(N/A) $(i)$ जीन प्रवास या जीन प्रवाह: इसमें उत्प्रवास या आप्रवास शामिल है। जब जनसंख्या का एक हिस्सा दूसरी जगह और दूसरी जनसंख्या में प्रवास करता है,तो मूल जनसंख्या के साथ-साथ नई जनसंख्या में भी जीन आवृत्तियाँ बदल जाती हैं। नई जनसंख्या में नए जीन/एलील जुड़ जाते हैं और पुरानी जनसंख्या से ये खो जाते हैं। यदि यह जीन प्रवास कई बार होता है तो इसे जीन प्रवाह कहा जाता है।
$(ii)$ आनुवंशिक विचलन (Genetic drift): यदि यही परिवर्तन संयोग से होता है,तो इसे आनुवंशिक विचलन कहा जाता है। कभी-कभी जनसंख्या के नए नमूने में एलील आवृत्ति में परिवर्तन इतना अलग होता है कि वे एक अलग प्रजाति बन जाते हैं। मूल विचलित जनसंख्या संस्थापक बन जाती है और इस प्रभाव को संस्थापक प्रभाव (Founder effect) कहा जाता है।
$(iii)$ उत्परिवर्तन (Mutation): ये आनुवंशिक पदार्थ में अचानक,बड़े,स्वतःस्फूर्त और वंशानुगत परिवर्तन हैं। सूक्ष्मजीव प्रयोग दिखाते हैं कि पहले से मौजूद लाभकारी उत्परिवर्तन जब चुने जाते हैं,तो नए फेनोटाइप (लक्षणप्रारूप) देखने को मिलते हैं। कुछ पीढ़ियों के बाद,इसके परिणामस्वरूप नई प्रजातियों का निर्माण (speciation) होता है। प्राकृतिक चयन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बेहतर उत्तरजीविता को सक्षम करने वाली वंशानुगत विविधताएं जीवों को प्रजनन करने और अधिक संख्या में संतान छोड़ने की अनुमति देती हैं। उत्परिवर्तन जीन पूल में नए जीन और एलील पेश करते हैं।