(A) मान लीजिए कि चतुर्भुज $PQRS$ के विकर्ण $PR$ और $QS$ बिंदु $O$ पर समकोण पर प्रतिच्छेद करते हैं।
अतः,$\angle POQ = \angle QOR = \angle ROS = \angle SOP = 90^{\circ}$।
समकोण $\triangle POQ$ में,पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार: $PQ^{2} = PO^{2} + OQ^{2}$।
समकोण $\triangle ROS$ में,पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार: $RS^{2} = RO^{2} + OS^{2}$।
इन दोनों समीकरणों को जोड़ने पर: $PQ^{2} + RS^{2} = PO^{2} + OQ^{2} + RO^{2} + OS^{2}$ --- (समीकरण $1$)।
समकोण $\triangle SOP$ में,पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार: $PS^{2} = SO^{2} + OP^{2}$।
समकोण $\triangle QOR$ में,पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार: $QR^{2} = OQ^{2} + OR^{2}$।
इन दोनों समीकरणों को जोड़ने पर: $PS^{2} + QR^{2} = SO^{2} + OP^{2} + OQ^{2} + OR^{2}$ --- (समीकरण $2$)।
समीकरण $1$ और समीकरण $2$ की तुलना करने पर,हम देखते हैं कि दाईं ओर के पक्ष समान हैं।
अतः,$PQ^{2} + RS^{2} = PS^{2} + QR^{2}$।