हाइड्रोजन जैसे आयन को उसकी मूल अवस्था में आयनित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा $9$ रिडबर्ग है। जब इस आयन में इलेक्ट्रॉन दूसरी उत्तेजित अवस्था से मूल अवस्था में कूदता है,तो उत्सर्जित विकिरण की तरंग दैर्ध्य क्या होगी? ........$nm$

  • A
    $35.8$
  • B
    $24.2$
  • C
    $8.6$
  • D
    $11.4$

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डी-ब्रोग्ली परिकल्पना के अनुसार,यदि हाइड्रोजन परमाणु की $5.3 \times 10^{-11} \ m$ त्रिज्या वाली कक्षा में इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य $10^{-10} \ m$ है,तो इलेक्ट्रॉन का मुख्य क्वांटम संख्या .......... है।

हाइड्रोजन परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन $n_1$ से $n_2$ में संक्रमण करता है। यदि प्रारंभिक अवस्था में इलेक्ट्रॉन का आवर्तकाल अंतिम अवस्था की तुलना में आठ गुना है,तो:

कथन : बोर को यह अभिधारणा (postulate) देनी पड़ी कि नाभिक के चारों ओर स्थिर कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन विकिरण उत्सर्जित नहीं करते हैं।
कारण : चिरसम्मत भौतिकी (classical physics) के अनुसार सभी गतिशील इलेक्ट्रॉन विकिरण उत्सर्जित करते हैं।

विराम अवस्था में स्थित एक हाइड्रोजन परमाणु $n = 2$ से $n = 1$ में संक्रमण के दौरान एक फोटॉन उत्सर्जित करता है। $\text{गलत}$ कथन चुनिए।

एक स्थिर हाइड्रोजन परमाणु $n=5$ से $n=4$ में संक्रमण करता है। परमाणु की प्रतिक्षेप चाल (recoil speed) क्या होगी? (जहाँ $R=$ रिडबर्ग नियतांक,$h=$ प्लांक नियतांक और $m=$ हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान)।

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