(A) एक फलन $h$ का प्रतिलोम तभी अस्तित्व में होता है यदि वह एकैकी (one-one) और आच्छादक (onto) (अर्थात बाइजेक्शन) हो।
$1$. एकैकी की जाँच: फलन $h$ प्रांत $\{2, 3, 4, 5\}$ के भिन्न अवयवों को सह-प्रांत $\{7, 9, 11, 13\}$ के भिन्न अवयवों से जोड़ता है। विशेष रूप से,$h(2)=7, h(3)=9, h(4)=11, h(5)=13$ है। चूँकि प्रांत के किन्हीं भी दो अवयवों का प्रतिबिंब समान नहीं है,इसलिए $h$ एकैकी है।
$2$. आच्छादक की जाँच: $h$ का परिसर $\{7, 9, 11, 13\}$ है,जो सह-प्रांत के बराबर है। अतः,सह-प्रांत के प्रत्येक अवयव का प्रांत में पूर्व-प्रतिबिंब मौजूद है। इसलिए,$h$ आच्छादक है।
चूँकि $h$ एकैकी और आच्छादक दोनों है,इसलिए यह एक बाइजेक्शन है। अतः,फलन $h$ का प्रतिलोम अस्तित्व में है।