेशों के चिहृन (sign) के चार विकल्प सूची-$I$ में दिए है। आवेश $q$ पर लगने वाले बलों की दिशा सूची-$II$ में दी गई है। सूची-$I$ को सूची-$II$ से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गए कोड का प्रयोग करके सही विकल्प चुनिए :
सूची-$I$ | सूची-$II$ |
$P.$ $\quad Q _1, Q _2, Q _3, Q _4$, सभी धनावेश है। | $1.\quad$ $+ x$ |
$Q.$ $\quad Q _1, Q _2$ धनावेश है $Q _3, Q _4$ ॠणावेश है। | $2.\quad$ $-x$ |
$R.$ $\quad Q _1, Q _4$ धनावेश है $Q _2, Q _3$ ॠणावेश है। | $3.\quad$ $+ y$ |
$S.$ $\quad Q _1, Q _3$ धनावेश है $Q _2, Q _4$ ॠणावेश है। | $4.\quad$ $-y$ |
लम्बाई $l$ की दो द्रव्यमानहीन डोरियो द्वारा एक उभयनिष्ठ बिन्दु से दो एकसमान आवेशित गोले लटकाये गये है, जों कि प्रारम्भ में दूरी $d(d$ $ < < l)$ पर अपनें अन्योन्य विकषर्ण के कारण है। दोंनों गोलों से आवेश एक स्थिर दर से लीक होना प्रारम्भ करता है। इसके परिणाम स्वरूप आवेश एक दूसरे की ओर $v$ वेग से गति करना प्रारम्भ करते है। तब दोनों के बीच दूरी $x$ के फलन के रूप में
${F_g}$ और ${F_e}$ क्रमश: गुरुत्वीय और स्थिर वैद्युत बल $10$ सेमी की दूरी पर स्थित इलेक्ट्रॉन के मध्य दर्शाते हैं, तो ${F_g}/{F_e}$ अनुपात की कोटि होगी
चित्र में दर्शाये अनुसार, प्रत्येक $20 \mathrm{~g}$ द्रव्यमान वाले दो समान बिन्दु आवेश $\left(\mathrm{q}_0=+2 \mu \mathrm{C}\right)$ एक आनत तल पर रखे हैं। माना आवेशों एवं तल के बीच कोई घर्षण नहीं है। दोनों बिन्दु आवेशों के निकाय की साम्यावस्था स्थिर के लिए, $\mathrm{h}=\mathrm{x} \times 10^{-3} \mathrm{~m}$ है। $\mathrm{x}$ का मान ________है। (यदि $\frac{1}{4 \pi \varepsilon_0}=9 \times 10^9 \mathrm{~N} \mathrm{~m}^2 \mathrm{C}^{-2}, \mathrm{~g}=10 \mathrm{~ms}^{-1}$ )